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Kanpur: 30 करोड़ के ट्रांजेक्शन में 35 म्यूल खाताधारक गिरफ्तार, 100 से अधिक शिकायतों पर दर्ज की गई है रिपोर्ट
Sat, 18 Jul 2026 10:10 PM IST
Shikha Pandey
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: Shikha Pandey
Updated Sat, 18 Jul 2026 10:10 PM IST
सार
कानपुर पुलिस ने साइबर अपराधियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। अलग-अलग थानों में दर्ज रिपोर्ट के आधार 35 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है।
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पुलिस गिरफ्त में आरोपी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
साइबर क्राइम सेल पश्चिम जोन ने शनिवार को 30 करोड़ रुपये का ट्रांजेक्शन करने वाले 35 म्यूल खाताधारकों को गिरफ्तार किया है। म्यूल खाता धारक पांच से 10 हजार रुपये लेकर अपने आधार और पेनकार्ड साइबर ठगों के सुपुर्द कर देते थे। पुलिस की जांच में सामने आया कि ठेले, खोमचे व चाय-पान के दुकानदारों के खातों से हजारों-लाखों का ट्रांजेक्शन किया गया है। पुलिस उपायुक्त पश्चिम एसएम कासिम आबिदी ने बताया कि इन म्यूल खाता धारकों के खिलाफ 10 अलग-अलग थानों में रिपोर्ट दर्ज की गई है।
साइबर ठग इन्हीं खाताधारकों के खातों में अलग-अलग राज्यों के लोगों से ठगी गई रकम भेजते और निकालते थे। उपायुक्त के मुताबिक, एनसीआरपी पोर्टल पर साइबर सेल को ऐसी कई शिकायतें मिलीं जिनमें शहर के कई बैंकों में खोले गए म्यूल खातों का इस्तेमाल ठगी की रकम मंगाने के लिए किया गया था। साइबर इन खातों में रकम मंगाने के लिए बोगस गेमिंग एप का प्रयोग करते थे।
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साइबर ठग इन्हीं खाताधारकों के खातों में अलग-अलग राज्यों के लोगों से ठगी गई रकम भेजते और निकालते थे। उपायुक्त के मुताबिक, एनसीआरपी पोर्टल पर साइबर सेल को ऐसी कई शिकायतें मिलीं जिनमें शहर के कई बैंकों में खोले गए म्यूल खातों का इस्तेमाल ठगी की रकम मंगाने के लिए किया गया था। साइबर इन खातों में रकम मंगाने के लिए बोगस गेमिंग एप का प्रयोग करते थे।
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घटना की जानकारी देते पुलिस अधिकारी
- फोटो : अमर उजाला
बदले में एप को भी कमीशन दिया जाता था। म्यूल खातों में रकम आते ही उसे या तो तत्काल निकाल लिया जाता था या फिर किसी दूसरे म्यूल खाते में भेज दिया जाता था। आईटी एक्ट में मामला दर्ज होने के कारण फिलहाल सभी को मुचलके पर छोड़ दिया गया है।
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ठगों तक पहुंचने का रास्ता तलाश रही पुलिस
पुलिस का कहना है कि साइबर ठग सीधे म्यूल खाते खुलवाने वालों के संपर्क में नहीं आते हैं। लिहाजा पकड़े गए इन खाताधारकों से पता किया जाएगा कि किसके कहने पर, किसे आधार और पेन कार्ड सौंपे। उन्हें पैसे देने वाला कौन है। इस तरह से असली साइबर ठगों तक पहुंचने का प्रयास किया जाएगा।
पुलिस का कहना है कि साइबर ठग सीधे म्यूल खाते खुलवाने वालों के संपर्क में नहीं आते हैं। लिहाजा पकड़े गए इन खाताधारकों से पता किया जाएगा कि किसके कहने पर, किसे आधार और पेन कार्ड सौंपे। उन्हें पैसे देने वाला कौन है। इस तरह से असली साइबर ठगों तक पहुंचने का प्रयास किया जाएगा।
ये हैं पकड़े गए 35 म्यूल खाताधारक
सरवन कुमार, सुसांत कुमार, ज्ञानेंद्र सिंह, देवेंद्र, मोहित, कुसवाह, रोहित गौतम, आदिल, अभिषेक, शमशाद, अकित, नाजिम, देशराज, गौरव, शज्जाद, अभय गुप्ता, आसिम हिंदरी, मोहम्मद फैजल, मनीष पाल, अभिषेक यादव, शिवेंद्र कुमार, आशीष कुमार, अभिषेक शर्मा, विशाल कुशवाह, विष्णु द्विवेदी, अवधेश कुमार, सुदामा, प्रेम शंकर, पुष्पेंद्र कुमार, अनिरुद्व तिवारी, शिवपूजन, शिवराम, जितेंद्र, चांदबाबू, अमित और नितिन के नाम शामिल हैं।
सरवन कुमार, सुसांत कुमार, ज्ञानेंद्र सिंह, देवेंद्र, मोहित, कुसवाह, रोहित गौतम, आदिल, अभिषेक, शमशाद, अकित, नाजिम, देशराज, गौरव, शज्जाद, अभय गुप्ता, आसिम हिंदरी, मोहम्मद फैजल, मनीष पाल, अभिषेक यादव, शिवेंद्र कुमार, आशीष कुमार, अभिषेक शर्मा, विशाल कुशवाह, विष्णु द्विवेदी, अवधेश कुमार, सुदामा, प्रेम शंकर, पुष्पेंद्र कुमार, अनिरुद्व तिवारी, शिवपूजन, शिवराम, जितेंद्र, चांदबाबू, अमित और नितिन के नाम शामिल हैं।