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कानपुर: घाटमपुर में जीवंत हुआ द्वापर युग, कंस वध का मंचन देख मंत्रमुग्ध हुए दर्शक, गूंजे श्रीकृष्ण के जयकारे
Sun, 25 Oct 2026 11:46 AM IST
Himanshu Awasthi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: Himanshu Awasthi
Updated Sun, 25 Oct 2026 11:46 AM IST
सार
Kanpur News: घाटमपुर कस्बे स्थित गांधी विद्यापीठ इंटर कॉलेज में श्री कृष्ण लीला कमेटी के तत्वावधान में भव्य कंस वध और पुतला दहन का आयोजन किया गया। भगवान श्रीकृष्ण द्वारा कंस के वध का जीवंत मंचन देख दर्शक मंत्रमुग्ध हो गए और पूरा परिसर श्रीकृष्ण के जयकारों से गूंज उठा।
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कंस वध देख दर्शक हुए मंत्रमुग्ध, श्रीकृष्ण के लगाए जयकारे
- फोटो : amar ujala
विस्तार
कानपुर में घाटमपुर कस्बे के गांधी विद्यापीठ इंटर कॉलेज के मैदान में शुक्रवार की शाम धार्मिक और सांस्कृतिक उल्लास से सराबोर नजर आई। सार्वजनिक श्री कृष्ण लीला कमेटी के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम के दौरान भगवान श्रीकृष्ण द्वारा कंस के वध और आतिशबाजी के साथ कंस के पुतले का दहन किया गया। मंचन के दौरान जैसे ही भगवान श्रीकृष्ण ने अत्याचारी कंस का संहार किया, पूरा पंडाल और आसमान दर्शकों के श्रीकृष्ण के जयकारों से गूंज उठा।
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कार्यक्रम से पूर्व भगवान श्री कृष्ण व बलराम की मनमोहक शोभा यात्रा पुरानी अस्पताल से गाजे-बाजे और आकर्षक झाकियों के साथ आरंभ हुई। यह यात्रा नगर के मुख्य मार्गों से होते हुए गांधी विद्यापीठ इंटर कॉलेज पहुंची। यात्रा के दौरान कमेटी के संरक्षक रामचन्द्र गुप्ता, गोविन्द स्वरूप गुप्ता, दिनेश गुप्ता, अध्यक्ष पंकज ओमर, महामंत्री विपिन ओमर, कोषाध्यक्ष प्रभात ओमर समेत तमाम गणमान्य लोग मौजूद रहे। मार्ग में जगह-जगह पुष्प वर्षा कर शोभा यात्रा का भव्य स्वागत किया गया।
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मंचन ने बांधा समां, बाल-बाल बची प्रजा अत्याचारों से
लीला के दौरान मंचन किया गया कि कंस को जब गोकुल में भगवान श्रीकृष्ण के होने की सूचना मिली, तो उसने उन्हें समाप्त करने के लिए कई असुरों को भेजा, लेकिन सभी परास्त हो गए। अंततः कंस ने कुटिल चाल चलते हुए श्रीकृष्ण को अपने दरबार में आमंत्रित किया। आमने-सामने आने पर जब कंस ने अपनी मृत्यु को सामने देखा, तो वह तलवार लेकर उठ खड़ा हुआ और पैंतरे बदलने लगा। लीला में दर्शाया गया कि कैसे भगवान श्रीकृष्ण ने क्रूर कंस को उसके सिंहासन से केश पकड़कर घसीटा और उसके सीने पर प्रहार कर उसका वध कर दिया। इस दृश्य को देखकर दर्शक भावविभोर हो गए और बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश गूंज उठा।