UP: आतंकियों पर रहेगी आईआईटी की ‘चिड़िया’ की नजर, बहुत कम आवाज करता है छोटे पक्षियों के आकार वाला ड्रोन
आईआईटी के एयरोस्पेस विभाग के छात्र वसंत ने इस नैनो ड्रोन को तैयार किया है। ये रक्षा बलों की टोही क्षमताओं को बढ़ाने में मददगार है। उन्होंने बताया कि यह ड्रोन चुपके से दुश्मन के खेमे में जाकर उनके मंसूबों की जानकारी सेना तक पहुंचाएगा।
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उरी फिल्म में सर्जिकल स्ट्राइक से पहले एक गरुड़ ड्रोन को आतंकियों पर नजर रखने के लिए भेजा गया था, कुछ इसी तरह का ड्रोन आईआईटी के इंजीनियर ने तैयार किया है। खास बात यह है कि यह चिड़िया रूपी ड्रोन महज 232 ग्राम का है। यह ड्रोन बहुत कम आवाज करता है। बहुत छोटे आकार का होने के कारण दुश्मन इसे देख भी नहीं पाएंगे।
आईआईटी के एयरोस्पेस विभाग के छात्र वसंत ने इस नैनो ड्रोन को तैयार किया है। ये रक्षा बलों की टोही क्षमताओं को बढ़ाने में मददगार है। उन्होंने बताया कि यह ड्रोन चुपके से दुश्मन के खेमे में जाकर उनके मंसूबों की जानकारी सेना तक पहुंचाएगा। उन्होंने बताया कि यह ड्रोन गौरैया और अन्य छोटे पक्षियों के आकार और आयाम की नकल करता है, इसलिए रडार के लिए इसे पहचानना बहुत मुश्किल हो जाता है।
उन्होंने बताया कि इसकी बॉडी को विभिन्न पक्षियों की तरह बनाने पर काम चल रहा है। सैन्य बलों के सामने इसका ट्रायल किया गया जो काफी हद तक सफल रहा है। कुछ ट्रायल होने अभी बाकी हैं। एक लाख की कीमत में यह तैयार होगा। इस ड्रोन को दुश्मन के रडार की रोशनी से बचाने पर भी हम लोग काम कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि सरकार के ड्रोन नियम 2021 के अनुसार, 250 ग्राम से कम वजन वाले मानव रहित विमान प्रणालियों को नैनो ड्रोन के रूप में मान्यता दी गई है।
ये हैं विशेषताएं
- नैनो ड्रोन 120 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से उड़ान भर सकता है।
- 35 मीटर की दूरी पर आवाज बहुत कम और हल्का धुंधला दिखेगा। 50 मीटर पर यह बिल्कुल दिखना बंद हो जाएगा।
- एक बार चार्ज करने पर 30 मिनट तक उड़ सकता है और दो किलोमीटर तक उड़ान भर सकता है।
- यह चार किमी की परिधि में सभी गतिविधियों को अपने कैमरे में कैद करेगा।