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Kanpur News: जनसेवा केंद्र संचालक गिरफ्तार, 27 कूटरचित जन्म प्रमाणपत्र बरामद
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कानपुर। काकादेव पुलिस ने फर्जी दस्तावेज तैयार करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश करते हुए जनसेवा केंद्र संचालक को गिरफ्तार किया है। आरोपी दिल्ली नगर निगम के नाम से फर्जी जन्म प्रमाणपत्र तैयार कर लोगों को उपलब्ध कराता था। पुलिस ने उसके कब्जे से 27 कूटरचित जन्म प्रमाणपत्र बरामद किए हैं। मामले में दो अन्य आरोपी फरार हैं जिनकी तलाश की जा रही है।
एसपी स्वरूप ज्योतिश्री ने बताया कि एक व्यक्ति ने काकादेव थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि उसने जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के लिए एक जनसेवा केंद्र पर आवेदन किया था लेकिन उसे दिल्ली नगर निगम के नाम से जारी फर्जी जन्म प्रमाण पत्र दे दिया गया। शिकायत के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। जांच में शास्त्री नगर स्थित एक जनसेवा केंद्र के संचालक अखिलेश गुप्ता की संलिप्तता सामने आई। उनके मुताबिक आरोपी अपने दो साथियों के साथ मिलकर फर्जी एवं कूटरचित जन्म, मृत्यु, आय और निवास प्रमाण पत्र तैयार करता था।
इन दस्तावेजों पर दिल्ली नगर निगम का विवरण अंकित कर उनका इस्तेमाल आधार कार्ड समेत अन्य सरकारी दस्तावेजों में संशोधन कराने के लिए किया जाता था। साक्ष्य मिलने के बाद 18 जुलाई को काकादेव थाने में रिपोर्ट दर्ज की गई थी। पुलिस ने मुख्य आरोपी अखिलेश गुप्ता को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से दिल्ली नगर निगम के नाम से तैयार 27 फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बरामद किए। आरोपी को न्यायालय में पेश कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है। एसीपी का कहना है कि गिरोह के दो अन्य सदस्य अभी फरार हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। मामले की विवेचना जारी है और यह भी जांच की जा रही है कि फर्जी दस्तावेजों के जरिए कितने लोगों के सरकारी रिकॉर्ड में बदलाव कराया गया।
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एसपी स्वरूप ज्योतिश्री ने बताया कि एक व्यक्ति ने काकादेव थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि उसने जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के लिए एक जनसेवा केंद्र पर आवेदन किया था लेकिन उसे दिल्ली नगर निगम के नाम से जारी फर्जी जन्म प्रमाण पत्र दे दिया गया। शिकायत के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। जांच में शास्त्री नगर स्थित एक जनसेवा केंद्र के संचालक अखिलेश गुप्ता की संलिप्तता सामने आई। उनके मुताबिक आरोपी अपने दो साथियों के साथ मिलकर फर्जी एवं कूटरचित जन्म, मृत्यु, आय और निवास प्रमाण पत्र तैयार करता था।
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इन दस्तावेजों पर दिल्ली नगर निगम का विवरण अंकित कर उनका इस्तेमाल आधार कार्ड समेत अन्य सरकारी दस्तावेजों में संशोधन कराने के लिए किया जाता था। साक्ष्य मिलने के बाद 18 जुलाई को काकादेव थाने में रिपोर्ट दर्ज की गई थी। पुलिस ने मुख्य आरोपी अखिलेश गुप्ता को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से दिल्ली नगर निगम के नाम से तैयार 27 फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बरामद किए। आरोपी को न्यायालय में पेश कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है। एसीपी का कहना है कि गिरोह के दो अन्य सदस्य अभी फरार हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। मामले की विवेचना जारी है और यह भी जांच की जा रही है कि फर्जी दस्तावेजों के जरिए कितने लोगों के सरकारी रिकॉर्ड में बदलाव कराया गया।
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