{"_id":"6ac55d3b3eee3e065d03b6fc","slug":"dengue-in-11-areas-report-lists-only-one-ward-kanpur-news-c-362-1-ka11001-158172-2026-10-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kanpur News: 11 इलाकों में डेंगू, रिपोर्ट में एक ही वार्ड","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kanpur News: 11 इलाकों में डेंगू, रिपोर्ट में एक ही वार्ड
विज्ञापन
कानपुर। डेंगू के बढ़ते मामलों के बीच स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्टिंग व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। डेंगू नियंत्रण और मरीजों के आंकड़े जुटाने के लिए विभागीय पोर्टल पर की जा रही रिपोर्टिंग में जिले के 11 अलग-अलग इलाकों के मरीजों के रिकॉर्ड में बहादुर शाह जफरनगर (वार्ड नंबर-8) दर्ज किया गया है। इसमें मंधना से लेकर घाटमपुर और लक्ष्मीपुरवा से लेकर नौबस्ता तक के क्षेत्र शामिल हैं। इससे डेंगू के वास्तविक फैलाव और हॉटस्पॉट की पहचान को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
डेंगू जैसी बीमारी की रोकथाम के लिए मरीज का सही पता और लोकेशन दर्ज होना जरूरी है। इसी आधार पर प्रभावित क्षेत्रों में सर्वे, एंटी-लार्वा अभियान, फॉगिंग और जागरूकता गतिविधियां संचालित की जाती हैं। ऐसे में अलग-अलग इलाकों के मरीजों को एक ही वार्ड में दर्ज किए जाने से क्षेत्रवार स्थिति का सही आकलन प्रभावित हो सकता है।
इस विसंगति से मरीजों के साथ निजी पैथोलॉजी लैब संचालक भी हैरान हैं। नौबस्ता, मंधना, बर्रा-3, हनुमंत विहार नौबस्ता, कुरसवां, लक्ष्मीपुरवा, संजीव नगर, नई बस्ती गोविंद नगर, सुभाष नगर शिवराजपुर, शारदा नगर और घाटमपुर के मरीजों के रिकॉर्ड में बहादुर शाह जफरनगर (वार्ड-8) दर्ज होने की बात सामने आई है। लैब संचालकों का कहना है कि उनके कलेक्शन सेंटर या जांच केंद्र का बहादुर शाह जफरनगर में कोई केंद्र नहीं है।
विज्ञापन
मरीजों के वास्तविक निवास स्थान और रिकॉर्ड में दर्ज वार्ड के बीच अंतर ने रिपोर्टिंग व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि यह तकनीकी मैपिंग या डेटा फीडिंग की त्रुटि है तो इसे समय रहते दुरुस्त किया जाना जरूरी है, ताकि डेंगू नियंत्रण की कार्रवाई सही क्षेत्र और आंकड़ों के आधार पर की जा सके।
तकनीकी चूक या आंकड़ों की बाजीगरी।
11 अलग-अलग इलाकों के मरीज एक ही वार्ड में कैसे दर्ज हुए?
क्या इस तरह की मैपिंग से जिले के वास्तविक डेंगू हॉटस्पॉट और संक्रमण के फैलाव की तस्वीर प्रभावित नहीं हो रही?
घाटमपुर या नौबस्ता के मरीज रिकॉर्ड में बहादुर शाह जफरनगर के दिखाए जाएंगे तो एंटी-लार्वा अभियान, फॉगिंग और सैनिटाइजेशन जैसी गतिविधियां किस क्षेत्र में संचालित होंगी?
क्या इससे वास्तविक प्रभावित क्षेत्रों में रोकथाम अभियान प्रभावित नहीं होगा?
यदि यह पोर्टल की तकनीकी त्रुटि है तो इतने समय से इसे दुरुस्त क्यों नहीं किया गया?
वर्जन
रिपोर्ट में बहादुर शाह जफरनगर दर्ज होने के बारे में जानकारी नहीं है। इसके बारे में जानकारी करने के बाद ही आगे कुछ बता पाएंगे। - डॉ. राजेश्वर सिंह, नोडल अधिकारी
विज्ञापन
डेंगू जैसी बीमारी की रोकथाम के लिए मरीज का सही पता और लोकेशन दर्ज होना जरूरी है। इसी आधार पर प्रभावित क्षेत्रों में सर्वे, एंटी-लार्वा अभियान, फॉगिंग और जागरूकता गतिविधियां संचालित की जाती हैं। ऐसे में अलग-अलग इलाकों के मरीजों को एक ही वार्ड में दर्ज किए जाने से क्षेत्रवार स्थिति का सही आकलन प्रभावित हो सकता है।
विज्ञापन
इस विसंगति से मरीजों के साथ निजी पैथोलॉजी लैब संचालक भी हैरान हैं। नौबस्ता, मंधना, बर्रा-3, हनुमंत विहार नौबस्ता, कुरसवां, लक्ष्मीपुरवा, संजीव नगर, नई बस्ती गोविंद नगर, सुभाष नगर शिवराजपुर, शारदा नगर और घाटमपुर के मरीजों के रिकॉर्ड में बहादुर शाह जफरनगर (वार्ड-8) दर्ज होने की बात सामने आई है। लैब संचालकों का कहना है कि उनके कलेक्शन सेंटर या जांच केंद्र का बहादुर शाह जफरनगर में कोई केंद्र नहीं है।
विज्ञापन
मरीजों के वास्तविक निवास स्थान और रिकॉर्ड में दर्ज वार्ड के बीच अंतर ने रिपोर्टिंग व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि यह तकनीकी मैपिंग या डेटा फीडिंग की त्रुटि है तो इसे समय रहते दुरुस्त किया जाना जरूरी है, ताकि डेंगू नियंत्रण की कार्रवाई सही क्षेत्र और आंकड़ों के आधार पर की जा सके।
तकनीकी चूक या आंकड़ों की बाजीगरी।
11 अलग-अलग इलाकों के मरीज एक ही वार्ड में कैसे दर्ज हुए?
क्या इस तरह की मैपिंग से जिले के वास्तविक डेंगू हॉटस्पॉट और संक्रमण के फैलाव की तस्वीर प्रभावित नहीं हो रही?
घाटमपुर या नौबस्ता के मरीज रिकॉर्ड में बहादुर शाह जफरनगर के दिखाए जाएंगे तो एंटी-लार्वा अभियान, फॉगिंग और सैनिटाइजेशन जैसी गतिविधियां किस क्षेत्र में संचालित होंगी?
क्या इससे वास्तविक प्रभावित क्षेत्रों में रोकथाम अभियान प्रभावित नहीं होगा?
यदि यह पोर्टल की तकनीकी त्रुटि है तो इतने समय से इसे दुरुस्त क्यों नहीं किया गया?
वर्जन
रिपोर्ट में बहादुर शाह जफरनगर दर्ज होने के बारे में जानकारी नहीं है। इसके बारे में जानकारी करने के बाद ही आगे कुछ बता पाएंगे। - डॉ. राजेश्वर सिंह, नोडल अधिकारी