{"_id":"c2f8650fc48f87466049992c7500d385","slug":"process-of-refund-is-complex-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"रिफंड प्रक्रिया जटिल, फंसती है पूंजी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रिफंड प्रक्रिया जटिल, फंसती है पूंजी
अमर उजाला, ब्यूरो
Updated Thu, 18 Feb 2016 02:04 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट आर्गनाइजेशन (फिओ) ने आगामी बजट में निर्यातकों के लिए टैक्स प्रावधानों में संशोधन की मांग की है।
फिओ ने वित्त मंत्री को भेजे गए सुझाव पत्र में सेवा कर के रिफंड को जटिल प्रक्रिया बताया है। कहा है कि इससे निर्यातकों की कार्यशील पूंजी फंस जाती है। ऐसे में निर्यात को सेवा कर से मुक्त किया जाना चाहिए।
इसके अलावा बिल कलेक्शन पर लगने वाले बैंक शुल्क, निर्यात से जुड़ी विदेशी करेंसी, भेजी गई रकम के परिवर्तन पर लगने वाले सेवा शुल्क, निर्यात दस्तावेज पर कोरियर शुल्क, रिवर्स शुल्क मैकेनिज्म के तहत सेवा कर पर छूट मिलनी चाहिए।
फिओ के महानिदेशक अजय सहाय ने कहा कि ईपीसीजी स्कीम के तहत स्वदेशी मैन्यूफैक्चरिंग से पूंजीगत वस्तुओं की खरीदारी पर टर्मिनल उत्पाद कर से छूट दी जा सकती है।
विज्ञापन
मार्केटिंग न होने से एमएसएमई निर्यात प्रभावित हो रहा है। सरकारी की ओर से दी जा रही मार्केटिंग के लिए मदद पर्याप्त साबित नहीं हो रही है। ऐसे में सरकार निर्यात विकास कोष का सृजन करे ताकि उन्हें मदद मिल सके। निर्यात में वर्तमान गिरावट को देखते हुए सालाना होने वाली निर्यात बढ़ोतरी के आधार पर वित्तीय प्रोत्साहन दिया जाना चाहिए।
विज्ञापन
फिओ ने वित्त मंत्री को भेजे गए सुझाव पत्र में सेवा कर के रिफंड को जटिल प्रक्रिया बताया है। कहा है कि इससे निर्यातकों की कार्यशील पूंजी फंस जाती है। ऐसे में निर्यात को सेवा कर से मुक्त किया जाना चाहिए।
इसके अलावा बिल कलेक्शन पर लगने वाले बैंक शुल्क, निर्यात से जुड़ी विदेशी करेंसी, भेजी गई रकम के परिवर्तन पर लगने वाले सेवा शुल्क, निर्यात दस्तावेज पर कोरियर शुल्क, रिवर्स शुल्क मैकेनिज्म के तहत सेवा कर पर छूट मिलनी चाहिए।
विज्ञापन
फिओ के महानिदेशक अजय सहाय ने कहा कि ईपीसीजी स्कीम के तहत स्वदेशी मैन्यूफैक्चरिंग से पूंजीगत वस्तुओं की खरीदारी पर टर्मिनल उत्पाद कर से छूट दी जा सकती है।
विज्ञापन
मार्केटिंग न होने से एमएसएमई निर्यात प्रभावित हो रहा है। सरकारी की ओर से दी जा रही मार्केटिंग के लिए मदद पर्याप्त साबित नहीं हो रही है। ऐसे में सरकार निर्यात विकास कोष का सृजन करे ताकि उन्हें मदद मिल सके। निर्यात में वर्तमान गिरावट को देखते हुए सालाना होने वाली निर्यात बढ़ोतरी के आधार पर वित्तीय प्रोत्साहन दिया जाना चाहिए।