{"_id":"5c319613bdec2257057f383b","slug":"news-related-to-transporter-of-kanpur","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"सामने आई कनपुरिया ट्रांसपोर्टरों की बड़ी धांधली, छापेमारी में सेंट्रल जीएसटी के हाथ लगे अहम सुराग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सामने आई कनपुरिया ट्रांसपोर्टरों की बड़ी धांधली, छापेमारी में सेंट्रल जीएसटी के हाथ लगे अहम सुराग
Sun, 06 Jan 2019 05:09 PM IST
शिखा पांडेय
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Sun, 06 Jan 2019 05:09 PM IST
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डेमो पिक
फर्जी फर्मों को माल की आपूर्ति कराने में कानपुर शहर के कुछ ट्रांसपोर्टरों की भूमिका सामने आई है। सेंट्रल जीएसटी और स्टेट जीएसटी मुख्यालय की शुरुआती जांच में इसका खुलासा हुआ है। हालांकि जांच पूरी न होने तक इन ट्रांसपोर्टरों के नाम गोपनीय रखे गए हैं।
फिलहाल ये तय हो गया है कि फर्जी फर्म संचालकों के साथ मिलीभगत कर ये ट्रांसपोर्टर जीएसटी चोरी करवाने की कड़ी साबित हो रहे हैं, लेकिन स्टेट जीएसटी का कानपुर जोनल कार्यालय इस खेल को रोकने में नाकाम साबित हुआ है।
दो सप्ताह पूर्व सेंट्रल जीएसटी की टीम ने देश भर में 35 ठिकानों पर छापा मारकर 200 करोड़ रुपये की सुपाड़ी का अवैध कारोबार पकड़ा था। पता चला था कि इतनी भारी भरकम सुपाड़ी का परिवहन तो हुआ लेकिन माल किसके जरिये आया और कहां गया इसकी जानकारी किसी को नहीं है। इस कारोबार में दो दर्जन से अधिक फर्जी फर्मों की संलिप्तता भी सामने आई।
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फिलहाल ये तय हो गया है कि फर्जी फर्म संचालकों के साथ मिलीभगत कर ये ट्रांसपोर्टर जीएसटी चोरी करवाने की कड़ी साबित हो रहे हैं, लेकिन स्टेट जीएसटी का कानपुर जोनल कार्यालय इस खेल को रोकने में नाकाम साबित हुआ है।
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दो सप्ताह पूर्व सेंट्रल जीएसटी की टीम ने देश भर में 35 ठिकानों पर छापा मारकर 200 करोड़ रुपये की सुपाड़ी का अवैध कारोबार पकड़ा था। पता चला था कि इतनी भारी भरकम सुपाड़ी का परिवहन तो हुआ लेकिन माल किसके जरिये आया और कहां गया इसकी जानकारी किसी को नहीं है। इस कारोबार में दो दर्जन से अधिक फर्जी फर्मों की संलिप्तता भी सामने आई।
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हत्थे चढ़े कुछ फर्जी फर्म संचालकों ने कानपुर के कुछ ट्रांसपोर्टरों के नाम बताए हैं जो माल की आपूर्ति में मददगार साबित हो रहे हैं। सेंट्रल जीएसटी की टीम ऐसे ट्रांसपोर्टरों पर शिकंजा कस रही है। इन्हें बुलाकर पूछताछ की जा रही है और माल के परिवहन से संबंधित ई-वे बिल जब्त किए जा रहे हैं।
सेंट्रल जीएसटी की यह कार्रवाई चल ही रही थी कि बीते गुरुवार को स्टेट जीएसटी लखनऊ की टीम ने शहर के चार ट्रांसपोर्टरों पर शिकंजा कसा। चारों ट्रांसपोर्टर फर्जीवाड़े में लिप्त पाए गए। एक के यहां तो 90 लाख की सुपाड़ी सीज भी की गई। तीन ट्रांसपोर्टरों के यहां व्यापारियों की बिल बुक मिली।
कुल मिलाकर सेंट्रल जीएसटी और स्टेट जीएसटी की नजरें अब शहर के ट्रांसपोर्टरों पर गड़ गई हैं। यह तय हो गया है कि फर्जी फर्मों के माल का परिवहन करवाने का ठेका शहर के ही कुछ ट्रांसपोर्टर लेते हैं।
सेंट्रल जीएसटी की यह कार्रवाई चल ही रही थी कि बीते गुरुवार को स्टेट जीएसटी लखनऊ की टीम ने शहर के चार ट्रांसपोर्टरों पर शिकंजा कसा। चारों ट्रांसपोर्टर फर्जीवाड़े में लिप्त पाए गए। एक के यहां तो 90 लाख की सुपाड़ी सीज भी की गई। तीन ट्रांसपोर्टरों के यहां व्यापारियों की बिल बुक मिली।
कुल मिलाकर सेंट्रल जीएसटी और स्टेट जीएसटी की नजरें अब शहर के ट्रांसपोर्टरों पर गड़ गई हैं। यह तय हो गया है कि फर्जी फर्मों के माल का परिवहन करवाने का ठेका शहर के ही कुछ ट्रांसपोर्टर लेते हैं।
डेमो पिक
औचक पकड़े 53 ट्रकों में 20 कानपुर के
कुछ माह पहले स्टेट जीएसटी लखनऊ की स्पेशल टास्क फोर्स ने आयरन और स्टील के अवैध कारोबार का खुलासा किया था। इसमें भी कानपुर के ट्रांसपोर्टरों की भूमिका सामने आई थी। हुआ ये था इन ट्रांसपोर्टरों ने ई-वे बिल को ठीक बनवाया था लेकिन माल कहां से लाए और कहां उतारा इसका विवरण आज तक नहीं मिला। यह काम व्यापक पैमाने पर होने की आशंका में कुछ दिन पहले स्पेशल टास्क फोर्स ने प्रदेश भर के प्रमुख मार्गों पर ट्रकों के ई-वे बिल चेक किए। 53 ऐसे ट्रक पकड़े गए जिनके ड्राइवर माल लाने का स्थान और माल उतारने का पता नहीं बता पाए। इनमें से 20 ट्रक कानपुर शहर के थे। इसी कड़ी में गुरुवार को स्टेट जीएसटी मुख्यालय की टीम ने यहां छापा मारा था।
कानपुर के अफसरों का नेटवर्क ध्वस्त
फर्जी फर्मों को माल की आपूर्ति करने का संगठित कारोबार शहर में फल फूल रहा है लेकिन शहर स्थित स्टेट जीएसटी के जोनल कार्यालय के अफसरों को इसकी भनक तक नहीं है। दोनों बड़े खुलासे दूसरी टीमों ने किए। मुख्यालय के अफसर भी मानने लगे हैं कि स्टेट जीएसटी के जोनल कार्यालय में ‘केशव लाल’ वाला दौर लौट आया है। इसी वजह से टैक्स चोरी रोकने स्थानीय अफसर नाकाम हैं। मुख्यालय यहां के एक अफसर पर बड़ी कार्रवाई की तैयारी कर रहा है।
कुछ माह पहले स्टेट जीएसटी लखनऊ की स्पेशल टास्क फोर्स ने आयरन और स्टील के अवैध कारोबार का खुलासा किया था। इसमें भी कानपुर के ट्रांसपोर्टरों की भूमिका सामने आई थी। हुआ ये था इन ट्रांसपोर्टरों ने ई-वे बिल को ठीक बनवाया था लेकिन माल कहां से लाए और कहां उतारा इसका विवरण आज तक नहीं मिला। यह काम व्यापक पैमाने पर होने की आशंका में कुछ दिन पहले स्पेशल टास्क फोर्स ने प्रदेश भर के प्रमुख मार्गों पर ट्रकों के ई-वे बिल चेक किए। 53 ऐसे ट्रक पकड़े गए जिनके ड्राइवर माल लाने का स्थान और माल उतारने का पता नहीं बता पाए। इनमें से 20 ट्रक कानपुर शहर के थे। इसी कड़ी में गुरुवार को स्टेट जीएसटी मुख्यालय की टीम ने यहां छापा मारा था।
कानपुर के अफसरों का नेटवर्क ध्वस्त
फर्जी फर्मों को माल की आपूर्ति करने का संगठित कारोबार शहर में फल फूल रहा है लेकिन शहर स्थित स्टेट जीएसटी के जोनल कार्यालय के अफसरों को इसकी भनक तक नहीं है। दोनों बड़े खुलासे दूसरी टीमों ने किए। मुख्यालय के अफसर भी मानने लगे हैं कि स्टेट जीएसटी के जोनल कार्यालय में ‘केशव लाल’ वाला दौर लौट आया है। इसी वजह से टैक्स चोरी रोकने स्थानीय अफसर नाकाम हैं। मुख्यालय यहां के एक अफसर पर बड़ी कार्रवाई की तैयारी कर रहा है।