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राशन कोटा चयन में धांधली का आरोप लगा ग्रामीणों ने किया बहिष्कार
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भंवरपुर गांव में ग्रामीणो को समझाते एडीओ पंचायत।
- फोटो : AKBARPUR
रूरा (कानपुर देहात)। शनिवार को मैथा ब्लॉक के भंवरपुर गांव में सरकारी राशन वितरण दुकान के चयन में ग्रामीणों ने धांधली का आरोप लगाकर बहिष्कार कर दिया। मौके पर मौजूद एडीओ ने एक पखवाड़ा का समय देकर शांत कराया।
भंवरपुर गांव के कोटेदार हाकिम खान की दुकान अनियमितता की शिकायत के चलते निरस्त कर दी गई थी। गांव के 456 कार्डधारकों को कारी कलवारी की नवल कुमारी के कोटे से संबद्ध कर दिया गया था। शनिवार को नए कोटेदार का चयन कराने के लिए भंवरपुर के मजरा चैनपुर के प्राथमिक विद्यालय परिसर में ग्रामीणों को बुलाया गया। मौजूद एडीओ पंचायत विमल सचान ने चैनपुर गांव के एक महिला स्वयं सहायता समूह को प्राथमिकता देने की बात कही। इस पर भंवरपुर गांव के ग्रामीण भड़क गए।
यहां के ग्रामीण हरिओम, सरोज, चंद्रपाल, सुरेंद्र पाल, रणधीर कश्यप, अरुण शर्मा, हनीफ मोहम्मद आदि का कहना था कि बिना किसी पूर्व सूचना के अचानक चुनाव कराया गया। दो दिन पूर्व ही समूह बनाकर राशन दुकान आवंटन करना पूर्व नियोजित है। ग्रामीणों का आरोप है कि ग्रामसभा भंवरपुर के पंचायत घर में बैठक करने के बजाय मजरा चैनपुर में बैठक की गई। इस दौरान कई बार ग्रामीण आक्रोशित हुए। जिससे माहौल बिगड़ते बचा। पूर्व सूचना के बाद मौके पर कोई पुलिस कर्मी मौजूद नहीं रहा। गनीमत रही कि ग्रामीण एडीओ पंचायत द्वारा एक पखवाड़ा का समय देने की बात पर ग्रामीण शांत हो गए। एडीओ पंचायत विमल सचान ने बताया कि कोटा चयन में समूह को प्राथमिकता दी जाती है। विरोध के बाद 31 अक्तूबर तक अन्य लोगों को समूह बनाने की समयावधि दी गई है।
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भंवरपुर गांव के कोटेदार हाकिम खान की दुकान अनियमितता की शिकायत के चलते निरस्त कर दी गई थी। गांव के 456 कार्डधारकों को कारी कलवारी की नवल कुमारी के कोटे से संबद्ध कर दिया गया था। शनिवार को नए कोटेदार का चयन कराने के लिए भंवरपुर के मजरा चैनपुर के प्राथमिक विद्यालय परिसर में ग्रामीणों को बुलाया गया। मौजूद एडीओ पंचायत विमल सचान ने चैनपुर गांव के एक महिला स्वयं सहायता समूह को प्राथमिकता देने की बात कही। इस पर भंवरपुर गांव के ग्रामीण भड़क गए।
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यहां के ग्रामीण हरिओम, सरोज, चंद्रपाल, सुरेंद्र पाल, रणधीर कश्यप, अरुण शर्मा, हनीफ मोहम्मद आदि का कहना था कि बिना किसी पूर्व सूचना के अचानक चुनाव कराया गया। दो दिन पूर्व ही समूह बनाकर राशन दुकान आवंटन करना पूर्व नियोजित है। ग्रामीणों का आरोप है कि ग्रामसभा भंवरपुर के पंचायत घर में बैठक करने के बजाय मजरा चैनपुर में बैठक की गई। इस दौरान कई बार ग्रामीण आक्रोशित हुए। जिससे माहौल बिगड़ते बचा। पूर्व सूचना के बाद मौके पर कोई पुलिस कर्मी मौजूद नहीं रहा। गनीमत रही कि ग्रामीण एडीओ पंचायत द्वारा एक पखवाड़ा का समय देने की बात पर ग्रामीण शांत हो गए। एडीओ पंचायत विमल सचान ने बताया कि कोटा चयन में समूह को प्राथमिकता दी जाती है। विरोध के बाद 31 अक्तूबर तक अन्य लोगों को समूह बनाने की समयावधि दी गई है।
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