इत्र कारोबारी मामला: कहां से आया 197 करोड़ कैश, 23 किलो सोना, पीयूष जैन से पूछेगा आयकर विभाग
पीयूष जैन मामले में डीजीजीआई अहमदाबाद ने आयकर विभाग को प्रारंभिक रिपोर्ट सौंप दी है। आयकर विभाग कालेधन का स्रोत पता करेगा।
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डीजीजीआई की रिपोर्ट आयकर के लिए काफी अहम मानी जा रही है। डीजीजीआई अहमदाबाद ने 22 दिसंबर 2021 को इत्र कारोबारी के कन्नौज स्थित घर, गोदाम, कानपुर के आनंदपुरी स्थित मकान पर छापा मारा था। इसके साथ ही शिखर पान मसाला के मालिक प्रदीप अग्रवाल, गणपति ट्रांसपोर्टर के मालिक प्रवीण जैन के ठिकानों पर कार्रवाई की थी।
पीयूष जैन के कानपुर स्थित मकान से 177.45 करोड़ और कन्नौज स्थित प्रतिष्ठान से 19 करोड़ कैश समेत कुल 197 करोड़ कैश बरामद हुआ था। इसके साथ ही 23 किलो सोना भी मिला था। इसमें से आधा सोना विदेशी था। पीयूष जैन के तार पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में रहने सुपाड़ी किंग से भी जुड़ा था। इसकी जांच भी आयकर करेगा।
पिता 20 साल रहे हैं विदेश में
सूत्रों ने बताया कि पीयूष के पिता महेश चंद जैन 20 साल सेे ज्यादा समय तक विदेश में रहे हैं। वहां की नागरिकता भी ली थी। साल 2015 के करीब वो वापस आए हैं। तब से कन्नौज में ही रह रहे हैं। ऐसे में जांच का दायरा और बढ़ने की संभावना है।
आयकर रिटर्न केवल लाखों में
पीयूष जैन ने सालाना आयकर रिटर्न में 15 लाख रुपये की कमाई दिखाई थी। इसके अलावा पिता की कमाई भी 18 लाख दिखाई थी। पत्नी की कमाई 8 लाख बताई थी। इसकी कंपनी ओडोचेम कंपनी का सालाना टर्न ओवर महज सात करोड़ है। बीते 10 सालों के आयकर और जीएसटी के रिटर्नों का मिलान किया गया है।