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यहां अब स्टूडेंट्स सीखेंगे बीयर बनाना, चलेंगी क्लासेज
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, कानपुर
Updated Wed, 07 Sep 2016 12:33 PM IST
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नेशनल शुगर इंस्टीट्यूट (एनएसआई) के स्टूडेंटों को अब बीयर बनाने का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके लिए नैनो ग्रीवरी लैब स्थापित की गई है। इस पर एक करोड़ 40 लाख रुपये खर्च हुए हैं। लैब का उद्घाटन उपभोक्ता मामलों के केंद्रीय मंत्री राम विलास पासवान 8 सितंबर को करेंगे। एनएसआई एनालिटिकल लैब का उद्घाटन भी होगा।
एनएसआई दीक्षांत समारोह 8 सितंबर को होगा। इसमें 2008 से 2015 के बीच पढ़ाई करने वाले 1500 स्टूडेंटों को डिग्री दी जाएगी। इसी सिलसिले में निदेशक प्रो. नरेंद्र मोहन मंगलवार को एनएसआई में पत्रकारों से बात की और कहा कि एथेनॉल यूनिट पहली बार स्थापित की गई है। नैनो ग्रीवरी इक्विपमेंट इसी यूनिट का हिस्सा है। इसके जरिये अल्कोहल टेक्नोलॉजी के स्टूडेंटों को बीयर बनाने का प्रशिक्षण दिया जाएगा। अलग-अलग टेक्नोलॉजी के करीब 500 स्टूडेंट भी प्रशिक्षण प्राप्त कर सकेंगे। अब गन्ना के शीरे के साथ ही मीठे आलू, मीठी चरी (जानवरों का हर भोजन), चुकंदर और खराब अनाज (टूटे चावल सहित अन्य अनाज) से एथेनॉल, अल्कोहल बनाया जाएगा। इसका सीधा फायदा पब्लिक को मिलेगा। एथेनॉल की पेट्रोल में मिलावट बढ़ गई है। इससे पेट्रोल के दाम कम होंगे। निदेशक ने बताया कि नेशनल एक्रीडिटेशन बोर्ड फॉर लेबोरेट्री टेस्टिंग (एनएबीएल) से एनएसआई एनालिटिकल लैब का सर्टिफिकेशन कराया जाएगा। इसके बाद चीनी के आयात, निर्यात और उसकी गुणवत्ता का अंतरराष्ट्रीय सर्टिफिकेट जारी किया जा सकेगा। इस लैब की स्थापना पर डेढ़ करोड़ रुपये खर्च होंगे।
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एनएसआई दीक्षांत समारोह 8 सितंबर को होगा। इसमें 2008 से 2015 के बीच पढ़ाई करने वाले 1500 स्टूडेंटों को डिग्री दी जाएगी। इसी सिलसिले में निदेशक प्रो. नरेंद्र मोहन मंगलवार को एनएसआई में पत्रकारों से बात की और कहा कि एथेनॉल यूनिट पहली बार स्थापित की गई है। नैनो ग्रीवरी इक्विपमेंट इसी यूनिट का हिस्सा है। इसके जरिये अल्कोहल टेक्नोलॉजी के स्टूडेंटों को बीयर बनाने का प्रशिक्षण दिया जाएगा। अलग-अलग टेक्नोलॉजी के करीब 500 स्टूडेंट भी प्रशिक्षण प्राप्त कर सकेंगे। अब गन्ना के शीरे के साथ ही मीठे आलू, मीठी चरी (जानवरों का हर भोजन), चुकंदर और खराब अनाज (टूटे चावल सहित अन्य अनाज) से एथेनॉल, अल्कोहल बनाया जाएगा। इसका सीधा फायदा पब्लिक को मिलेगा। एथेनॉल की पेट्रोल में मिलावट बढ़ गई है। इससे पेट्रोल के दाम कम होंगे। निदेशक ने बताया कि नेशनल एक्रीडिटेशन बोर्ड फॉर लेबोरेट्री टेस्टिंग (एनएबीएल) से एनएसआई एनालिटिकल लैब का सर्टिफिकेशन कराया जाएगा। इसके बाद चीनी के आयात, निर्यात और उसकी गुणवत्ता का अंतरराष्ट्रीय सर्टिफिकेट जारी किया जा सकेगा। इस लैब की स्थापना पर डेढ़ करोड़ रुपये खर्च होंगे।
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