Kanpur: पहाड़ी व मैदानी इलाकों में हो रही बारिश से गंगा का जलस्तर बढ़ा, ब्रह्माखूटी डूबी
ब्रह्माखूटी का डूबना उत्तर भारत में अच्छी बारिश का संकेत माना जाता है। खूटी के डूबने से कटरी इलाके के गांव के किसानों की चिंता बढ़ गई है। अगर पानी और बढ़ा तो कोहना और नवाबगंज क्षेत्र के कटरी में गंगा किनारे के बगीचों और सब्जी के खेतों में पानी भरना शुरू हो जाएगा।
विस्तार
पहाड़ी व मैदानी इलाकों में हो रही बारिश के चलते गंगा का जलस्तर बढ़ रहा है। रविवार को जलस्तर बढ़ने से बिठूर के ब्रह्मावर्त घाट स्थित ब्रह्माखूटी डूब गई। ब्रह्मावर्त नवजीवन सेवा समिति के सचिव आशुतोष द्विवेदी ने बताया कि मान्यता है कि ब्रह्माखूटी का डूबना उत्तर भारत में अच्छी बारिश का संकेत माना जाता है।
खूटी के डूबने से कटरी इलाके के गांव के किसानों की चिंता बढ़ गई है। अगर पानी और बढ़ा तो कोहना और नवाबगंज क्षेत्र के कटरी में गंगा किनारे के बगीचों और सब्जी के खेतों में पानी भरना शुरू हो जाएगा। गंगा बैराज पर अपस्ट्रीम का जलस्तर समुद्र तल से 113 मीटर और डाउन स्ट्रीम पर 112.32 मीटर रहा है। बैराज के सभी गेट खुले हैं। डाउन स्ट्रीम में 72050 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।
शुक्लागंज में चेतावनी बिंदु से 88 सेंटीमीटर दूर
शुक्लागंज में गंगा का जल स्तर चेतावनी बिंदु 112 मीटर से 88 सेंटीमीटर दूर है। अनुमान लगाया जा रहा है कि यदि बैराज के सभी चैनल गेट खोल दिए गए तो मुसीबत बढ़ जाएगी। वहीं, गंगा के किनारे से मोहल्लों व गांवों के लोग बाढ़ की आशंका से सहमे हैं। लोगों का कहना है कि कटान तेजी से हो रही है। मोहल्ला गोताखोर और चंपापुरवा कटरी क्षेत्र में गंगा की पानी घुसने लगा है।
पांडु नदी में भी पानी बढ़ने चिंता बढ़ी
उधर पांडु नदी का भी जलस्तर बढ़ने से लोगों की चिंता बढ़ गई है। आसपास की बस्तियों में पानी घुसने लगा है। जलस्तर और बढ़ा तो मुसीबतें बढ़ जाएंगी।