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आईआईटी कानपुर को 213 ने किया ‘लॉक’

Sun, 03 Jul 2016 01:03 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, कानपुर
अमर उजाला ब्यूरो, कानपुर Updated Sun, 03 Jul 2016 01:03 AM IST
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IIT Kanpur 213 by the 'Lock'
आईआईटी कानपुर में काउंसलिंग के दौरान दस्तावेज का सत्यापन कराते स्टूडेंट। - फोटो : amarujala
कानपुर। देश की 22 आईआईटी, आईएसएम धनबाद, एनआईटी, ट्रिपल आईटी और जीएफटी में एडमिशन के लिए आईआईटी कानपुर में चल रही काउंसलिंग में स्टूडेंटों की पसंद आईआईटी कानपुर बना है। यहां की 827 सीटों के लिए अब तक 213 सीटें लॉक हो चुकी हैं। 192 स्टूडेंटों ने शैक्षिक दस्तावेज का सत्यापन कराया है। रविवार को 238 स्टूडेंटों को काउंसलिंग के लिए बुलाया गया है। आईआईटी और उनकी सीटों का विकल्प लॉक करने वाले स्टूडेंटों केे शैक्षिक दस्तावेज का सत्यापन लेक्चर हॉल कांप्लेक्स-7 और 17 में हुआ। 6 जुलाई से एडमिशन के आधिकारिक लेटर जारी होंगे। जेईई चेयरमैन प्रो. एसएन सिंह ने बताया कि पहले चरण के सीट अलाटमेंट का पूरा ब्योरा 6 जुलाई को वेबसाइटों पर उपलब्ध करा दिया जाएगा।
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मनुष्य की तरह सोच कर फैसला लेंगे रोबोट
कानपुर। भविष्य में ऐसे रोबोट तैयार किए जा सकेंगे जो हर काम को अपनी समझ से कर सकेंगे। उन्हें निर्देश की जरूरत नहीं पड़ेगी। ऐसी तकनीक पर देश में तेजी से काम चल रहा है। अमेरिका से इस संबंध में कई चरणों में वार्ता भी हो चुकी है। ये रोबोट ‘मशीन लर्निंग’ तकनीक से बनाए जाएंगे। इसी तकनीक के जरिए भविष्य में डाटा स्टोर करने के लिए हार्ड डिस्क या पेन ड्राइव की जरूरत नहीं पड़ेगी। सॉफ्टवेयर में ही सारा डाटा स्टोर हो जाएगा।
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आईआईएस (इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस) बंगलूरू के प्रोफेसर पार्थ ताल्कुदार ने यह जानकारी आईआईटी कानपुर में ‘मशीन लर्निंग एंड आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस’ पर आयोजित तीन दिवसीय कार्यशाला में दी। कार्यशाला का यह दूसरा दिन था। इसमें 73 स्टूडेंट और 16 प्रोफेसर हिस्सा ले रहे हैं।
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संस्थान के कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग और सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ टेक्निकल एजूकेशन की ओर से आयोजित कार्यशाला में आईआईटी गांधीनगर के प्रोफेसर अनिरबन दास ने बताया कि किसी सोशल साइट में कितने लोग जुड़े हैं उसकी भी असली फिगर इस तकनीक के जरिए पता चल सकेगी। आईआईएस बंगलूरू के आदित्य गोपालायन ने कहा कि मशीन लर्निंग का उपयोग शिक्षा, चिकित्सा और सोशल नेट वर्किंग में हो रहा है।
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