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‘प्रमोशन में आरक्षण चाहिए’
ब्यूरो, अमर उजाला कानपुर
Updated Mon, 07 Sep 2015 01:54 AM IST
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अनुसूचित जाति/जनजाति संगठनों का अखिल भारतीय परिसंघ के चेयरमैन और भाजपा सांसद डॉ. उदित राज ने कहा कि प्रमोशन में आरक्षण लेकर ही रहेंगे। देश में उत्तर प्रदेश हला ऐसा राज्य हैं, जहां पर आरक्षण का लाभ लेकर प्रमोशन पाए अफसरों और कर्मचारियों के डिमोशन (पदावनति) की प्रक्रिया चालू कर दी गई है।
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छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय के सभागार में आयोजित मंडलीय सम्मेलन में उन्होंने कहा कि प्रमोशन में आरक्षण बिल को शीतकालीन सत्र में पास कराकर रहेंगे। अगर यह बिल पास हो गया तो उत्तर प्रदेश में रिवर्ट किए गए अधिकारियों और कर्मचारियों को उसी पोस्ट पर वापस कराया जाएगा।
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इसके लिए 1 नवंबर को लखनऊ में रैली और 7 दिसंबर को रामलीला मैदान दिल्ली में रैली होगी। अध्यक्षता कर रहे राष्ट्रीय समन्वयक जग जीवन प्रसाद ने कहा कि दलित किसानों की जमीन खरीदने के बिल का विरोध किया जाएगा। यह काला कानून है।
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मंच पर डॉ. अंजू काजल, राधेश्याम, बीडी भारतीय, प्रदेश अध्यक्ष, महेंद्र गौतम, पंचम लाल, केपी चौधरी, राजकुमार गौतम और गुड्डू सोनकर मौजूद रहे।
सीएम नहीं पर मुलायम दलित विरोधी- उदित राज
सांसद डॉ. उदित राज ने कहा कि सीएम अखिलेश सिंह उतने दलित विरोधी नहीं है जितने कि सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव। उत्तर प्रदेश में इस समय सबसे ज्यादा दलित उत्पीड़न है। ‘अमर उजाला’ से बातचीत में उन्होंने कहा कि दरअसल मुलायम सिंह दलितों को बसपा सुप्रीमो मायावती का वोटबैंक समझ बैठे हैं इसीलिए वह दलितों का विरोध करते हैं।
मुलायम सिंह और मायावती के झगड़े में दलितों का नुकसान हो रहा है। दलितों की सोच बदल रही है। दलित अब उसी के साथ रहेगा जो उसके अधिकारों की लड़ाई लड़े़गा। भाजपा में वह दलितों की आवाज उठा रहे हैं। भाजपा दलितों के लिए काम कर रही है।
अनुशासन में रहने की नसीहत
कार्यक्रम की शुरुआत में संचालन कर रहे आरके गौतम के यह कहने पर कि मैं तो संचालन ही करूंगा, उदित राज ने डपटते हुए कहा कि अनुशासन में रहिए।
सांसद के कार्यक्रम में आने से पहले सभागार में पहली लाइन में बैठे लोगों से कहा गया था कि सांसद के साथ दिल्ली से कई लोग आ रहे हैं इसलिए यह जगह खाली कर दी जाए। इस पर कुछ लोग विरोध करते हुए जमीन पर बैठ गए थे। यह शिकायत भी उन तक पहुंची थी।