राजाराम हत्याकांड: हत्यारोपी दिलनाज का ऑडियो वायरल; पुलिस पर अधिवक्ता का नाम लेने के दबाव का आरोप, जांच शुरू
Kanpur News: कोतवाली इंस्पेक्टर जगदीश पांडेय ने बताया कि हत्यारोपी चौबेपुर के हकीमनगर निवासी दिलनाज से को तीन घंटे पूछताछ की गई।
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कानपुर में राजाराम हत्याकांड से जुड़ा एक ऑडियो वायरल हुआ। वायरल ऑडियो हत्यारोपी दिलनाज का बताया जा रहा है। ऑडियो के अनुसार युवक पर पुलिस की पूछताछ में अधिवक्ता राकेश तिवारी का नाम लेने का दबाव बनाया जा रहा है। हालांकि संवाद न्यूज एजेंसी इस वायरल ऑडियो की पुष्टि नहीं करती है। तीन मिनट 12 सेकेंड के इस ऑडियो में एक युवक पूछता है कि क्या कर रहे थे, तो दूसरा बताता है कि पहले पूछताछ की फिर कहा कि नाम ले लो तिवारी जी का।
सीधे-सीधे नाम घसीटने के लिए कह रहे थे, लगे हैं सही से बहुत अच्छे से। कह रहे थे नाम ले लो तुम्हारा काम करवा देंगे। अब तुम जेल नहीं जाओगे, जेल से तो आ ही गए हो। मामले में जब सजा पड़ेगी तब देखा जाएगा। तुम अगर नाम ले लोगे तो...सही बात है, जबरदस्ती कह रहे थे इनका नाम ले लो, किसका राकेश तिवारी का। दूसरा युवक पूछता है और किसी का नाम लेने को कह रहे थे। रेखा वर्मा, लक्ष्मी वर्मा और राजबहादुर का नाम तो है ही मुख्य आरोपी इन्हें बनाया जाएगा।
कोई राज है, जो अभी खुला नहीं है
युवक कहता है हमें लालच दिया जा रहा है। आज बुलाया जा रहा है थाने, दूसरा पूछता है कहां मूलगंज थाने। कहता है हां एक बार बुला चुके हैं, दोबारा बुला रहे हैं। ऑफर दे रहे हैं। कह रहे थे फंसा तो हम लोग लेंगे ही चाहे जैसे भी। वहां मूलगंज एसओ ले जाता है। एक और राहे गोरा-गोरा, कमिश्नर से छोटा है शायद। नाम नहीं पता, कमिश्नर के बगल में बैठा था, वो अधिकारी। युवक कहता है कि अब हमें लग रहा है कि है। इसमें कोई राज है, जो अभी खुला नहीं है।
आरोपी शूटर के बयान पर राकेश तिवारी पर कोई कार्रवाई नहीं होगी
पास बैठा युवक उसे समझाता है कि जबरदस्ती का है कुछ है नहीं। कोतवाली इंस्पेक्टर जगदीश पांडेय ने बताया कि हत्यारोपी चौबेपुर के हकीमनगर निवासी दिलनाज से बुधवार को तीन घंटे पूछताछ की गई। गुरुवार को फिर पूछताछ की जाएगी। हालांकि, उसने ऐसे किसी ऑडियो की जानकारी से इन्कार किया गया है। वायरल ऑडियो मामले में पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने बताया कि आरोपी शूटर के बयान पर राकेश तिवारी पर कोई कार्रवाई नहीं होगी।
रुपयों को लेकर अंकित से मारपीट भी हुई थी
कार्रवाई अभिलेखीय आधार पर ही होगी। आरोपी शूटर रोहित ने अंकित यादव का नाम लिया है। कहा है वह उसे ही जानता है। पूछताछ में उसने कबूला है कि अंकित ने उसे कचहरी में सेटिंग होने का भरोसा दिया था। कहा था कि परेशान न होना मंत्री जी बाहर निकाल लेंगे। उस समय वह जेल में बंद था उसे बहन की शादी के लिए रुपये की जरूरत थी। वह नौ माह जेल में रहा। वहां रुपयों को लेकर उसकी अंकित से मारपीट भी हुई थी।