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Kanpur Election Result: मुस्लिमों की एकतरफा वोटिंग ने खींची साइकिल, इन सीटों पर सपा उम्मीदवार जीते
Fri, 11 Mar 2022 01:03 PM IST
शिखा पांडेय
सुहेल खान, अमर उजाला, कानपुर
सुहेल खान, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Fri, 11 Mar 2022 01:03 PM IST
सार
कानपुर में मुस्लिम निर्णायक तीनों सीटों पर सपा के उम्मीदवार जीते। माना जा रहा है कि यहां मुस्लिमों ने एकतरफा वोटिंग की है।
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हाजी इरफान सोलंकी, मोहम्मद हसन रूमी, अमिताभ बाजपेई
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
कानपुर नगर की 10 विधानसभा सीटों में मुस्लिम वोटरों की प्रभावी संख्या वाली तीनों सीटों पर समाजवादी पार्टी ने जीत हासिल की है। यहां पर मुस्लिमों ने अपनी परंपरागत वोटिंग पैटर्न का परिचय दिया। सीसामऊ, आर्य नगर और कैंट विधानसभा सीटों पर इनका वोट नहीं बंटा।
खासकर तीन में दो सीटों पर दो-दो मुस्लिम उम्मीदवारों के होते हुए एक को जिताऊ मानकर वोट दिया और उन्हें जीत भी मिली। सीसामऊ और कैंट में कांग्रेस से मुस्लिम उम्मीदवारों को वोट न देकर समाजवादी पार्टी के मुस्लिम प्रत्याशियों को वोट दिया।
आर्य नगर में भी समाजवादी पार्टी को मुस्लिमों का इकतरफा वोट मिला। इन तीनों सीटों पर मुस्लिम मतदाता करीब एक लाख हैं। सीसामऊ सीट पर लड़ाई कांटे की नजर आ रही थी। यहां पर तीन बार के सपा विधायक हाजी इरफान सोलंकी चौथी बार चुनाव लड़ रहे थे। कांग्रेस ने यहां पर हाजी सुहेल अहमद को चुनाव मैदान में उतारा लेकिन मुस्लिमों ने भरोसा इरफान पर ही जताया और पूरा वोट सपा को ट्रांसफर कर दिया।
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खासकर तीन में दो सीटों पर दो-दो मुस्लिम उम्मीदवारों के होते हुए एक को जिताऊ मानकर वोट दिया और उन्हें जीत भी मिली। सीसामऊ और कैंट में कांग्रेस से मुस्लिम उम्मीदवारों को वोट न देकर समाजवादी पार्टी के मुस्लिम प्रत्याशियों को वोट दिया।
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आर्य नगर में भी समाजवादी पार्टी को मुस्लिमों का इकतरफा वोट मिला। इन तीनों सीटों पर मुस्लिम मतदाता करीब एक लाख हैं। सीसामऊ सीट पर लड़ाई कांटे की नजर आ रही थी। यहां पर तीन बार के सपा विधायक हाजी इरफान सोलंकी चौथी बार चुनाव लड़ रहे थे। कांग्रेस ने यहां पर हाजी सुहेल अहमद को चुनाव मैदान में उतारा लेकिन मुस्लिमों ने भरोसा इरफान पर ही जताया और पूरा वोट सपा को ट्रांसफर कर दिया।
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इसी तरह कैंट सीट से कांग्रेस के मौजूदा विधायक सोहिल अख्तर अंसारी चुनाव मैदान में थे लेकिन यहां पर मुस्लिम वोटरों ने जिताऊ उम्मीदवार सपा के प्रत्याशी मोहम्मद हसन रूमी को माना और अधिकांश वोट सपा को ट्रांसफर किया।
वह भी तब जब कांग्रेस प्रत्याशी सोहिल अख्तर अंसारी का इस सीट पर उनकी अंसारी बिरादरी का वोट सबसे ज्यादा था, उसने भी मोहम्मद हसन रूमी को वोट दिया। यह सीट पिछले विधानसभा चुनाव में सपा-कांग्रेस गठबंधन की वजह से कांग्रेस के खाते में चली गई थी।
वह भी तब जब कांग्रेस प्रत्याशी सोहिल अख्तर अंसारी का इस सीट पर उनकी अंसारी बिरादरी का वोट सबसे ज्यादा था, उसने भी मोहम्मद हसन रूमी को वोट दिया। यह सीट पिछले विधानसभा चुनाव में सपा-कांग्रेस गठबंधन की वजह से कांग्रेस के खाते में चली गई थी।
इस बार सपा ने जीत दर्ज की। आर्य नगर विधानसभा क्षेत्र में मुस्लिमों के पास सपा और कांग्रेस प्रत्याशियों में किसी एक को चुनना था। यहां पर कांग्रेस से प्रमोद जायसवाल लड़ रहे थे तो सपा से मौजूदा विधायक अमिताभ बाजपेई चुनाव मैदान में थे। मुस्लिमों ने यहां पूरा वोट अमिताभ बाजपेई के खाते में शिफ्ट कर दिया।
यही वजह थी कि मतगणना में सुबह से दोपहर तक जहां भाजपा के सुरेश अवस्थी सपा के अमिताभ बाजपेई से आगे चल रहे थे, वहीं दोपहर बाद जब मुस्लिम बहुल इलाकों के बूथों के वोट गिने जाने लगे तो अमिताभ बाजपेई बढ़त लेने लगे और करीब आठ हजार वोट से जीत गए।
यही वजह थी कि मतगणना में सुबह से दोपहर तक जहां भाजपा के सुरेश अवस्थी सपा के अमिताभ बाजपेई से आगे चल रहे थे, वहीं दोपहर बाद जब मुस्लिम बहुल इलाकों के बूथों के वोट गिने जाने लगे तो अमिताभ बाजपेई बढ़त लेने लगे और करीब आठ हजार वोट से जीत गए।