यहां भरे पड़े हैं ‘शैतान’, मत चूको सुलखान...
- बबुली, गौरी, गोप्पा समेत कुख्यात डाकुओं की है फेहरिस्त
- स्थानीय माटी में पले-बढ़े नवनियुक्त डीजीपी से हैं उम्मीद
- भौगौलिक परिस्थितियों से अच्छी तरह वाकिफ हैं महानिदेशक
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
स्थानीय भौगौलिक परिस्थितियों से अच्छी तरह वाकिफ होने के कारण स्थानीय लोग आश्वस्त हैं कि अब जल्द शैतान का रूप लिए डाकुओं से क्षेत्र को मुक्ति मिलेगी। कुख्यात डाकुओं में साढ़े पांच लाख का इनामी बबुली कोल और एक लाख का गौरी यादव है। इसके बाद 50 हजारी गोप्पा, लवलेश पटेल व रजुलिया आदि हैं। ददुआ, ठोकिया, रागिया व बलखड़िया जैसे बड़े नामी डकैतों के मौत के घाट उतरने के बाद से जिले का कुछ माहौल बदला है लेकिन अभी भी जंगली व तराई इलाकों में कई डाकुओं की धमाचौकड़ी है।
किस पर कितना इनाम
डाकू बबुली कोल निवासी डोडा मारकुंडी- यूपी-एमपी से साढ़े पांच लाख, गौरीयादव निवासी बेलहरी-यूपी-एमपी से सवा लाख, रामगोपाल उर्फ गोप्पा निवासी हर्रा पहाड़ी- 50 हजार, रजुलिया निवासी कैलहा- 50 हजार, लवलेश पटेल निवासी- मारकुंडी- 50 हजार, छोटू कोल निवासी चमरौंहा- 50 हजार, लवलेश कोल निवासी घाटाकोलान- 12 हजार, खरदूषण उर्फभइयन निवासी नेउरा मऊ- 12 हजार, ललित पटेल मप्र- 15 हजार, रजुआ निवासी तरावं-12 हजार व महेंद्र पासी निवासी गौरिया देशाह पर 12 हजार का इनाम घोषित है।
दबोचने की है तैयारी
पुलिस अधीक्षक डीपी सिंह ने बताया कि सभी डकैतों को दबोचने की गुप्त रणनीति के साथ नियमित कांबिंग जारी है। दो टीमें तो हमेशा रात में जंगल में डाकुओं की तलाश में रहती हैं। सर्विलांस के जरिए पुलिस पता लगाने में जुटी है। डाकुओं के गुप्त रास्तों पर नजर है और दिन-रात इन रास्तों में एंबुश लगाकर मुठभेड़ का इंतजार है।