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Kanpur: रंगदारी के एक और मुकदमे में अखिलेश और लवी की हिरासत मंजूर, कड़ी सुरक्षा में सीजेएम कोर्ट में हुई पेशी

Tue, 19 Aug 2025 03:27 PM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: हिमांशु अवस्थी Updated Tue, 19 Aug 2025 03:27 PM IST
सार

Kanpur News: कानपुर में अधिवक्ता अखिलेश दुबे और उसके साथी आयुष उर्फ लवी मिश्रा को भाजपा नेता को झूठे केस में फंसाने के मामले में कोर्ट से न्यायिक हिरासत मिल गई है, जिसके बाद उन्हें जेल भेज दिया गया।

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Kanpur Akhilesh and Lavis custody approved in another extortion case produced in CJM court amid tight security
अखिलेश दुबे और लवी मिश्रा की पेशी - फोटो : amar ujala

विस्तार

कानपुर में भाजपा नेता को झूठे मुकदमे में फंसाकर रंगदारी मांगने और धमकाने के मामले में जेल भेजे गए अधिवक्ता अखिलेश दुबे और आयुष उर्फ लवी मिश्रा पर विवेचक ने सबूतों के आधार पर दो और धाराएं बढ़ाई थीं। इन धाराओं में दोनों की न्यायिक हिरासत सीजेएम कोर्ट ने मंजूर कर ली है। वहीं, कोतवाली में अधिवक्ता की ओर से दर्ज कराए गए रंगदारी वसूलने से संबंधित मुकदमे में भी अखिलेश दुबे की न्यायिक हिरासत मंजूर हो गई है।

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कड़ी सुरक्षा में दोनों को सीजेएम कोर्ट में पेश किया गया। जहां से न्यायिक हिरासत मंजूर होने के बाद दोनों को जेल भेज दिया गया। भाजपा नेता रवि सतीजा ने पॉक्सो एक्ट के तहत झूठा मुकदमा दर्ज कर रंगदारी मांगने के आरोप में अखिलेश दुबे व उसके साथियों पर बर्रा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इस मुकदमे में विवेचक ने कोर्ट से सात धाराओं में अखिलेश व लवी की न्यायिक हिरासत मंजूर करने की मांग की थी, लेकिन कोर्ट ने पर्याप्त सबूत न होने पर सिर्फ तीन धाराओं में ही न्यायिक हिरासत मंजूर की थी।

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कोर्ट ने दोनों को कर लिया था तलब
विवेचना के दौरान पुलिस ने कुछ और सबूत जुटाएं हैं, जिनके आधार पर विवेचक ने अखिलेश और लवी पर धारा 308 (7) और 61 (2) की बढ़ोतरी करने की बात कही। दोनों के खिलाफ किसी को मौत या उम्रकैद से संबंधित सजा वाले मुकदमे का डर दिखाकर रंगदारी वसूलने और आपराधिक षड्यंत्र रचने से संबंधित सबूत मिलने की बात कही है। इन दोनों धाराओं में न्यायिक हिरासत मांगने की अर्जी पर कोर्ट ने दोनों को तलब किया था। इसी तरह कोतवाली में एक अधिवक्ता ने अखिलेश दुबे व पप्पू स्मार्ट समेत दस नामजद लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी।

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एक लाख देने के बाद भी नहीं माने ये लोग
इसमें कहा था कि उन्होंने राजा ययाति के किले और लोक निर्माण विभाग की सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा करने वाले हिस्ट्रीशीटर पप्पू स्मार्ट के गिरोह के लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। इससे रंजिश मानकर गिरोह के लोगों ने अखिलेश दुबे के साथ मिलकर उन्हें पॉक्सो एक्ट के दो झूठे मुकदमों में फंसा दिया और इन्हें खत्म कराने के नाम पर दस लाख रुपये रंगदारी मांगी।

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दोनों को वापस जेल भेजा
प्रतिष्ठा बचाने के लिए उन्होंने एक लाख रुपये दिए, लेकिन इसके बाद भी यह लोग नहीं माने। इस मुकदमे में भी अखिलेश दुबे न्यायिक हिरासत में लेने के लिए विवेचक ने कोर्ट में अर्जी दी थी। इस मामले में भी कोर्ट ने अखिलेश को तलब किया था। दोनों ही मामलों में सुनवाई के बाद कोर्ट ने अखिलेश और लवी की न्यायिक हिरासत मंजूर करते हुए दोनों को वापस जेल भेज दिया।

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