फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   gayatri Prajapati convicted in gang misdeed case

यूपी: सामूहिक दुष्कर्म मामले में गायत्री प्रजापति दोषी करार, गर्म हुआ चर्चाओं का बाजार

Thu, 11 Nov 2021 11:50 AM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चित्रकूट
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चित्रकूट Published by: शिखा पांडेय Updated Thu, 11 Nov 2021 11:50 AM IST
सार

अदालत ने पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति समेत आशीष शुक्ला व अशोक तिवारी को दोषी करार दिया है। 

विज्ञापन
gayatri Prajapati convicted in gang misdeed case
गायत्री प्रजापति (फाइल फोटो) - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

सपा सरकार में खनिज मंत्री रहे गायत्री प्रजापति को कोर्ट द्वारा दोषी करार दिए जाने के बाद चर्चाओं का बाजार गर्म है। सूत्रों का कहना है कि पूर्व मंत्री पर आरोप लगाने वाली महिला का खनन कार्यों में भी खासा दखल था।
विज्ञापन


इस दौरान अकूत संपत्ति अर्जित की गई। यही विवाद की मुख्य वजह भी बनी। मामले में 2014 में जब लखनऊ में पूर्व मंत्री के खिलाफ महिला ने दुष्कर्म का मामला दर्ज कराया तो राजनीतिक गलियारे में हड़कंप मचा था। बुधवार को लखनऊ की अदालत से मामले में पूर्व मंत्री को दोषी करार दिया गया है।
विज्ञापन


अब 12 नवंबर का इंतजार है जब इस मामले में सजा सुनाई जाएगी। नगर पालिका क्षेत्र के मोहल्ला निवासी महिला के 2012 में सपा सरकार के मंत्री गायत्री प्रजापति से नजदीकियां बढ़ी थीं। इस दौरान खनन कार्यों में भी महिला की खासी दखलंदाजी हो गई थी।
विज्ञापन
विज्ञापन


करोड़ों रुपये की चल-अचल संपत्ति भी मंत्री व महिला के नाम होने के आरोप लगे थे। बस इसी अकूत संपत्ति को लेकर विवाद शुरू हुआ। पूर्व मंत्री के ही साथ रहने वाले राठ, हमीरपुर के रामसिंह की भी महिला से दोस्ती हो गई।

महिला ने रामसिंह पर भी उसके साथ दुष्कर्म और उसकी संपत्ति हथियाने के लिए बेटी को साथ ले जाने का आरोप लगाया था। बेटी आज तक नहीं लौटी है। इसे लेकर भी पूर्व मंत्री व रामसिंह से महिला के संबंध बिगड़ने लगे थे।

इसी बीच महिला ने लखनऊ के एक थाने में पूर्व मंत्री समेत कई पर दुष्कर्म और मारपीट की रिपोर्ट दर्ज कराई तो सियासी गलियारे में भूचाल आ गया। अब अदालत ने पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति समेत आशीष शुक्ला व अशोक तिवारी को दोषी करार दिया है। मामले में चंद्रपाल, अमरेंद्र सिंह पिंटू, विकास वर्मा व रूपेश्वर को निर्दोष करार दिया है। 

महिला की राजनीतिक क्षेत्र में काफी पकड़ रही है। सबसे पहले वह सभासद बनी। पालिका अध्यक्ष का चुनाव लड़ा, लेकिन वह हार गईं। सपा शासन काल में इनकी सपा नेताओं से संपर्क रहा। पूर्व मंत्री के खिलाफ महिला के बयानों और मामले को लेकर भाजपा के नेताओं ने सपा को घेरा था इससे मामला और हाईटेक बन गया। 

महिला के दोनों फोन नंबर स्विच ऑफ बताते रहे
महिला ने रामसिंह व उसके साथियों पर घर आकर और रास्ते में असलहों से हमला करने के आरोप लगाए। इसे लेकर राठ हमीरपुर व चित्रकूट की कोतवाली में रामसिंह आदि के खिलाफ रिपोर्ट भी दर्ज है। बुधवार को जब इस पूरे प्रकरण में महिला से जवाब जानने के लिए फोन किया गया तो उसके दोनों फोन नंबर स्विच आफ बताते रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed