राहुल-अखिलेश ने किया था आचार संहिता का उल्लंघन, अब वसूला जाएगा किराया
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किराया नहीं पता, कैसे भेजेंगे मांगपत्र
सूत्रों के अनुसार इस संबंध में आला प्रशासनिक अधिकारियों ने डीआईओएस से भी बात की है। किराया नहीं पता, कैसे भेजेंगे मांगपत्र हास्यास्पद बात तो यह है कि किराया वसूलने का मानक प्रशासनिक अमले को पता ही नहीं है। जीआईसी प्रशासन का कहना है कि मुख्य कोषाधिकारी या अन्य माध्यम से प्रति वर्गमीटर के हिसाब से किराया वसूलने का नियम समझा जाएगा। फिर वसूली की जाएगी। इसके बाद इसकी सूचना रिटर्निंग ऑफिसर को दी जाएगी। डीएम ने भी किया आचार संहिता का उल्लंघन सरकारी संपत्ति पर चुनावी सभा आयोजित कर अखिलेश यादव और राहुल गांधी या उनके राजनीतिक दलों ने ही नहीं जिलाधिकारी/ जिला निर्वाचन अधिकारी ने भी चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन किया है।
आचार संहिता का पालन कराने वालों ने ही इसे तोड़ा
इलाहाबाद हाईकोर्ट के वकील रवि किरन जैन के अनुसार आचार संहिता के विरुद्ध सरकारी संपत्ति में चुनावी सभा की अनुमति देकर अधिकारियों ने उल्लंघन किया है। यह और भी गंभीर इसलिए है कि आचार संहिता का पालन कराने वालों ने ही इसे तोड़ा है। इस मामले में जितना राजनीतिक दल दोषी हैं अधिकारी भी दोषी माने जाएंगे। लोकसेवक को हो सकती है जेल वरिष्ठ अधिवक्ता विजय बक्शी के अनुसार नियमविरुद्ध चुनावी सभा के लिए सरकारी संपत्ति देने वाले लोकसेवक (जिलाधिकारी) पर आईपीसी की धारा 166(ए) के तहत कार्रवाई हो सकती है। कोई भी व्यक्ति मामला कोर्ट में ले जा सकता है। खास बात यह है कि इसके लिए सीआरपीसी की धारा 197 से भी छूट मिलेगी। यानी लोकसेवक के खिलाफ मुकदमा कराने के लिए सरकार से अनुमति भी नहीं लेनी होगी। ड्यूटी के विपरीत आचरण करने के दोषी अधिकारी को छह महीने से लेकर दो वर्ष तक की सजा हो सकती है।