UP: अमेरिकी कॉन्फ्रेंस के लिए GSVM का स्टेम सेल शोध टॉप टेन में, अप्रैल में आयोजन…इंटर्न छात्र करेगा प्रस्तुत
Kanpur News: स्टेम सेल थैरेपी विशेषज्ञ डॉ. बीएस राजपूत ने बताया कि इस थैरेपी का 17 बीमारियों में इस्तेमाल किया गया। इनमें मस्कुलर डिस्ट्रॉफी, स्पाइनल कॉर्ड की चोट, सीपी ग्लोबल डिजनरेशन डिले, पोस्ट स्ट्रोक सिंड्रोम, मोटर न्यूरॉन डिजीज आदि शामिल हैं।
विस्तार
जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के स्टेम सेल शोध को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता मिली है। अमेरिकन कॉलेज ऑफ फिजिशियंस की अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस में इसे प्रस्तुत किया जाएगा। इस कॉन्फ्रेंस में शामिल करने के लिए विश्व भर से एक हजार से अधिक शोध पत्र भेजे गए थे। इसमें स्टेम सेल शोध ने बाजी मारी है। यह टॉप टेन में चुना गया है। अमेरिका के लॉस एंजलिस में कॉन्फ्रेंस का आयोजन पांच अप्रैल को किया जाएगा।
कॉन्फ्रेंस में इसे मेडिकल कॉलेज के इंटर्न छात्र हिमांशु जिंदल प्रस्तुत करेंगे। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय काला ने बताया कि एसोसिएशन की ओर से पत्र प्राप्त हो गया है। यह दुनिया में उभरती हुई उपचार की विधि है। इस शोध को बहुत महत्व दिया गया है। इंटर्न छात्र हिमांशु ने 35 शोध पत्र लिखे हैं।
साढ़े तीन सौ से अधिक रोगियों का उपचार हुआ
यह अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस दिसंबर वर्ष 2024 में होनी थी, लेकिन लॉस एंजेलिस में आग की घटना होने की वजह से आयोजन तिथि अप्रैल में कर दी गई। इसमें फैट ड्राइव्ड स्टेम सेल शोध प्रस्तुत किया जाएगा। अभी तक साढ़े तीन सौ से अधिक रोगियों का स्टेम सेल से उपचार हुआ है। सर्जरी, न्यूरो, नेत्र रोग आदि विभागों में इस विधि का इस्तेमाल किया जा रहा है।
आंखों की लाइलाज बीमारियों में मिली सफलता
स्टेम सेल थैरेपी से आंखों की लाइलाज बीमारियों में सफलता मिली। रोगियों की आंखों में रोशनी आई। नेत्र विभाग के वरिष्ठ नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. परवेज खान ने ड्राई एज रिलेटेड मैकुलर डिजनरेशन, रॉड कॉन डिस्ट्रॉफी, रेटिनाइटिस पिगमिंटोसा, थाइसिस बल्बाय आदि रोगों का स्टेम सेल थैरेपी से इलाज किया है।
17 बीमारियों में दी गई थैरेपी
स्टेम सेल थैरेपी विशेषज्ञ डॉ. बीएस राजपूत ने बताया कि इस थैरेपी का 17 बीमारियों में इस्तेमाल किया गया। इनमें मस्कुलर डिस्ट्रॉफी, स्पाइनल कॉर्ड की चोट, सीपी ग्लोबल डिजनरेशन डिले, पोस्ट स्ट्रोक सिंड्रोम, मोटर न्यूरॉन डिजीज आदि शामिल हैं। अब मल्टीपल स्केलियोरोसिस, मल्टी सिस्टम एट्रॉफी, रिम्युट्रोएड पॉली आर्थ्राइटिस, पार्किंसंस डिजीज में किया जाएगा।
चयन के आधार के खास बिंदु
- स्टेम सेल से इलाज के मामले में यह एडवांस स्टेज का शोध है।
- डायबिटीज के इलाज में भी स्टेम सेल का इस्तेमाल किया गया।
- चीन और अमेरिका में यह अभी बहुत शुरुआती स्थिति में है।
- स्टेम सेल से बीटा सेल में सुधार के अलावा अन्य फायदे भी पता चले।
- ये तथ्य अभी किसी देश के शोध के नतीजे में नहीं बताए गए।
- स्टेम सेल रोगी की अपनी वसा से ही निकाली गई।
- स्टेम सेल के फायदे की किसी देश ने इतनी व्यवस्थित व्याख्या नहीं की।