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मरे शख्स को गारंटर बनाकर बैंक से लिया था एक करोड़ का लोन, पुलिस ने आरोपी कथित वकील को किया गिरफ्तार
Sat, 10 Aug 2019 10:01 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Sat, 10 Aug 2019 10:01 PM IST
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कैश (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : amar ujala
कानपुर के अनवरगंज में मरे शख्स को गारंटर बनाकर बैंक से कारोबार के नाम एक करोड़ रुपये हड़पने वाले शातिर कथित वकील को पुलिस ने शुक्रवार को धर दबोचा। उसके दो साथी पहले जेल जा चुके हैं। उनमें से एक अंतरिम जमानत पर बाहर है।
पूछताछ के बाद पुलिस ने शनिवार को उसे जेल भेज दिया। अनवरगंज इंस्पेक्टर के मुताबिक 2015 में रायपुरवा निवासी कथित वकील मुमताज अहमद ने बैंक ऑफ बड़ौदा चमड़ा मंडी शाखा से तीन-चार बार में कुल एक करोड़ रुपये का लोन लिया था।
बैंक में उसने चमनगंज निवासी मिताउल हक नाम के युवक की गारंटी लगाई थी। लोन चुकता नहीं किया तो बैंक ने जांच-पड़ताल की। पता चला कि मिताउल हक की पहले ही मौत हो चुकी है। उसकी जगह पर फर्जी दस्तावेज व फोटो लगाकर शब्बीर अहमद जाफरी ने गारंटी लगाई थी।
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इसमें इफ्तिखाराबाद निवासी अब्दुल कुद्दूस भी शामिल है। इस पर बैंक मैनेजर ने तीनों के खिलाफ 20 जुलाई 2018 में एफआईआर दर्ज कराई थी। शब्बीर व अब्दुल को पुलिस जेल भेज चुकी थी लेकिन मुमताज फरार था।
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पूछताछ के बाद पुलिस ने शनिवार को उसे जेल भेज दिया। अनवरगंज इंस्पेक्टर के मुताबिक 2015 में रायपुरवा निवासी कथित वकील मुमताज अहमद ने बैंक ऑफ बड़ौदा चमड़ा मंडी शाखा से तीन-चार बार में कुल एक करोड़ रुपये का लोन लिया था।
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बैंक में उसने चमनगंज निवासी मिताउल हक नाम के युवक की गारंटी लगाई थी। लोन चुकता नहीं किया तो बैंक ने जांच-पड़ताल की। पता चला कि मिताउल हक की पहले ही मौत हो चुकी है। उसकी जगह पर फर्जी दस्तावेज व फोटो लगाकर शब्बीर अहमद जाफरी ने गारंटी लगाई थी।
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इसमें इफ्तिखाराबाद निवासी अब्दुल कुद्दूस भी शामिल है। इस पर बैंक मैनेजर ने तीनों के खिलाफ 20 जुलाई 2018 में एफआईआर दर्ज कराई थी। शब्बीर व अब्दुल को पुलिस जेल भेज चुकी थी लेकिन मुमताज फरार था।