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कानपुर: ईओडब्ल्यू करेगा केडीए के डीजल घोटाले की जांच, 2.15 करोड़ के डीजल घोटाले की हो चुकी है पुष्टि
Sat, 21 Aug 2021 11:23 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Sat, 21 Aug 2021 11:23 AM IST
सार
जांच अधिकारी की तरफ से पुलिस कमिश्नर असीम अरुण को लिखे गए पत्र के अनुसार इस घोटाले में डीजल की खरीद और भुगतान में हुई अनियमित्ताओं की धनराशि 215.57 करोड़ रुपये पाई गई है।
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डीजल घोटाला
- फोटो : pixabay
विस्तार
केडीए में हुए 2.15 करोड़ के डीजल घोटाले की जांच ईओडब्ल्यू (आर्थिक अपराध अनुसंधान विभाग) करेगा। मौजूदा समय में इस घोटाले की जांच कर रहे स्वरूप नगर थाने के विवेचक उप निरीक्षक ने यह संस्तुति करते हुए पुलिस कमिश्नर को पत्र लिखा है।
जांच में पुष्टि होने के बाद विकास प्राधिकरण के केयरटेकर सुनील दत्त तिवारी ने स्वरूप नगर थाने में बीती 8 जुलाई को एफआईआर दर्ज कराई थी। दारोगा जितेंद्र कुमार कनौजिया इस मामले की जांच कर रहे हैं।
जांच अधिकारी की तरफ से पुलिस कमिश्नर असीम अरुण को लिखे गए पत्र के अनुसार इस घोटाले में डीजल की खरीद और भुगतान में हुई अनियमित्ताओं की धनराशि 215.57 करोड़ रुपये पाई गई है।
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अपर पुलिस महानिदेशक (कानून एवं व्यवस्था) के अनुसार 50 लाख रुपये से ज्यादा धनराशि वाले मामलों की विवेचना आर्थिक अपराध अनुसंधान विभाग, लखनऊ से कराए जाने का प्रावधान है।
इसलिए इस मुकदमे की विवेचना ईओडब्ल्यू, लखनऊ से ही कराया जाना उचित होगा। यह संस्तुति करते हुए विवेचक ने इस मुकदमे की विवेचना ईओडब्ल्यू से कराने का आदेश पारित करने का आग्रह किया है।
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जांच में पुष्टि होने के बाद विकास प्राधिकरण के केयरटेकर सुनील दत्त तिवारी ने स्वरूप नगर थाने में बीती 8 जुलाई को एफआईआर दर्ज कराई थी। दारोगा जितेंद्र कुमार कनौजिया इस मामले की जांच कर रहे हैं।
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जांच अधिकारी की तरफ से पुलिस कमिश्नर असीम अरुण को लिखे गए पत्र के अनुसार इस घोटाले में डीजल की खरीद और भुगतान में हुई अनियमित्ताओं की धनराशि 215.57 करोड़ रुपये पाई गई है।
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अपर पुलिस महानिदेशक (कानून एवं व्यवस्था) के अनुसार 50 लाख रुपये से ज्यादा धनराशि वाले मामलों की विवेचना आर्थिक अपराध अनुसंधान विभाग, लखनऊ से कराए जाने का प्रावधान है।
इसलिए इस मुकदमे की विवेचना ईओडब्ल्यू, लखनऊ से ही कराया जाना उचित होगा। यह संस्तुति करते हुए विवेचक ने इस मुकदमे की विवेचना ईओडब्ल्यू से कराने का आदेश पारित करने का आग्रह किया है।