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शादी अनुदान घोटाला: अपात्रों का रजिस्टर भी बनाता था बाबू, छिपाता था अफसरों से, सामने आई हैरान करने वाली बात
Wed, 01 Sep 2021 01:47 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Wed, 01 Sep 2021 01:47 PM IST
सार
सूत्रों के अनुसार शिव गोविंद ने किसी भी अपात्र लाभार्थी का नाम सही रजिस्टर में नहीं चढ़ाया था। इसका खुलासा पुलिस की जांच में हुआ।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
कानपुर में समाज कल्याण विभाग में शादी अनुदान योजना का पटल बाबू शिव गोविंद शातिर किस्म का है। फर्जीवाड़े की जानकारी कानूनगो और लेखपाल तक न पहुंचे इसके लिए वह अनुदान योजना के तहत आने वाले फॉर्म के दो रजिस्टर बनाता था।
एक में पात्र और दूसरे में अपात्रों के नाम होते थे। अपात्रों के आवेदनों में फर्जीवाड़ा कर लाभ दिलवाता था। वह पात्र फार्मों की जांच के लिए भी 200 रुपये प्रति आवेदक से लेता था। सूत्रों के अनुसार शिव गोविंद ने किसी भी अपात्र लाभार्थी का नाम सही रजिस्टर में नहीं चढ़ाया था। इसका खुलासा पुलिस की जांच में हुआ।
शिव गोविंद और शेखर की बातचीत का ऑडियो बरामद
सूत्रों के अनुसार पुलिस को शेखर और शिव गोविंद की बातचीत की एक ऑडियो मिला है। जिसमें शेखर ने शिव गोविंद को अपात्रों की जांच तहसील से कराने की बात कही है। उसने कहा कि जांच तहसील से कराओ यहां से नहीं। तब तक मैं सारा मैनेज कर लूंगा।
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इस पर शिव गोविंद ने जवाब दिया कि 50 हजार रुपये का भी ऑफर दिया था लेकिन साहब नहीं मान रहे हैं। पुलिस ने इस ऑडियो को जांच में शामिल किया है। पुलिस की जांच में सामने आया कि शिव गोविंद और शेखर की पांच माह में 202 बार फोन पर बात हुई थी।
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एक में पात्र और दूसरे में अपात्रों के नाम होते थे। अपात्रों के आवेदनों में फर्जीवाड़ा कर लाभ दिलवाता था। वह पात्र फार्मों की जांच के लिए भी 200 रुपये प्रति आवेदक से लेता था। सूत्रों के अनुसार शिव गोविंद ने किसी भी अपात्र लाभार्थी का नाम सही रजिस्टर में नहीं चढ़ाया था। इसका खुलासा पुलिस की जांच में हुआ।
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शिव गोविंद और शेखर की बातचीत का ऑडियो बरामद
सूत्रों के अनुसार पुलिस को शेखर और शिव गोविंद की बातचीत की एक ऑडियो मिला है। जिसमें शेखर ने शिव गोविंद को अपात्रों की जांच तहसील से कराने की बात कही है। उसने कहा कि जांच तहसील से कराओ यहां से नहीं। तब तक मैं सारा मैनेज कर लूंगा।
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इस पर शिव गोविंद ने जवाब दिया कि 50 हजार रुपये का भी ऑफर दिया था लेकिन साहब नहीं मान रहे हैं। पुलिस ने इस ऑडियो को जांच में शामिल किया है। पुलिस की जांच में सामने आया कि शिव गोविंद और शेखर की पांच माह में 202 बार फोन पर बात हुई थी।