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महोबा कांड: परिजनों, रिश्तेदारों व करीबियों के एसआईटी ने दर्ज किए बयान 

Fri, 18 Sep 2020 11:55 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, महोबा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, महोबा Published by: प्रभापुंज मिश्रा Updated Fri, 18 Sep 2020 11:55 PM IST
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Mahoba scandal: SIT recorded statements of relatives, close relatives
महोबा कांड - फोटो : amar ujala
क्रशर कारोबारी इंद्रकांत त्रिपाठी के मामले की जांच कर रही एसआईटी ने शुक्रवार को तीसरे दिन एक दर्जन से अधिक लोगों के बयान दर्ज किए। परिजनों, रिश्तेदारों, पार्टनरों व करीबियों से पूछताछ कर उनके बयान लिए। घटना के बाद सोशल मीडिया में वायरल हुए ऑडियो से संबंधित लोगों से भी जानकारी ली गई।
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अधिकांश बयानों में तत्कालीन पुलिस अधीक्षक मणिलाल पाटीदार द्वारा व्यापारियों का उत्पीड़न व पैसे की मांग करने की बात सामने आई। तत्कालीन पुलिस अधीक्षक मणिलाल पाटीदार पर रिश्वत मांगने का आरोप लगाकर वीडियो वायरल करने वाले कस्बा कबरई के क्रशर कारोबारी इंद्रकांत त्रिपाठी को अज्ञात लोगों द्वारा गोली मारने व उपचार के दौरान उसकी मौत होने के मामले की जांच एसआईटी को सौंपी गई है।
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तीन सदस्यीय विशेष जांच दल में शामिल पुलिस महानिरीक्षक वाराणसी विजय सिंह मीना, पुलिस उपमहानिरीक्षक विशेष जांच शलभ माथुर व पुलिस अधीक्षक मानवाधिकार अशोक कुमार त्रिपाठी ने शुक्रवार को मामले से जुड़े लोगों को बयान दर्ज कराने के लिए पुलिस लाइंस बुलाया। दोपहर से देर शाम तक बयान दर्ज करने का सिलसिला चलता रहा। 
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एसआईटी ने मृतक क्रशर व्यापारी इंद्रकांत त्रिपाठी के बड़े भाई रविकांत त्रिपाठी, मृतक के दोनों पार्टनर बालकिशोर द्विवेदी उर्फ बल्लू, पुरुषोत्तम सोनी, मृतक के साले बृजेश शुक्ला, बृजेश शुक्ला के चालक रामहेत, कबरई के विस्फोटक लाइसेंस धारक शीपू, पूर्व विधायक अरिमर्दन सिंह समेत  एक दर्जन से अधिक लोगों के बयान दर्ज किए। मृतक के बड़े भाई से एसआईटी ने घटनाक्रम की जानकारी ली।

जिसमें रविकांत ने बताया कि एसपी लगातार पैसे की मांग कर रहा था। जिस पर इंद्रकांत ने वीडियो वायरल कर दिया। 7 सितंबर को वीडियो वायरल करने के 24 घंटे बाद ही उन्हें गोली मार दिए जाने की जानकारी हुई। वहीं कबरई के  विस्फोटक लाइसेंस धारक शीपू ने एसपी द्वारा पैसे लिए जाने की बात कही। हालांकि उन्होंने कितने पैसे देते थे, इसकी जानकारी नहीं दी। टीम ने एक एक व्यक्ति के बयान दर्ज किए।

24 घंटे के अंदर दोनों पार्टनरों के दो बार दर्ज हुए बयान
मृतक कारोबारी इंद्रकांत त्रिपाठी के दो पार्टनर पुरुषोत्तम व बालकिशोर उर्फ बल्लू है। तीनों के नाम से वीआईपी नामक फर्म संचालित थी। क्रशर व्यापारी की मौत के बाद से स्थानीय पुलिस के शक की सुई पार्टनरों पर है। यही वजह है कि 14 सितंबर को मृतक इंद्रकांत के अंतिम संस्कार के चंद मिनट बाद ही पुलिस ने रास्ते से पुरुषोत्तम को हिरासत में ले लिया था जबकि बालकिशोर को थाने बुलाया गया। दोनों से पूछताछ के बाद उसी दिन छोड़ दिया गया था। गुरुवार को एसआईटी ने दोनों पार्टनरों के बयान दर्ज किए थे। शुक्रवार को उन्हें फिर से बुलाया गया और बयान दर्ज किए। 24 घंटे में दो बार पार्टनरों को बुलाए जाने और अलग अलग बयान दर्ज किए जाने से तरह तरह की चर्चाएं हो रही हैं।
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