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ताजनगरी ने पछाड़ा 'मैनचेस्टर ऑफ द ईस्ट' को, आंकड़े होश उड़ा देने वाले
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Updated Sun, 09 Dec 2018 01:53 PM IST
सार
- दुनिया में उभरते शहरों की टॉप-20 सूची में शामिल है आगरा
- औद्योगिक निवेश के तमाम प्रयासों के बावजूद कानपुर का अता पता नहीं
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विस्तार
विश्व की प्रतिष्ठित आर्थिक सर्वेक्षण एजेंसी ऑक्सफोर्ड इकनॉमिक्स ने दुनिया के कई बड़े और मंझोले शहरों की बदलती हुई आर्थिक स्थिति को लेकर दिलचस्प रिपोर्ट पेश की है। इस रिपोर्ट में उत्तर प्रदेश से आगरा एकलौता शहर है जिसे वर्ष 2019 से 2035 के बीच दुनिया में सबसे तेज आर्थिक विकास वाले शहरों में शामिल किया गया है। कानपुर वासियों के लिए निराशाजनक ये है कि औद्योगिक विकास के तमाम प्रयासों के बावजूद कानपुर इस सूची में अपनी जगह नहीं बना सका है।
अभी तक जीडीपी के आंकड़ों के लिहाज से भारत के शहर किसी गिनती में नहीं आते थे। यह पहली बार हुआ है कि आर्थिक रूप से उभरते दुनिया के शहरों के बीच भारतीय शहरों का अच्छा खासा दबदबा है। ऑक्सफोर्ड इकनॉमिक्स की रिपोर्ट में वर्ष 2019 से 2035 के बीच विकसित होते 20 शहरों में से पहले 17 भारत के हैं।
हालांकि देश के प्रमुख आर्थिक केंद्र दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु जैसे शहर ही होंगे, लेकिन तेजी से उभरते हुए शहरों में सूरत नंबर एक पर और दूसरे नंबर पर आगरा है। दिलचस्प बात ये है कि नागपुर, तिरुपुर, राजकोट, विजयवाड़ा जैसे टियर-2 वाले शहर अधिक हैं।
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अभी तक जीडीपी के आंकड़ों के लिहाज से भारत के शहर किसी गिनती में नहीं आते थे। यह पहली बार हुआ है कि आर्थिक रूप से उभरते दुनिया के शहरों के बीच भारतीय शहरों का अच्छा खासा दबदबा है। ऑक्सफोर्ड इकनॉमिक्स की रिपोर्ट में वर्ष 2019 से 2035 के बीच विकसित होते 20 शहरों में से पहले 17 भारत के हैं।
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हालांकि देश के प्रमुख आर्थिक केंद्र दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु जैसे शहर ही होंगे, लेकिन तेजी से उभरते हुए शहरों में सूरत नंबर एक पर और दूसरे नंबर पर आगरा है। दिलचस्प बात ये है कि नागपुर, तिरुपुर, राजकोट, विजयवाड़ा जैसे टियर-2 वाले शहर अधिक हैं।
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ऐसे हुआ सर्वे
एजेंसी ने दुनिया भर के 780 शहरों की आर्थिक गतिविधियों और आबादी के ट्रेंड का अध्ययन किया। भारत में ऐसे 75 से अधिक शहर चुने गए थे। कानपुर भी इनमें से एक था। काफी समय तक अध्ययन के बाद ही इस नतीजे पर पहुंचा गया कि वर्ष 2035 तक इन शहरों की स्थितियां सबसे तेज बदलेंगी।
विकास के साथ स्वस्थ माहौल भी जरूरी
उद्योग जगत व आर्थिक मामलों के जानकारों का कहना है कि कानपुर की पहचान चमड़ा कारोबार से ही है। कानपुर के चमड़े की दुनिया में पहचान है, लेकिन बीते दो साल से यहां टेनरियों की शिफ्टिंग और बंदी की चर्चाओं ने वैश्विक स्तर पर असर पहुंचाया है।
एजेंसी ने दुनिया भर के 780 शहरों की आर्थिक गतिविधियों और आबादी के ट्रेंड का अध्ययन किया। भारत में ऐसे 75 से अधिक शहर चुने गए थे। कानपुर भी इनमें से एक था। काफी समय तक अध्ययन के बाद ही इस नतीजे पर पहुंचा गया कि वर्ष 2035 तक इन शहरों की स्थितियां सबसे तेज बदलेंगी।
विकास के साथ स्वस्थ माहौल भी जरूरी
उद्योग जगत व आर्थिक मामलों के जानकारों का कहना है कि कानपुर की पहचान चमड़ा कारोबार से ही है। कानपुर के चमड़े की दुनिया में पहचान है, लेकिन बीते दो साल से यहां टेनरियों की शिफ्टिंग और बंदी की चर्चाओं ने वैश्विक स्तर पर असर पहुंचाया है।
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माना जा रहा है कि यही हालात अधिक समय तक रहे तो यहां से चमड़ा उद्योग का रुतबा खत्म हो जाएगा। यूपी में इसका फायदा आगरा को मिलेगा। यहां ताज महल जैसा विश्वप्रसिद्ध पर्यटन स्थल होने के अलावा एक्सप्रेस वे भी है। भविष्य में डिफेंस कॉरिडोर परियोजना से और लाभ मिलेगा। कई बड़ी कंपनियों ने यहां निवेश पहले से कर रखा है। कानपुर में चमड़ा कारोबार को नुकसान पहुंचाता तो औद्योगिक विकास होने के बजाय यह शहर उद्यमिता में और पिछड़ेगा। यही वजह है कि कानपुर के मुकाबले आगरा में उम्मीदें अधिक दिखी हैं।
ये हैं टॉप-10 शहर
सूरत, आगरा, बेंगलुरू, हैदराबाद, नागपुर, तिरुपुर, राजकोट, तिरुचिरापल्ली, चेन्नई, विजयवाड़ा
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