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अब नहीं रुलाएगा महंगा प्याज
अमर उजाला ब्यूरो/कानपुर
Updated Tue, 05 Apr 2016 01:15 AM IST
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संगोष्ठी में जानकारी देते डॉ. वी महाजन।
- फोटो : amarujala
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कानपुर। देशवासियों को अब प्याज की महंगाई नहीं सताएगी। पहले से सतर्क केंद्र सरकार ने 40 लाख मीट्रिक टन प्याज का स्टाक कर लिया है। सितंबर और अक्तूबर के दौरान जो प्याज खेतों में लगाया गया है, उससे बेहतर पैदावार भी मिलने की उम्मीद है। कृषि विज्ञानियों ने प्याज की तमाम नई प्रजातियां विकसित की हैं। इससे प्याज की पैदावार में बढ़ोतरी संभव है।
भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) की सातवीं लहसुन, प्याज की दो दिवसीय ग्रुप मीटिंग का पहला टेक्निकल सेशन सोमवार को भारतीय दलहन अनुसंधान संस्थान (आईआईपीआर) में हुआ। बता दें मीटिंग कराने की जिम्मेदारी चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कानपुर को मिली है। इसका उद्घाटन आईआईपीआर के उप महानिदेशक उद्यान डॉ. एनके कृष्ण कुमार, नेशनल हार्टिकल्चर रिसर्च एंड डेवलपमेंट फाउंडेशन नासिक के निदेशक डॉ. आरपी गुप्ता और आईआईपीआर के निदेशक प्रो. एनके सिंह ने किया। इसके बाद लहसुन और प्याज पर अच्छा रिसर्च करने वाले नेशनल हार्टिकल्चर रिसर्च एंड डेवलपमेंट फाउंडेशन नासिक के निदेशक डॉ. आरपी गुप्ता ने प्रजेंटेशन दिया। उन्होंने बताया कि प्याज की नई प्रजाति (एनएचआरडी रेड-3 और 4 नंबर) से प्रोडक्शन बढ़ेगा। यह प्रजाति रोग प्रतिरोधी है। सामान्य तरीके से ज्यादा दिनों तक रखा जा सकता है। अभी प्याज 20-25 दिन ही रखा जा सकता है लेकिन नई प्रजाति 40 से 45 दिन चल जाएगी।
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भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) की सातवीं लहसुन, प्याज की दो दिवसीय ग्रुप मीटिंग का पहला टेक्निकल सेशन सोमवार को भारतीय दलहन अनुसंधान संस्थान (आईआईपीआर) में हुआ। बता दें मीटिंग कराने की जिम्मेदारी चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कानपुर को मिली है। इसका उद्घाटन आईआईपीआर के उप महानिदेशक उद्यान डॉ. एनके कृष्ण कुमार, नेशनल हार्टिकल्चर रिसर्च एंड डेवलपमेंट फाउंडेशन नासिक के निदेशक डॉ. आरपी गुप्ता और आईआईपीआर के निदेशक प्रो. एनके सिंह ने किया। इसके बाद लहसुन और प्याज पर अच्छा रिसर्च करने वाले नेशनल हार्टिकल्चर रिसर्च एंड डेवलपमेंट फाउंडेशन नासिक के निदेशक डॉ. आरपी गुप्ता ने प्रजेंटेशन दिया। उन्होंने बताया कि प्याज की नई प्रजाति (एनएचआरडी रेड-3 और 4 नंबर) से प्रोडक्शन बढ़ेगा। यह प्रजाति रोग प्रतिरोधी है। सामान्य तरीके से ज्यादा दिनों तक रखा जा सकता है। अभी प्याज 20-25 दिन ही रखा जा सकता है लेकिन नई प्रजाति 40 से 45 दिन चल जाएगी।
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