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Kanpur: महिलाकर्मी को करंट से बचाने में युवक की मौत, परिजनों ने जमकर किया हंगामा
Tue, 16 Jun 2026 11:53 PM IST
Shikha Pandey
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: Shikha Pandey
Updated Tue, 16 Jun 2026 11:53 PM IST
सार
दादानगर औद्योगिक क्षेत्र की फैक्टरी में घटना हुई। परिजनों ने हैलट इमरजेंसी और पोस्टमार्टम हाउस में हंगामा किया।
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गमगीन परिजन
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
दादानगर औद्योगिक क्षेत्र की फैक्ट्री में महिलाकर्मी को बचाने में युवक की मौत हो गई। परिजनों ने लापरवाही का आरोप लगाकर हैलट इमरजेंसी और पोस्टमार्टम हाउस के बाहर जमकर हंगामा किया। पुलिसकर्मियों से धक्का-मुक्की और नोकझोंक हुई। घरवालों ने शव को फैक्ट्री मालिक के घर ले जाने का प्रयास किया था, जिसे रोकने पर मामला बढ़ गया। पुलिस अधिकारियों के समझाने पर परिजन शव लेकर घर गए। रात नौ बजे तक हंगामा चलता रहा।
गुजैनी जे ब्लॉक निवासी देवेंद्र कुमार सोनी (26) दादानगर स्थित एक इंजीनियरिंग वर्क्स में काम करते थे। पिता सत्यनारायण सोनी की परचून की दुकान है। परिवार में मां सीमा, छोटा भाई अंकित, बहन तनु व मानसी है। परिजन ने बताया कि रोज की तरह देवेंद्र मंगलवार सुबह काम करने गए थे। करीब आठ बजे फैक्टरी में काम करनी वाली दादानगर कच्ची बस्ती की अर्चना (18) ने लाइट जलाने के लिए जैसे ही स्विच बोर्ड पर हाथ रखा, तभी वह करंट की चपेट में आ गई।
चीख सुनकर देवेंद्र ने उसे धक्का देकर अलग किया लेकिन खुद करंट की चपेट में आ गया। आनन-फानन दोनों को हैलट भिजवाया गया। वहां डॉक्टर ने देवेंद्र को मृत घोषित कर दिया। अर्चना का उपचार किया जा रहा है। घटना का पता चलने पर घरवालों में चीख पुकार मच गई। वह लोग हैलट इमरजेंसी पहुंचे। आक्रोशित परिजनों ने फैक्टरी प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया।
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गुजैनी जे ब्लॉक निवासी देवेंद्र कुमार सोनी (26) दादानगर स्थित एक इंजीनियरिंग वर्क्स में काम करते थे। पिता सत्यनारायण सोनी की परचून की दुकान है। परिवार में मां सीमा, छोटा भाई अंकित, बहन तनु व मानसी है। परिजन ने बताया कि रोज की तरह देवेंद्र मंगलवार सुबह काम करने गए थे। करीब आठ बजे फैक्टरी में काम करनी वाली दादानगर कच्ची बस्ती की अर्चना (18) ने लाइट जलाने के लिए जैसे ही स्विच बोर्ड पर हाथ रखा, तभी वह करंट की चपेट में आ गई।
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चीख सुनकर देवेंद्र ने उसे धक्का देकर अलग किया लेकिन खुद करंट की चपेट में आ गया। आनन-फानन दोनों को हैलट भिजवाया गया। वहां डॉक्टर ने देवेंद्र को मृत घोषित कर दिया। अर्चना का उपचार किया जा रहा है। घटना का पता चलने पर घरवालों में चीख पुकार मच गई। वह लोग हैलट इमरजेंसी पहुंचे। आक्रोशित परिजनों ने फैक्टरी प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया।
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शव पोस्टमार्टम हाउस में रखवा दिया। दोपहर में छोटा भाई, मां और बहनों ने देवेंद्र का चेहरा देखने के लिए पुलिस से मिन्नतें की। पत्थर से माचुर्री का ताला तोड़ने का प्रयास किया। फैक्टरी प्रबंधन से जुड़े कुछ लोग माचुर्री के पास खड़े हुए थे। अंकित की नजर जैसे ही उन पड़ी थी वह हाथ में गुम्मा लेकर उनकी ओर दौड़ा। वह लोग भागकर स्वरूपनगर थाने में घुस गए। पुलिस अधिकारियों ने बवाल की आशंका पर फोर्स बुलवा ली। गोविंदनगर इंस्पेक्टर अशोक कुमार दुबे ने बताया कि तहरीर मिलने पर जांच कर कार्रवाई की जाएगी।