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लॉयर्स एसोसिएशन चुनाव: संयुक्त मंत्री प्रकाशन पद का परिणाम निरस्त, एक माह में दोबारा मतदान

Tue, 26 Mar 2024 10:09 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: शिखा पांडेय Updated Tue, 26 Mar 2024 10:09 PM IST
सार

लॉयर्स एसोसिएशन चुनाव में 200 मत कम निकलने पर हंगामा हुआ था। पुनर्मतगणना के लिए शुल्क न जमा करने पर परिणाम जारी कर दिया गया था। बीसीआई के को-चेयरमैन ने एल्डर्स कमेटी को अनुराग पांडे की देखरेख में चुनाव कराने के निर्देश दिए।

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Lawyers Association Elections: Result of Joint Minister Publication post cancelled, re-polling in a month
लॉयर्स एसोसिएशन चुनाव (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कानपुर में लॉयर्स एसोसिएशन के संयुक्त मंत्री प्रकाशन पद के परिणाम को निरस्त कर एक माह में दोबारा मतदान कराने के निर्देश बार कौंसिल ऑफ इंडिया के को-चेयरमैन श्रीनाथ त्रिपाठी ने एल्डर्स कमेटी को दिए हैं। कमेटी को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि आदेश का उल्लंघन करने वाले पर अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी। चुनाव यूपी बार कौंसिल उपाध्यक्ष अनुराग पांडे की देखरेख में होगा। सिर्फ नए प्रत्याशी को ही नामांकन शुल्क देना होगा, पुराने प्रत्याशियों को नहीं।
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श्रीनाथ त्रिपाठी द्वारा वाराणसी स्थित कैंप कार्यालय से जारी पत्र में कहा गया है कि 25 फरवरी को उन्होंने एल्डर्स कमेटी को जो निर्देश दिए, थे उसका पालन नहीं किया गया। एल्डर्स कमेटी ने सौ मतपत्रों की भूल को स्वीकार करते हुए अफरा-तफरी में मतपत्र सहित समस्त दस्तावेज नष्ट करा दिए, इससे साजिश व संदेह पैदा होता है। विवाद की स्थिति में अंतिम निस्तारण न होने तक मतपत्र नष्ट नहीं किए जा सकते। छह माह तक मतपत्र सुरक्षित रखे जाने चाहिए। एल्डर्स कमेटी ने गलतियां सुधारने के बजाय मतपत्र नष्ट कर दिए। अब पुनर्मतदान के अलावा कोई विकल्प नहीं है। भारी नामांकन शुल्क जमा कराया गया है। नामांकन शुल्क में पुनर्मतगणना व पुनर्मतदान के खर्च शामिल होते हैं, इसलिए भानु से पुनर्मतगणना के लिए 15 हजार रुपये शुल्क जमा कराना अवैधानिक है। श्रीनाथ ने यूपी बार कौंसिल सदस्य अंकज मिश्रा को भी गैर जिम्मेदाराना पत्र लिखने पर हिदायत दी है। उनको निष्पक्ष न मानते हुए चुनाव प्रक्रिया से हटाकर सिर्फ अनुराग पांडे की देखरेख में चुनाव कराने के निर्देश दिए हैं।
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यह है मामला
संयुक्त मंत्री प्रकाशन पद पर मतों की गिनती के दौरान सौ मत कम निकलने पर हंगामा हुआ था। एल्डर्स कमेटी ने लगभग दो सौ मतों के अंतर से मनीष गौड़ को विजयी घोषित कर दिया, जबकि प्रतिद्वंद्वी प्रत्याशी भानु प्रताप सिंह चौहान ने पुनर्मतगणना की मांग की थी। एल्डर्स कमेटी ने पुनर्मतगणना के लिए 15 हजार रुपये शुल्क मांगा था, जिसे न देने पर मनीष का चुनाव परिणाम जारी कर विजयी घोषित कर दिया गया था।
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