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कानपुर कमिश्नर यात्री बनकर बसों में घूमे: सिटी बसों में मनमानी पर 14 ड्राइवर बर्खास्त, 13 कंडक्टर निलंबित
Thu, 02 Sep 2021 11:15 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Thu, 02 Sep 2021 11:15 PM IST
सार
बसों में सफर के दौरान मंडलायुक्त ने देखा कि बसों में मूलभूत सुविधाएं ही नहीं हैं। ड्राइवर-कंडक्टर न मास्क लगाए थे और न ही वर्दी में थे। यात्रियों के मास्क न लगाने पर कोई टोकाटाकी नहीं हो रही थी।
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कानपुर कमिश्नर यात्री बनकर बसों में घूमे
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
कानपुर में सिटी बसों में न सिर्फ यात्री सुविधाओं का टोटा है, बल्कि ड्राइवर और कंडक्टरों की मनमानी से विभाग को राजस्व का भी नुकसान हो रहा है। सालों से चल रहे इस खेल का खुलासा गुरुवार को हुआ। मंडलायुक्त डॉ. राजशेखर ने दो सिटी बसों में आम यात्री बनकर यात्रा करने के साथ छह अफसरों को अलग-अलग रूटों की 12 बसों का हाल जानने के लिए भेजा।
सफर में मनमानी और अराजकता मिलने पर 14 संविदा ड्राइवरों को बर्खास्त और 13 कंडक्टरों को निलंबित कर दिया। साथ ही बसों के खराब रखरखाव पर एआरएम को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। नगरीय बस सेवा की बसों में प्रवर्तन दल के सदस्यों को यह कमियां न दिखने को लापरवाही मानते हुए मंडलायुक्त ने इनके खिलाफ विभागीय जांच बैठा दी है।
आउटसोर्सिंग कंपनी को भी नोटिस भेजकर जवाब मांगा है। बसों में सफर के दौरान मंडलायुक्त ने देखा कि बसों में मूलभूत सुविधाएं ही नहीं हैं। ड्राइवर-कंडक्टर न मास्क लगाए थे और न ही वर्दी में थे। यात्रियों के मास्क न लगाने पर कोई टोकाटाकी नहीं हो रही थी।
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एक कंडक्टर ने यात्री से किराया तो लिया पर टिकट नहीं दिया। बसों में फर्स्टएड बॉक्स नहीं था और न ही एलईडी डिस्प्ले बोर्ड काम कर रहा था। मंडलायुक्त ने बस नंबर यूपी 78 बीटी 5708 में हर्षनगर से चुन्नीगंज तक और यूपी 78 बीटी 5698 में रावतपुर से हर्षनगर तक सफर किया।
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सफर में मनमानी और अराजकता मिलने पर 14 संविदा ड्राइवरों को बर्खास्त और 13 कंडक्टरों को निलंबित कर दिया। साथ ही बसों के खराब रखरखाव पर एआरएम को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। नगरीय बस सेवा की बसों में प्रवर्तन दल के सदस्यों को यह कमियां न दिखने को लापरवाही मानते हुए मंडलायुक्त ने इनके खिलाफ विभागीय जांच बैठा दी है।
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आउटसोर्सिंग कंपनी को भी नोटिस भेजकर जवाब मांगा है। बसों में सफर के दौरान मंडलायुक्त ने देखा कि बसों में मूलभूत सुविधाएं ही नहीं हैं। ड्राइवर-कंडक्टर न मास्क लगाए थे और न ही वर्दी में थे। यात्रियों के मास्क न लगाने पर कोई टोकाटाकी नहीं हो रही थी।
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एक कंडक्टर ने यात्री से किराया तो लिया पर टिकट नहीं दिया। बसों में फर्स्टएड बॉक्स नहीं था और न ही एलईडी डिस्प्ले बोर्ड काम कर रहा था। मंडलायुक्त ने बस नंबर यूपी 78 बीटी 5708 में हर्षनगर से चुन्नीगंज तक और यूपी 78 बीटी 5698 में रावतपुर से हर्षनगर तक सफर किया।
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खामियों में सुधार पर बैठक नौ को
उन्होंने मंडल स्तर के छह अधिकारियों की टीम भी बनाई थी, जो अलग अलग रूटों की 12 बसों पर निरीक्षण करने गई। खामियों की रिपोर्ट मिलने के बाद मंडलायुक्त ने रोडवेज के आरएम और सिटी बस सेवा के एमडी अनिल अग्रवाल समेत सिटी बस सेवा के एआरएम और संबंधित अफसरों की बैठक नौ सितंबर को बुलाई है, जिसमें खामियों में सुधार पर चर्चा होगी।
निरीक्षण टीम में उपनिदेशक पंचायत अभय कुमार शाही, उप निदेशक दिव्यांग कल्याण अखिलेश बाजपेई, संयुक्त निदेशक कृषि डीके सिंह, सहायक निदेशक बेसिक शिक्षा राजेश शाही, अधिशाषी अभियंता टीएसी मनोज कुमार, अधिशाषी अभियंता लघु सिंचाई अखिलेश कुमार शामिल रहे।
उन्होंने मंडल स्तर के छह अधिकारियों की टीम भी बनाई थी, जो अलग अलग रूटों की 12 बसों पर निरीक्षण करने गई। खामियों की रिपोर्ट मिलने के बाद मंडलायुक्त ने रोडवेज के आरएम और सिटी बस सेवा के एमडी अनिल अग्रवाल समेत सिटी बस सेवा के एआरएम और संबंधित अफसरों की बैठक नौ सितंबर को बुलाई है, जिसमें खामियों में सुधार पर चर्चा होगी।
निरीक्षण टीम में उपनिदेशक पंचायत अभय कुमार शाही, उप निदेशक दिव्यांग कल्याण अखिलेश बाजपेई, संयुक्त निदेशक कृषि डीके सिंह, सहायक निदेशक बेसिक शिक्षा राजेश शाही, अधिशाषी अभियंता टीएसी मनोज कुमार, अधिशाषी अभियंता लघु सिंचाई अखिलेश कुमार शामिल रहे।