Kanpur: अखिलेश दुबे के खिलाफ तीन जांच पूरी…अभी एफआईआर से दूरी,एसआईटी के अधिकारी जुटा रहे ठोस साक्ष्य
Kanpur News: पुलिस अधिकारियों के मुताबिक कानपुर में तैनात रहे क्षेत्राधिकारी ऋषिकांत शुक्ला, वीके पांडेय, संतोष सिंह, इंस्पेक्टर अजय द्विवेदी और केडीए के दोनों कर्मचारियों को बयान के लिए एसआईटी ने 29 और 30 अगस्त को बुलाया है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
कानपुर में एसआईटी ने अखिलेश दुबे और उसके साथियों के खिलाफ आईं शिकायतों में से तीन की जांच पूरी कर ली है लेकिन अभी एफआईआर से दूरी रखी है। इसके पीछे ठोस साक्ष्य और वादी के सटीक बयानों को देखा जा रहा है। सोमवार को कुछ वादी और गवाहों से सवाल-जवाब किए गए। नई शिकायतों को एसपीएस अधिकारियों से दिखवाया जा रहा है। मुख्यालय के अधिकारी भी कार्रवाई पर नजर रखे हुए हैं।
कमिश्नरी पुलिस ने अखिलेश दुबे और उसके साथियों के खिलाफ बर्रा, किदवईनगर, कोतवाली, कल्याणपुर, ग्वालटोली थाने में एफआईआर कराई है। यह मामले एसआईटी की जांच के बाद थानों में पहुंचे थे। एसआईटी का गठन दुष्कर्म और छेड़छाड़ के फर्जी मामलों में एफआईआर कराकर वसूली करने की शिकायत मिलने के बाद पुलिस कमिश्नर ने किया था। सबसे पहली एफआईआर भाजपा नेता रवि सतीजा जबकि दूसरी होटल व्यवसायी सुरेश पाल ने किदवईनगर थाने में कराई।
एसआईटी के पास 17 से 18 मामले पहुंचे
कोतवाली में एक अधिवक्ता ने भी रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इन मामलों के सामने आने पर कई अन्य लोग पुलिस कमिश्नर से मिले जिसमें तात्याटोपेनगर के होटल कारोबारी और साकेतनगर की महिला कारोबारी शामिल हैं। इनकी शिकायत भी एसआईटी को दे दी गई। इस तरह एसआईटी के पास 17 से 18 मामले पहुंच गए हैं। इनमें से तीन की जांच लगभग पूरी हो गई है।
कुछ मामले 10 से 15 साल पुराने
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, अखिलेश दुबे और उसके साथियों के पास कानून के अच्छे जानकारों की टीम है। यह टीम केस को खत्म कराने पर लगी हुई है। नई एफआईआर में कोई कसर न छूट जाए इसके लिए हर पहलु पर ध्यान दिया जा रहा है। गवाहों के बयान और वादी से मजबूत साक्ष्य लिए जा रहे हैं। कुछ मामले 10 से 15 साल पुराने हैं, जिनके लिए इलेक्ट्रिक साक्ष्य भी जुटाए जा रहे हैं।
29 और 30 को आएंगे बयान देने
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक कानपुर में तैनात रहे क्षेत्राधिकारी ऋषिकांत शुक्ला, वीके पांडेय, संतोष सिंह, इंस्पेक्टर अजय द्विवेदी और केडीए के दोनों कर्मचारियों को बयान के लिए एसआईटी ने 29 और 30 अगस्त को बुलाया है। उनसे साक्ष्य भी लाने के लिए नोटिस दिया गया है। पुलिस तीनों अधिकारी, इंस्पेक्टर और केडीए कर्मचारियों संग मिलीभगत कर फर्जी एफआईआर में सहयोग और जमीन में खेल करने का आरोप है।