Kanpur: ग्रामसभा की सरकारी जमीन का फर्जी दानपत्र कराने का आरोप, महिला समेत तीन पर एफआईआर दर्ज
Kanpur News: सचेण्डी थाना क्षेत्र में ग्रामसभा की सरकारी जमीन का कथित रूप से फर्जी दानपत्र कर निजी नाम पर दर्ज कराने के मामले में पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। कार्रवाई लेखपाल एवं भूमि प्रबंधक समिति के मंत्री की शिकायत और जांच के बाद की गई।
विस्तार
सचेण्डी थाना क्षेत्र में ग्रामसभा की कीमती सरकारी जमीन को धोखाधड़ी और कूटरचित दस्तावेजों के सहारे फर्जी दानपत्र (बैनामा) कर अपने नाम कराने का बड़ा मामला सामने आया है। लेखपाल एवं भूमि प्रबंधक समिति के मंत्री की शिकायत पर पुलिस ने मामले की गहन जांच के बाद एक महिला समेत तीन लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी व कूटरचना समेत गंभीर धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
नवीन परती की 289.70 वर्गमीटर जमीन पर खेला गया खेल
सचेण्डी द्वितीय के ग्राम चचेण्डी में तैनात लेखपाल रवि प्रकाश ने डीसीपी पूर्वी से इस फर्जीवाड़े की लिखित शिकायत की थी। शिकायत के अनुसार, ग्राम चचेण्डी स्थित गाटा संख्या-1764 राजस्व अभिलेखों के साथ-साथ चकबंदी अभिलेखों (सीएच-41 और सीएच-45) में भी 'नवीन परती' यानी ग्रामसभा की सरकारी संपत्ति के रूप में दर्ज है। आरोप है कि वर्ष 2022 में इस सरकारी जमीन में से 289.70 वर्गमीटर भूखंड का सुरेश चन्द्र मिश्रा नाम के व्यक्ति ने साधना मिश्रा के नाम अवैध रूप से दानपत्र निष्पादित करा दिया।
मृतक ने किया था दानपत्र, गवाहों पर भी केस
दानपत्र निष्पादित कराने के इस खेल में फजलगंज निवासी विजय शंकर तिवारी और सचेण्डी निवासी नरेंद्र कुमार गवाह बने थे। शिकायतकर्ता लेखपाल के अनुसार, दानकर्ता सुरेश चन्द्र मिश्रा का वर्तमान में निधन हो चुका है। आरोपियों ने यह भली-भांति जानते हुए कि जमीन सरकारी है, छल-कपट और फर्जी दस्तावेज तैयार कराकर इसे निजी संपत्ति के रूप में दर्शाने का प्रयास किया।
पुलिस का एक्शन
लेखपाल की शिकायत और प्राथमिक जांच के आधार पर पुलिस ने साधना मिश्रा (लाभार्थी), विजय शंकर तिवारी और नरेंद्र कुमार (दोनों गवाह) के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि फर्जीवाड़े में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।