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केडीए ने दबौली में नगर निगम की जमीन पर की प्लाटिंग, जांच शुरू
Thu, 29 Oct 2020 01:28 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, कानपुर
अमर उजाला नेटवर्क, कानपुर
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Thu, 29 Oct 2020 01:28 AM IST
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केडीए, कानपुर
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केडीए ने दबौली में नगर महापालिका (अब नगर निगम) की सैकड़ों बीघे जमीन पर प्लाटिंग कर बेच दी। यहां मकान, दुकानें, कांशीराम कॉलोनी आदि निर्माण हो गए हैं। इन जमीनों की कीमत कई अरब रुपये बताई जा रही है। महापौर प्रमिला पांडेय ने रिकॉर्ड और खतौनी में ये जमीनें नगर निगम की होने की सूचना मिलने पर बुधवार को जांच शुरू कराई। साथ ही नगर आयुक्त को एफआईआर कराने के भी निर्देश दिए हैं।
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महापौर की तरफ से कराई गई शुरुआती जांच (स्थलीय व दस्तावेजी) की रिपोर्ट में पता चला कि खाता संख्या-0001, ग्राम दबौली की खतौनी में विभिन्न आराजियों का स्वामित्व नगर महापालिका के नाम दर्ज है। ऐसी आराजियों की संख्या 60 से ज्यादा है जिनका चिह्नांकन किया जाना है।
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बीती 19 अक्तूबर को तैयार जांच रिपोर्ट में जोन-5 अंतर्गत वार्ड संख्या-72 दबौली स्थित ब्लॉक संख्या-51, 79, 80, 81 और 87 पर अवैध कब्जे होने का उल्लेख किया गया है। और इन्हें हटाने की भी संस्तुति हुई है।
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यहां आवासीय योजनाओं में सैकड़ों परिवार रह रहे हैं। जांच रिपोर्ट में प्रभारी अधिकारी ने यह भी कहा है कि इन आराजियों का चिह्नांकन तहसील सदर के राजस्व अभिलेखों के अनुसार कराया जाना है। इसके लिए उपजिलाधिकारी (सदर) को पत्र भेजने की भी संस्तुति की गई है।
शहर में पहले नगर महापालिका थी, जो बाद में नगर निगम में तब्दील हो गई। दबौली गांव की जमीनें रिकॉर्ड और खतौनी में नगर महापालिका के नाम दर्ज हैं। इसी आधार पर बताया गया है कि ये जमीनें नगर निगम की हैं। इन पर केडीए ने प्लाटिंग कर बेचा है। नगर आयुक्त को इसकी जांच कराके एफआईआर के निर्देश दिए हैं।
-प्रमिला पांडे, महापौर
नगर निगम ने अभी तक उन्हें इस संबंध में कोई पत्र नहीं दिया है। फिर भी गुरुवार को इसे दिखवाया जाएगा।
-राकेश कुमार सिंह, उपाध्यक्ष, केडीए