कानपुर: छठे राज्य वित्त आयोग की बैठक, महापौर बोलीं- कन्वेंशन सेंटर के टेंडर से घटेगी नगर निगम की आय, ये भी कहा
Kanpur News: छठे राज्य वित्त आयोग की बैठक के दौरान कानपुर की महापौर प्रमिला पांडेय ने नगर निगम की आय और बुनियादी सुविधाओं का मुद्दा जोर-शोर से उठाया। उन्होंने कहा कि नगर निगम की जमीन पर बने कन्वेंशन सेंटर के संचालन का टेंडर स्मार्ट सिटी द्वारा किए जाने से निगम की आय का स्रोत खत्म हो गया है, जबकि राजस्व साझा होने की बात कही गई थी।
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शहरों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने और बुनियादी सुविधाओं में सुधार के लिए बुधवार को लखनऊ में छठे राज्य वित्त आयोग के लिए उत्तर प्रदेश महापौर फोरम की बैठक हुई। इसमें महापौर प्रमिला पांडेय ने नगर निगम की आय बढ़ाने के लिए अलग बजट देने, कन्वेंशन सेंटर के संचालन और विज्ञापन होर्डिंग्स से होने वाली आय के अधिकारों का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि नगर निगम की जमीन पर बने कन्वेंशन सेंटर से निगम को आय होनी चाहिए थी, लेकिन स्मार्ट सिटी ने संचालन का टेंडर कर दिया।
इससे निगम की आय बढ़ने की संभावना खत्म हो गई। महापौर ने कहा कि कन्वेंशन सेंटर के मामले में राजस्व साझा करने की बात हुई थी लेकिन संचालन का ठेका देने से नगर निगम को अपेक्षित लाभ नहीं मिलेगा। इसी तरह विज्ञापन होर्डिंग्स से आय के अधिकार भी 10 से 20 साल तक के लिए दिए जा चुके हैं। ऐसे में नगर निगम अपनी आय कैसे बढ़ाएगा। उन्होंने नए प्रोजेक्ट्स के लिए अलग से धन उपलब्ध कराने की मांग की।
बजट से काम जल्द शुरू कराने की मांग
महापौर ने कहा कि अंग्रेजों के जमाने के बड़े नाले जर्जर हो चुके हैं। इनके कारण सड़कें धंस रही हैं और शहर की छवि प्रभावित हो रही है। नालों के पुनर्निर्माण के लिए अलग बजट का प्रावधान किया जाए। मकड़ीखेड़ा क्षेत्र में जलभराव की समस्या का जिक्र करते हुए उन्होंने संबंधित बजट से काम जल्द शुरू कराने की मांग की। साथ ही 74वें संविधान संशोधन को प्रदेश में पूरी तरह लागू करने की बात कही, ताकि नगर निकायों को अधिक अधिकार मिलें और नागरिक सुविधाओं में सुधार हो सके।
तालाबों में जल संचय को बने योजना
महापौर ने कहा कि कई सोसायटियां बस्तियां विकसित कर बेचने के बाद सीवर और पानी की लाइनें उपलब्ध नहीं करातीं। ऐसे में इन सुविधाओं की व्यवस्था नगर निगम को करनी पड़ती है। उन्होंने तालाबों में जल संचय के लिए कार्ययोजना बनाने और धन आवंटित करने की मांग की ताकि मई-जून में पानी की किल्लत होने पर संचित जल का उपयोग किया जा सके। बैठक की थीम शहरों की सुनना, शहरी चुनौतियों को हल करना थी। इसमें प्रदेशभर के 17 महापौरों ने नगर निगमों की आय बढ़ाने और शहरों के विकास से जुड़े मुद्दों पर विचार रखे।
प्रदेश में कानपुर नगर निगम ही इकलौता है जिसके पास अपना एक भी गांव नहीं है। सब केडीए की जमीनें हैं। जो थोड़ी-बहुत जमीन है उसमें हमने स्मार्ट सिटी के साथ मिलकर कन्वेंशन सेंटर जैसी योजनाएं बनवाईं, लेकिन उसके संचालन का भी ठेका दे दिया गया। यह जब नगर निगम के हैंडओवर होगा तभी तो आय बढ़ेगी। -प्रमिला पांडेय, महापौर