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UP: नवोदय में नाली के कीड़े कहकर अपमान, अधपेट भोजन पर भड़का छात्रों का गुस्सा; कन्नौज में 95 ने की भूख हड़ताल

Fri, 14 Aug 2026 07:06 AM IST
प्रसून शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला,कन्नौज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला,कन्नौज Published by: प्रसून शुक्ला Updated Fri, 14 Aug 2026 07:06 AM IST
सार

Kannauj News: अनौगी स्थित जवाहर नवोदय विद्यालय में अव्यवस्थाओं को लेकर छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा। 10वीं से 12वीं तक के 95 छात्रों ने हॉस्टल में खुद को बंद कर भूख हड़ताल शुरू कर दी। छात्रों ने प्रधानाचार्य को हटाने, भोजन व्यवस्था सुधारने और विद्यालय की अन्य समस्याओं का समाधान कराने की मांग की।

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Kannauj: 95 Navodaya Students Begin Hunger Strike, Anger Over ‘Drain Worm’ Remark and Food Shortage
Navodaya Students Hunger Strike - फोटो : amar ujala

विस्तार

कन्नौज के अनौगी स्थित जवाहर नवोदय विद्यालय में व्यवस्थाएं पटरी से उतर चुकी हैं। घटिया भोजन, गंदा पानी, सुविधाओं का अकाल और ऊपर से बात-बात पर मिलने वाली जलालत से तंग आकर कक्षा 10वीं से 12वीं तक के 95 छात्रों ने हॉस्टल के भीतर खुद को बंद कर भूख हड़ताल शुरू कर दी।

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छात्रों का आरोप है कि स्वतंत्रता दिवस की तैयारी के दौरान 'भारत माता की जय' और 'वंदे मातरम' के नारे लगाने पर प्रधानाचार्य इस कदर आगबबूला हो गए कि उन्होंने राष्ट्रभक्त छात्रों के लिए 2 मिनट का शोक मौन रखवा दिया।

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Kannauj: 95 Navodaya Students Begin Hunger Strike, Anger Over ‘Drain Worm’ Remark and Food Shortage
छात्रों ने खुद को हॉस्टल में किया बंद - फोटो : अमर उजाला

इतना ही नहीं, सुबह की प्रार्थना सभा में छात्रों को 'नाली का कीड़ा' तक कहकर अपमानित किया गया। भोजन की बर्बादी, बदइंतजामी और लगातार हो रही बेइज्जती का घड़ा फूटा तो 95 छात्रों ने अनशन का रास्ता चुना, जिससे पूरे जिले के प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया।

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अव्यवस्थाओं की मार झेल रहे 550 मासूम

अनौगी स्थित जवाहर नवोदय विद्यालय में कक्षा 6 से 12वीं तक के करीब 550 छात्र-छात्राएं पढ़ते हैं। कहने को तो यह केंद्र सरकार का एक प्रतिष्ठित आवासीय संस्थान है, लेकिन हकीकत में यहाँ बच्चे नर्क जैसी जिंदगी जीने को मजबूर हैं। छात्रों ने अधिकारियों के सामने अपनी आपबीती सुनाते हुए बताया कि मेस में रोज कच्चे चावल परोसे जाते हैं।

Kannauj: 95 Navodaya Students Begin Hunger Strike, Anger Over ‘Drain Worm’ Remark and Food Shortage
अधपेट भोजन पर भड़का छात्रों का गुस्सा - फोटो : amar ujala

बीते बुधवार की रात तो हद ही हो गई जब खाना पूरी तरह कम पड़ गया और दर्जनों मासूम छात्रों को भूखे पेट ही सोना पड़ा। स्कूल में पीने के लिए शुद्ध पेयजल तक मयस्सर नहीं है। स्वच्छता का दूर-दूर तक नामोनिशान नहीं है और खेल के मैदान बदहाल पड़े हैं।

जब भी छात्र इन समस्याओं को लेकर मेस के हेड कुक या सामाजिक विषय के शिक्षक से शिकायत करते हैं, तो समाधान करने के बजाय उन्हें डांटकर भगा दिया जाता है। प्रधानाचार्य से जब गुहार लगाई जाती है, तो वे अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए कहते हैं— "तुम सब नाली के कीड़े हो और नाली में ही रह जाओगे।"

Kannauj: 95 Navodaya Students Begin Hunger Strike, Anger Over ‘Drain Worm’ Remark and Food Shortage
अधपेट भोजन पर भड़का छात्रों का गुस्सा - फोटो : amar ujala

भारत माता की जय' पर भड़के प्रधानाचार्य

छात्रों के आक्रोश का सबसे बड़ा कारण प्रधानाचार्य का वो फरमान बना, जिसने हर किसी को हैरान कर दिया। छात्रों ने गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि बुधवार को जब वे स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त) के कार्यक्रमों की तैयारी कर रहे थे और पूरे उत्साह के साथ 'भारत माता की जय' व 'वंदे मातरम' के नारे लगा रहे थे, तभी प्रधानाचार्य बुरी तरह भड़क गए।

नारेबाजी से नाराज होकर प्रधानाचार्य ने राष्ट्रध्वज और भारत माता का जयकारा लगाने वाले छात्रों का अपमान करने के उद्देश्य से प्रार्थना सभा में 2 मिनट का शोक मौन रखवा दिया। स्वतंत्रता दिवस जैसे पवित्र राष्ट्रीय पर्व से ठीक पहले एक शिक्षा संस्थान के प्रमुख द्वारा देशभक्ति के नारों पर इस तरह का रवैया अपनाए जाने से छात्रों का सब्र टूट गया और उन्होंने आर-पार की लड़ाई लड़ने का मन बना लिया।

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अधपेट भोजन पर भड़का छात्रों का गुस्सा - फोटो : amar ujala

नाश्ता लेने से इनकार, प्रशासनिक अमले में हड़कंप

गुरुवार सुबह 10वीं से 12वीं तक के छात्रों ने मेस का नाश्ता लेने से साफ इनकार कर दिया। इसके बाद 95 छात्र एकजुट होकर अपने हॉस्टल के भीतर दाखिल हुए और अंदर से मुख्य कुंडी (ताला) बंद कर ली। देखते ही देखते छात्रों की भूख हड़ताल की खबर पूरे जिले में आग की तरह फैल गई।

सूचना मिलते ही डीआईओएस पप्पू सरोज, एसडीएम सदर वैभव गुप्ता, सीओ सिटी शिल्पा वर्मा और नायब तहसीलदार दलबल के साथ नवोदय विद्यालय पहुंचे। अधिकारियों ने हॉस्टल के बाहर खड़े होकर करीब आधे घंटे तक खिड़की और दरवाजों से छात्रों को मनाने और समझाने की कोशिश की।

Kannauj: 95 Navodaya Students Begin Hunger Strike, Anger Over ‘Drain Worm’ Remark and Food Shortage
अधपेट भोजन पर भड़का छात्रों का गुस्सा - फोटो : amar ujala

अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि उनकी शिकायतों पर गौर किया जाएगा, लेकिन आक्रोशित छात्र अपनी जिद पर अड़े रहे। छात्रों की साफ मांग थी कि जब तक आरोपी प्रधानाचार्य को हटाया नहीं जाता, मेस के हेड कुक और संबंधित शिक्षक पर कार्रवाई नहीं होती और खुद जिलाधिकारी (डीएम) मौके पर नहीं आते, तब तक वे न तो ताला खोलेंगे और न ही अन्न-जल ग्रहण करेंगे।

डीएम से बात, फिर भी नहीं माने छात्र

छात्रों के कड़े रुख को देखते हुए एसडीएम सदर वैभव गुप्ता ने मौके से ही जिलाधिकारी आशुतोष मोहन अग्निहोत्री को फोन लगाया और मोबाइल से छात्रों की बात कराई। डीएम ने फोन पर छात्रों को ढांढस बंधाया और आश्वासन दिया कि वे 16 अगस्त को खुद विद्यालय आकर एक-एक समस्या को सुनेंगे और उसका समाधान करेंगे। हालांकि, छात्र इस बात पर अड़े रहे कि जब तक कोई ठोस प्रशासनिक कदम नहीं उठाया जाता, वे अपनी भूख हड़ताल खत्म नहीं करेंगे।

देर शाम पहुंचे डीएम-एडीएम: साथ बैठकर खाया खाना

मामले की गंभीरता और छात्रों के अडिग रवैये को देखते हुए देर शाम स्वयं जिलाधिकारी आशुतोष मोहन अग्निहोत्री और अपर जिलाधिकारी देवेंद्र सिंह नवोदय विद्यालय पहुंचे। अधिकारियों ने हॉस्टल पहुंचकर छात्रों को बाहर निकाला और उनसे आमने-सामने बैठकर उनकी सभी मांगों को ध्यान से सुना।

छात्रों का दुखड़ा सुनने के बाद जिलाधिकारी ने अधिकारियों की मौजूदगी में बड़ा आश्वासन दिया, डीएम ने स्पष्ट किया कि विवादित प्रधानाचार्य के स्थानांतरण और विभागीय कार्रवाई के लिए नवोदय विद्यालय समिति के उच्च अधिकारियों को शासन स्तर पर पत्र भेजा जाएगा।मेस में घटिया भोजन और अव्यवस्थाओं को दूर करने के लिए एसडीएम सदर वैभव गुप्ता को जिम्मेदारी सौंपी गई।

डीएम ने निर्देश दिया कि एसडीएम बिना बताए औचक निरीक्षण करेंगे, भोजन की गुणवत्ता चेक करेंगे और अपनी रिपोर्ट सौंपेंगे। धांधली मिलने पर हेड कुक व जिम्मेदार कर्मचारियों पर सीधी कार्रवाई होगी। डीएम ने स्वीकार किया कि जांच के दौरान विद्यालय स्टाफ की कई गंभीर कमियां सामने आई हैं, जिनकी विस्तृत जांच कराकर सख्त कदम उठाए जाएंगे।

डीएम के इस ठोस और लिखित आश्वासन के बाद सुबह से चला आ रहा गतिरोध देर शाम समाप्त हो गया। छात्रों ने अपनी भूख हड़ताल वापस ली। इसके बाद डीएम आशुतोष मोहन अग्निहोत्री और एडीएम ने खुद मेस में जाकर बच्चों के साथ जमीन पर बैठकर रात का भोजन किया और व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

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