{"_id":"622874e85bc15652305c0804","slug":"kanpur-poison-dissolving-in-ganga","type":"story","status":"publish","title_hn":"कानपुर: गंगा रोज पी रहीं 70 लाख लीटर जहर, निरीक्षण में खुलासा, टैप नाले भी कर रहे गंगा मैली","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कानपुर: गंगा रोज पी रहीं 70 लाख लीटर जहर, निरीक्षण में खुलासा, टैप नाले भी कर रहे गंगा मैली
Wed, 09 Mar 2022 03:06 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Wed, 09 Mar 2022 03:06 PM IST
सार
कमेटी के निरीक्षण में सामने आया कि परमिया नाले से रोजाना 30 से 40 लाख लीटर, परमट नाले से 20 लाख और रानीघाट नाले से 10 लाख लीटर प्रदूषित कचरा रोजाना सीधे गंगा में जा रहा है।
विज्ञापन
निरीक्षण करती टीम
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
निर्मल गंगा के लिए केंद्र और राज्य की तमाम एजेंसियां कागजों पर ही सक्रिय नजर आती हैं। कानपुर में गंगा की दशा इसका जीता-जागता सुबूत है। प्रशासन की एक कमेटी के निरीक्षण में खुलासा हुआ है कि तीन नालों से रोजाना करीब 70 लाख लीटर कचरा सीधे गंगा में जा रहा है।
इनमें रानीघाट को छोड़कर अन्य दो नाले टैप किए जा चुके हैं। मंडलायुक्त डॉ. राजशेखर के निर्देश पर गठित इस कमेटी ने मंगलवार को परिमया, सीसामऊ, परमट, बाबा घाट, गुप्तारघाट और रानीघाट नाले का निरीक्षण किया। इसमें पता चला कि तीन नालों का प्रदूषित कचरा गंगा में जा रहा है।
कमेटी की रिपोर्ट पर मंडलायुक्त ने जिलाधिकारी नेहा शर्मा को खुले नालों को जल्द टैप कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही टैप नालों के ओवरफ्लो होने से गंगा में जा रही गंदगी को तत्काल बंद कराने को कहा है। कमेटी में महाप्रबंधक गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई समेत जल निगम और सिंचाई विभाग के अफसर शामिल हैं।
विज्ञापन
परमिया नाले से जाती सबसे ज्यादा गंदगी
कमेटी के निरीक्षण में सामने आया कि परमिया नाले से रोजाना 30 से 40 लाख लीटर, परमट नाले से 20 लाख और रानीघाट नाले से 10 लाख लीटर प्रदूषित कचरा रोजाना सीधे गंगा में जा रहा है। रानीघाट नाले को छोड़ दें तो अन्य नालों को टैप किया जा चुका है। जिम्मेदार विभाग टैप किए गए नालों से एक बूंद प्रदूषित कचरा गंगा में न गिरने का दावा भी करते हैं। परमिया नाले से ज्यादा मात्रा में गंदगी गंगा में इसलिए जा रही थी, क्योंकि पांच में से दो पंप ही चालू मिले।
18 में से 13 नाले टैप, फिर भी ये हाल
कानपुर में गंगा किनारे कुल 18 नाले हैं। इनमें से 13 नालों को काफी पहले टैप किए जाने का दावा किया गया है। हकीकत यह है कि अक्सर ये नाले ओवरफ्लो होकर गंगा को गंदगी से भर रहे हैं। टैप नालों में एयरफोर्स ड्रेन, परमिया नाला, वाजिदपुर नाला, डबका नाला, बंगाली घाट नाला, बुढ़िया घाट नाला, गुप्तार घाट नाला, सीसामऊ नाला, टेफ्को नाला, परमट ड्रेन, म्योर मिल ड्रेन, पुलिस लाइन ड्रेन और जेल ड्रेन शामिल हैं। बिना टैप किए गए नालों में रानीघाट नाला, गोलाघाट नाला, सत्तीचौरा नाला, मैस्कर और रामेश्वर नाला शामिल हैं।
विज्ञापन
इनमें रानीघाट को छोड़कर अन्य दो नाले टैप किए जा चुके हैं। मंडलायुक्त डॉ. राजशेखर के निर्देश पर गठित इस कमेटी ने मंगलवार को परिमया, सीसामऊ, परमट, बाबा घाट, गुप्तारघाट और रानीघाट नाले का निरीक्षण किया। इसमें पता चला कि तीन नालों का प्रदूषित कचरा गंगा में जा रहा है।
विज्ञापन
कमेटी की रिपोर्ट पर मंडलायुक्त ने जिलाधिकारी नेहा शर्मा को खुले नालों को जल्द टैप कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही टैप नालों के ओवरफ्लो होने से गंगा में जा रही गंदगी को तत्काल बंद कराने को कहा है। कमेटी में महाप्रबंधक गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई समेत जल निगम और सिंचाई विभाग के अफसर शामिल हैं।
विज्ञापन
परमिया नाले से जाती सबसे ज्यादा गंदगी
कमेटी के निरीक्षण में सामने आया कि परमिया नाले से रोजाना 30 से 40 लाख लीटर, परमट नाले से 20 लाख और रानीघाट नाले से 10 लाख लीटर प्रदूषित कचरा रोजाना सीधे गंगा में जा रहा है। रानीघाट नाले को छोड़ दें तो अन्य नालों को टैप किया जा चुका है। जिम्मेदार विभाग टैप किए गए नालों से एक बूंद प्रदूषित कचरा गंगा में न गिरने का दावा भी करते हैं। परमिया नाले से ज्यादा मात्रा में गंदगी गंगा में इसलिए जा रही थी, क्योंकि पांच में से दो पंप ही चालू मिले।
18 में से 13 नाले टैप, फिर भी ये हाल
कानपुर में गंगा किनारे कुल 18 नाले हैं। इनमें से 13 नालों को काफी पहले टैप किए जाने का दावा किया गया है। हकीकत यह है कि अक्सर ये नाले ओवरफ्लो होकर गंगा को गंदगी से भर रहे हैं। टैप नालों में एयरफोर्स ड्रेन, परमिया नाला, वाजिदपुर नाला, डबका नाला, बंगाली घाट नाला, बुढ़िया घाट नाला, गुप्तार घाट नाला, सीसामऊ नाला, टेफ्को नाला, परमट ड्रेन, म्योर मिल ड्रेन, पुलिस लाइन ड्रेन और जेल ड्रेन शामिल हैं। बिना टैप किए गए नालों में रानीघाट नाला, गोलाघाट नाला, सत्तीचौरा नाला, मैस्कर और रामेश्वर नाला शामिल हैं।