{"_id":"582940c24f1c1bf77eb3cc50","slug":"india-england-match-speculative-clean-bowled","type":"story","status":"publish","title_hn":"इंडिया-इंग्लैंड मैच में सट्टा क्लीन बोल्ड","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
इंडिया-इंग्लैंड मैच में सट्टा क्लीन बोल्ड
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, कानपुर
Updated Mon, 14 Nov 2016 10:16 AM IST
विज्ञापन
डेमो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नोटबंदी से इंडिया-इंग्लैंड राजकोट टेस्ट मैच में शहर के सट्टेबाज क्लीन बोल्ड हो गए। वहीं बांग्लादेश प्रीमियर लीग में भी सट्टेबाज बगैर खाता खोले आउट हो गए। 8 नवंबर को नोटबंदी की घोषणा के बाद से शहर में जुआ,सट्टा,डब्बा का नाजायज धंधा बंद हो गया है। आईपीएल,वनडे,टेस्ट मैच की ऐसी कोई सीरीज नहीं है जिसपर शहर में लाखों का सट्टा न लगता हो।
रविवार को इंडिया-इंग्लैंड के टेस्ट मैच के फैसले पर नई दिल्ली और जयपुर के सट्टेबाजों ने शहर में अपने लोगों से संपर्क किया। टेस्ट मैच में सट्टा न लगने पर बांग्लादेश प्रीमियर लीग पर सट्टा लगाने का ऑफर दिया गया। इस ऑफर को भी शहर के सट्टेबाजों ने ठुकरा दिया। सूत्रों के मुताबिक नोटबंदी के बाद शहर में जुआ, सट्टा, डब्बा बंद हो गया है। इस धंधे से जुड़े लोगों का कहना है कि पूरा धंधा बड़े नोटों पर टिका था। सिर्फ फोन पर ही करोड़ों-लाखों का धंधा होता था। बड़े नोट बंद होने से पूरा धंधा बंद हो गया। रविवार शाम से नई दिल्ली, जयपुर में बैठे बुकीज के फोन भी बंद हो गए हैं। इससे पहले शहर में उनके लोगों को अपना हिसाब-किताब खत्म करने को कहा गया है।
जुआ भी बंद
आमतौर पर दिवाली से लेकर कार्तिक पूर्णिमा तक शहर में बड़े पैमाने पर जुआ खेला जाता है। यह जुआ संगठित रूप से तो नहीं होता है लेकिन लोकल थाने को मैनेज कर होता है। वहीं त्योहारी जुए के अलावा शहर में बड़े जुआड़घर हैं जहां स्थाई रूप से जुआ चलता रहता है। इसमें व्यापारी, नौकरीपेशा से लेकर अपराधी जुआ खेलने आते हैं। नोटबंदी के बाद जुआड़घर चलाने वाले परेशान हैं।
विज्ञापन
अवैध कमोडिटी एक्सचेंज भी बंद
सोना,चांदी जैसी धातुओं हल्दी,मिर्च जैसे मसालों का अवैध रूप से कमोडिटी एक्सचेंज(डिब्बा) के माध्यम से धंधा करने वाले भी शांत हो गए हैं। जिसके पास कमोडिटी एक्सचेंज की वैध आईडी होती है वह भी अपने दलालों के माध्यम से लोगों का पैसा अवैध रूप से धंधे में लगा लेता है। इसमें ज्यादातर दलालों के
माध्यम से लोगों का कालाधन लगा होता है।
इस धंधे से जुड़े लोगों का कहना है कि 8 नवंबर को नोटबंदी की घोषणा के तुरंत बाद सोने के भाव बढ़े थे। उसके बाद अवैध रूप से ये काम करने वालों ने मार्केट से पैसा उठाना चाहा लेकिन किसी ने पैसा नहीं दिया।
विज्ञापन
रविवार को इंडिया-इंग्लैंड के टेस्ट मैच के फैसले पर नई दिल्ली और जयपुर के सट्टेबाजों ने शहर में अपने लोगों से संपर्क किया। टेस्ट मैच में सट्टा न लगने पर बांग्लादेश प्रीमियर लीग पर सट्टा लगाने का ऑफर दिया गया। इस ऑफर को भी शहर के सट्टेबाजों ने ठुकरा दिया। सूत्रों के मुताबिक नोटबंदी के बाद शहर में जुआ, सट्टा, डब्बा बंद हो गया है। इस धंधे से जुड़े लोगों का कहना है कि पूरा धंधा बड़े नोटों पर टिका था। सिर्फ फोन पर ही करोड़ों-लाखों का धंधा होता था। बड़े नोट बंद होने से पूरा धंधा बंद हो गया। रविवार शाम से नई दिल्ली, जयपुर में बैठे बुकीज के फोन भी बंद हो गए हैं। इससे पहले शहर में उनके लोगों को अपना हिसाब-किताब खत्म करने को कहा गया है।
विज्ञापन
जुआ भी बंद
आमतौर पर दिवाली से लेकर कार्तिक पूर्णिमा तक शहर में बड़े पैमाने पर जुआ खेला जाता है। यह जुआ संगठित रूप से तो नहीं होता है लेकिन लोकल थाने को मैनेज कर होता है। वहीं त्योहारी जुए के अलावा शहर में बड़े जुआड़घर हैं जहां स्थाई रूप से जुआ चलता रहता है। इसमें व्यापारी, नौकरीपेशा से लेकर अपराधी जुआ खेलने आते हैं। नोटबंदी के बाद जुआड़घर चलाने वाले परेशान हैं।
विज्ञापन
अवैध कमोडिटी एक्सचेंज भी बंद
सोना,चांदी जैसी धातुओं हल्दी,मिर्च जैसे मसालों का अवैध रूप से कमोडिटी एक्सचेंज(डिब्बा) के माध्यम से धंधा करने वाले भी शांत हो गए हैं। जिसके पास कमोडिटी एक्सचेंज की वैध आईडी होती है वह भी अपने दलालों के माध्यम से लोगों का पैसा अवैध रूप से धंधे में लगा लेता है। इसमें ज्यादातर दलालों के
माध्यम से लोगों का कालाधन लगा होता है।
इस धंधे से जुड़े लोगों का कहना है कि 8 नवंबर को नोटबंदी की घोषणा के तुरंत बाद सोने के भाव बढ़े थे। उसके बाद अवैध रूप से ये काम करने वालों ने मार्केट से पैसा उठाना चाहा लेकिन किसी ने पैसा नहीं दिया।