हरदोई में हैवानियत: शराबी पति ने सिलबट्टे से चेहरा कूचकर पत्नी को मार डाला, घर लॉक कर भागा; इलाके में हड़कंप
Hardoi News: कासिमपुर थाना क्षेत्र के गौरीदायमपुर गांव में शुक्रवार शाम एक महिला की घर के अंदर हत्या कर दी गई। आरोप है कि पति ने घरेलू विवाद के दौरान सिलबट्टे से हमला कर पत्नी की जान ले ली। घटना के बाद आरोपी घर का दरवाजा बाहर से बंद कर फरार हो गया।
विस्तार
हरदोई जिले के कासिमपुर थाना क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। यहां के गौरीदायमपुर गांव में शुक्रवार देर शाम घरेलू कलह और शराब के नशे में धुत एक पति ने हैवानियत की सारी हदें पार कर दीं। मामूली विवाद के बाद पति ने घर में रखे भारी-भरकम सिलबट्टे से वार कर अपनी 35 वर्षीय पत्नी की बेरहमी से हत्या कर दी।
वारदात को अंजाम देने के बाद शातिर आरोपी मकान के दरवाजे बाहर से बंद करके (लॉक कर) मौके से फरार हो गया। हालांकि, देर शाम उसे संदिग्ध हालत में भागते देख ग्रामीणों को गहरा शक हुआ। जब पड़ोसियों ने घर के बाहर का कुंडा खोलकर अंदर देखा, तो वहां का नजारा देखकर उनकी रूह कांप गई। सूचना मिलते ही पुलिस और फॉरेंसिक की टीमें मौके पर पहुंच गईं।
शराब के नशे में आया और सिलबट्टे से किए ताबड़तोड़ वार
कासिमपुर थाना क्षेत्र के गौरीदायमपुर गांव का रहने वाला कुंजबिहारी गुप्ता गांव में ही मजदूरी करके जीवन-यापन करता है। उसकी शादी वर्ष 2017 में एक मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह समारोह के दौरान लखनऊ जनपद के चौक क्षेत्र की रहने वाली मोनी (35) के साथ हुई थी।
ग्रामीणों के अनुसार, शादी के कुछ समय बाद से ही कुंजबिहारी को शराब की लत लग गई थी, जिसके चलते घर में आए दिन कलह और मारपीट होती थी। शुक्रवार देर शाम लगभग 7:30 बजे कुंजबिहारी अत्यधिक शराब के नशे में चूर होकर अपने घर पहुंचा था। घर आते ही किसी बात को लेकर उसका पत्नी मोनी से तीखा विवाद शुरू हो गया।
देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि आपा खो चुके कुंजबिहारी ने पास ही रखा रसोई का भारी सिलबट्टा उठा लिया। उसने मोनी के सिर, आंख और चेहरे पर सिलबट्टे से एक के बाद एक कई ताबड़तोड़ वार कर दिए। चोटें इतनी गंभीर थीं कि मोनी ने मौके पर ही तड़प-तड़प कर दम तोड़ दिया।
बाहर से कुंडा चढ़ाकर भागा कातिल पति, पड़ोसियों ने खोला राज
पत्नी की मौत सुनिश्चित करने के बाद कुंजबिहारी के सिर से खून का नशा उतरा। वह तुरंत मकान के बाहर निकला और चालाकी दिखाते हुए दरवाजे को बाहर से बंद कर दिया ताकि किसी को शक न हो अंधेरे में उसे हड़बड़ाहट में गांव से बाहर की तरफ भागते देख आस-पास के पड़ोसियों को किसी अनहोनी की शंका हुई।
ग्रामीण तुरंत कुंजबिहारी के घर पहुंचे और बाहर से बंद दरवाजे की सांकल खोलकर जैसे ही अंदर दाखिल हुए, उनके होश उड़ गए। बरामदानुमा कमरे में मोनी का लहूलुहान शव जमीन पर पड़ा हुआ था। चीख-पुकार मचने पर कुछ ही मिनटों में वहां ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई।
और बच गया मासूम बेटा, मां ने चाल देखकर पहले ही भेजा था दिल्ली
इस जघन्य हत्याकांड के बीच एक राहत भरी और भावुक करने वाली खबर यह रही कि मोनी का 4 वर्षीय मासूम बेटा युवराज इस खूनी खेल का गवाह बनने से बाल-बाल बच गया। कुंजबिहारी तीन भाइयों में सबसे छोटा है। उसके सबसे बड़े भाई टुन्नी की मौत हो चुकी है, जिसका बेटा सचिन दिल्ली की एक फैक्ट्री में काम करता है।
ग्रामीणों ने बताया कि कुंजबिहारी की रोज-रोज की शराबबाज़ी और घर में होने वाले भयंकर गृहक्लेश से मासूम बच्चे के मानसिक स्तर पर बुरा असर पड़ रहा था। अपने बेटे को इस नरक और पिता के गुस्से से बचाने के लिए मोनी ने महज चार दिन पहले ही अपने जेठ के बेटे सचिन के साथ ४ वर्षीय युवराज को दिल्ली भेज दिया था। ग्रामीणों का कहना है कि अगर बच्चा आज घर पर होता, तो शायद उसकी जान को भी खतरा हो सकता था।