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UP: एलडीटीए-लेडी एसपीजी ने सात लोगों को बेच डाला एपीफैनी कंपाउंड, पुलिस जांच रिपोर्ट के आधार पर करेगी कार्रवाई

Sun, 25 Aug 2024 03:36 PM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: हिमांशु अवस्थी Updated Sun, 25 Aug 2024 03:36 PM IST
सार

Kanpur News: एपीफैनी कंपाउंड की जमीन के मामले में एलडीटीए ने चार और दूसरी संस्था ने पूर्व मंत्री बेरिया समेत तीन को जमीन बेची है। इसका खुलासा प्रशासनिक जांच में हुआ है। अब पुलिस जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई करेगी।

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LDTA-Lady SPG sold Epiphany Compound to seven people, police will take action based on investigation report
सांकेतिक - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कानपुर में चुन्नीगंज स्थित 14/34 एपीफैनी कंपाउंड की जमीन की प्रशासनिक जांच में खुलासा हुआ है कि एलडीटीए व लेडी एसपीजी मिशन ने सात लोगों को कंपाउंड की पूरी जमीन बेच दी। एलडीटीए ने चार और दूसरी संस्था ने पूर्व मंत्री शिवकुमार बेरिया समेत तीन को जमीन बेची है। अब पुलिस को इस प्रशासनिक जांच रिपोर्ट के आधार कार्रवाई करेगी।

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जांच टीम की रिपोर्ट के अनुसार, चुन्नीगंज स्थित नजूल की संपत्ति सन् 1861 में एसपीजी को पट्टे पर दी गई थी। महिलाओं के अनाथालय के संचालन का जिक्र किया गया था। टीम को जांच में मौके पर कोई ऐसा कार्य होता नहीं मिला। नजूल के रजिस्टर की जांच में पता चला कि पट्टे की अवधि समाप्त होने के बाद समिति की तरफ से न तो इस जमीन की कोई लीज डीड जमा की गई और न ही फ्री होल्ड कराया गया।
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समिति की तरफ से कभी नवीनीकरण के लिए आवेदन तक नहीं दिया गया। वहीं, एलडीटीए और लखनऊ चर्च एसोसिएशन और आगरा की एक क्रिश्चियन संस्था की तरफ से खुद की जमीन होने का दावा किया गया। इन अभिलेखों की जांच में पता चला कि सन् 1877 में कल्लूमल आदि नाम के व्यक्ति ने एसपीजी मिशन को जमीन (भाग नंबर 133) की बिक्री की थी।

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टीम के सामने प्रस्तुत नहीं कर सके कोई साक्ष्य
इसके बाद सन् 1945 में एसपीजी ने लखनऊ डाइवोसिस ट्रस्ट ऑफ एसोसिएशन (एलडीटीए) को 14/88 ग्वालटोली की बिक्री की थी। इसके कोई साक्ष्य टीम के सामने प्रस्तुत नहीं कर सके। इसके बाद एलडीटीए ने वर्ष 2008 में बिना प्रशासन की अनुमति के 100 रुपये के स्टांप पर बिशप डायोसिस ऑफ लखनऊ चर्च ऑफ इंडिया को जमीन की बेच दी।

चार लोगों को जमीन की बिक्री की जा चुकी है
बीते चार साल से लखनऊ चर्च ऑफ इंडिया 100-100 वर्ग गज कर प्लाट की बिक्री कर रहा था। इसमें से करीब 450 वर्ग गज जमीन मोहम्मद सलीम बिरयानी को 450 वर्गगज, श्रेया सचान दो सौ वर्गगज व पूर्व मंत्री सौ-सौ गज के दो प्लाट 30 साल के लिए लीज पर दे दे दिए। करीब चार लोगों को जमीन की बिक्री की जा चुकी है।

रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी
दूसरी तरफ वर्ष 2021 में एलडीटीए ने फिर से करीब 19 हजार वर्ग मीटर जमीन का इरशाद, दानिश, अहमद व अनूप के नाम बैनामा कर दिया। यानी दोनों समिति के पदाधिकारियों ने बिना प्रशासन की अनुमति के नजूल की संपत्ति को दो-दो बार बिक्री कर दी। जांच टीम के सामने जमीन की दावेदारी कर रहे दोनों एसोसिएशन के पदाधिकारी कोई भी सही साक्ष्य टीम को नहीं दिखा पाए है। एडीसीपी सेंट्रल महेश कुमार का कहना है कि एपीफैनी कपांउड की जमीन मामले की प्रशासनिक जांच पूरी होने की जानकारी मिली है। रिपोर्ट मिलने पर उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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