{"_id":"68d2fbc2b8f59c44b706d653","slug":"practice-of-reading-and-writing-strengthens-the-grip-on-the-language-kanpur-news-c-220-1-ka21001-132082-2025-09-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kanpur News: पढ़ने-लिखने के अभ्यास से भाषा पर पकड़ होती मजबूत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kanpur News: पढ़ने-लिखने के अभ्यास से भाषा पर पकड़ होती मजबूत
Wed, 24 Sep 2025 01:27 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
Updated Wed, 24 Sep 2025 01:27 AM IST
विज्ञापन
रसूलाबाद। निपुण भारत मिशन के अंतर्गत आरपीएस इंटर कॉलेज में शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। मंगलवार को प्रशिक्षण में पहुंचे खंड शिक्षा अधिकारी अजब सिंह ने कहा कि बच्चों को रोज पढ़नें और लिखने का अभ्यास कराया जाए। इससे भाषा पर पकड़ मजबूत होती है।
उन्होंने शिक्षकों से कहा कि बच्चों को अपने विचार व्यक्त करने के लिए प्रेरित करें। उन्हें सिखाने के लिए मजेदार खेल और गतिविधियों को शामिल करें। संदर्भदाता पारुल निरंजन ने भाषा के साप्ताहिक शिक्षण चक्र की जानकारी दी। संदर्भदाता हिमांशु गुप्ता ने कहा कि कक्षा एक से तीन तक के बच्चों में मौखिक तर्कशीलता विकसित करनी चाहिए। इसके लिए बच्चों से संवाद करें और उन्हें बोलने का अवसर प्रदान करें।
संदर्भदाता सोनू सिंह ने ब्लेंडिंग और ग्रिड के माध्यम से शब्द पठन के अभ्यास के महत्व को बताया। संंदर्भदाता मुकेश दिवाकर ने कक्षा एक से तीन की पाठ्यपुस्तक व कार्य पुस्तिका की गतिविधियों के विषय पर चर्चा की। कहा कि बच्चों को समूह में गतिविधियां कराएं। संदर्भदाता दिनेश कुमार ने भाषा के उपचारात्मक शिक्षण की रणनीतियों और समावेशी वातावरण के निर्माण किए जाने के विषय पर विस्तार से बताया। प्रशिक्षण में किरण चतुर्वेदी, सर्वेश कुमार, साधना, सीमा, राजेश, महेश, सुमीर, पूनम, बेबी, रीना, इदरीश आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
उन्होंने शिक्षकों से कहा कि बच्चों को अपने विचार व्यक्त करने के लिए प्रेरित करें। उन्हें सिखाने के लिए मजेदार खेल और गतिविधियों को शामिल करें। संदर्भदाता पारुल निरंजन ने भाषा के साप्ताहिक शिक्षण चक्र की जानकारी दी। संदर्भदाता हिमांशु गुप्ता ने कहा कि कक्षा एक से तीन तक के बच्चों में मौखिक तर्कशीलता विकसित करनी चाहिए। इसके लिए बच्चों से संवाद करें और उन्हें बोलने का अवसर प्रदान करें।
विज्ञापन
संदर्भदाता सोनू सिंह ने ब्लेंडिंग और ग्रिड के माध्यम से शब्द पठन के अभ्यास के महत्व को बताया। संंदर्भदाता मुकेश दिवाकर ने कक्षा एक से तीन की पाठ्यपुस्तक व कार्य पुस्तिका की गतिविधियों के विषय पर चर्चा की। कहा कि बच्चों को समूह में गतिविधियां कराएं। संदर्भदाता दिनेश कुमार ने भाषा के उपचारात्मक शिक्षण की रणनीतियों और समावेशी वातावरण के निर्माण किए जाने के विषय पर विस्तार से बताया। प्रशिक्षण में किरण चतुर्वेदी, सर्वेश कुमार, साधना, सीमा, राजेश, महेश, सुमीर, पूनम, बेबी, रीना, इदरीश आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन