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Kanpur News: आलू भंडारण में राहत का प्रावधान, सत्यापन में अटक गया अनुदान

Wed, 07 Oct 2026 02:25 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Wed, 07 Oct 2026 02:25 AM IST
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Provision for relief in potato storage; subsidy stuck at the verification stage.
कानपुर। आलू के गिरते भाव से राहत देने के लिए सरकार ने भंडारण शुल्क में प्रति कुंतल 100 रुपये की छूट का प्रावधान किया, लेकिन राहत पाने की राह किसानों के लिए आसान नहीं है। पोर्टल पर दस्तावेजों के मिलान और सत्यापन में आवेदन अटक रहे हैं। जिले में एक हजार से अधिक किसानों ने अनुदान के लिए आवेदन किया है, जिनमें 500 से अधिक अभी सत्यापन की प्रक्रिया में हैं। किसान कोल्ड स्टोर से लेकर उद्यान विभाग तक चक्कर लगा रहे हैं।
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जिले में इस वर्ष करीब 20 हजार हेक्टेयर में आलू की खेती हुई और करीब 60 लाख क्विंटल उत्पादन हुआ। समय पर निकासी न होने और बाजार में मांग कमजोर रहने से किसानों को लागत के अनुरूप भाव नहीं मिल सका। मौजूदा समय में अच्छी गुणवत्ता का आलू 450 से 500 रुपये प्रति पैकेट, जबकि कम गुणवत्ता वाला आलू करीब 300 रुपये प्रति पैकेट बिक रहा है। एक पैकेट में 50 किलो आलू आता है।
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सितंबर से अब तक योजना के तहत एक हजार से अधिक आवेदन आए हैं। इनमें 455 आवेदन कोल्ड स्टोर से सत्यापित होकर उद्यान विभाग पहुंचे। इसमें 81 किसानों को 4.25 लाख रुपये का अनुदान मिल चुका है, जबकि करीब 297 आवेदन निरस्त किए गए हैं। 421 आवेदन अभी कोल्ड स्टोर स्तर पर लंबित हैं।
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खसरा से लेकर आधार व खाता तक की कमी में फंस रहा आवेदन

योजना में कोल्ड स्टोर की रसीद, आधार, खतौनी और अन्य अभिलेखों में नाम व विवरण का मिलान जरूरी है। दस्तावेजों में मामूली अंतर भी आवेदन रोक दे रहा है। कहीं खसरा गलत है तो कहीं जमीन किसी दूसरे व्यक्ति के नाम दर्ज है, जबकि आलू उत्पादन करने वाला किसान अलग है। आधार और बैंक पासबुक में विवरण अलग होने पर भी आवेदन आगे नहीं बढ़ पा रहा है।




वर्जन

आवेदन पहले कोल्ड स्टोरेज स्तर पर सत्यापित होता है। इसके बाद जिला स्तर पर दस्तावेजों की जांच की जाती है। करीब 295 आवेदन निरस्त किए गए हैं और 81 किसानों को अनुदान मिल चुका है। 500 से अधिक आवेदन अभी सत्यापन के लिए लंबित हैं। - उमेश चंद्र उत्तम, जिला उद्यान अधिकारी
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