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दस रुपये के इलाज में दे दी लाइलाज बीमारी
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Tue, 05 Dec 2017 03:43 PM IST
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एक ही क्षेत्र के 13 लोगों के एचआईवी पीड़ित मिलने पर स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया था। एचआईवी की चपेट में आए लोगों ने बांगरमऊ कस्बे में एक झोलाछाप के एक ही सिरिंज का कई बार प्रयोग करने की शिकायत की थी। इस पर सीएमओ डाक्टर राजेंद्र प्रसाद ने डिप्टी सीएमओ डाक्टर तन्मय कक्कड़ व डाक्टर जयराम सिंह को जांच सौंपी थी।
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झोलाछाप अभी फरार है
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उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले में बांगरमऊ के प्रेमगंज में एचआईवी के 13 केस मिलने के बाद डिप्टी सीएमओ ने जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में झोलाछाप के एक ही सिरिंज के कई बार प्रयोग करने से लोगों के एचआईवी की चपेट में आने की बात सामने आई है। यह काम कस्बे में बैठने वाला झोलाछाप करता था। उसने दस रुपये के इलाज में कई को एचआईवी से ग्रस्त कर दिया। झोलाछाप अभी फरार है।
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जांच में 13 लोग एचआईवी से पीड़ित मिले
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स्वास्थ्य अधिकारियों ने बांगरमऊ के प्रेमगंज में एचआईवी की रोकथाम व लोगों को जागरूक करने के लिए शिविर लगाया था। यहां एचआईवी के संभावित लक्षणों से पीड़ित 119 लोगों की जांच की गई थी। जांच में 13 लोग एचआईवी से पीड़ित मिले।
एक ही सिरिंज का कई बार प्रयोग करने की बात कही है
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अधिकारियों ने प्रेमगंज क्षेत्र में पहुंचकर एचआईवी पीड़ितों से बात कर कारणों की तलाश की। जांच अधिकारियों के अनुसार कुछ लोग कस्बे से बाहर रहकर नौकरी करते हैं। वह असुरक्षित यौन संबंध बनाने से एचआईवी की चपेट में आ गए। कुछ लोगों ने एक झोलाछाप के एक ही सिरिंज का कई बार प्रयोग करने की बात कही है। सीएमओ डाक्टर राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि सभी बिंदुओं की गंभीरता से जांच कराई जा रही है।
कैंप लगाकर किया जाएगा जागरूक
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एचआईवी के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए स्वास्थ्य अधिकारी बांगरमऊ में कैंप लगाएंगे। स्वास्थ्य अधिकारी कैंप में लोगों को एचआईवी से बचाव की जानकारी देंगे। बांगरमऊ कस्बे में जांच करने पहुंचे अधिकारियों ने लोगों से झोलाछाप के फेर में न पड़ने और सरकारी अस्पताल में ही इलाज कराने की अपील की है।