{"_id":"56e1cf524f1c1bcd488b4589","slug":"teast","type":"story","status":"publish","title_hn":"‘जायका’ का टेस्ट","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
‘जायका’ का टेस्ट
अमर उजाला ब्यूरो कानपुर।
Updated Fri, 11 Mar 2016 01:17 AM IST
विज्ञापन
मेट्रो रेल परियोजना पर कमिश्नर आैर डीएम के साथ बैठक करते जापान से आया प्रतिनिधि मंडल। गीता नगर क्रासिंग के पास निरीक्षण करती जापान की टीम।
- फोटो : kanpur
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कानपुर। जापान इंटरनेशनल कारपोरेशन एजेंसी (जायका) की टीम ने गुरुवार को आईआईटी से रावतपुर स्टेशन तक प्रस्तावित मेट्रो रेल रूट का जायजा लिया। प्रस्तावित मेट्रो स्टेशनों में आड़े आने वाली समस्याओं से संबंधित उनकी आपत्तियों को एलएमआरसी, राइट्स और केडीए के अफसरों ने मौके पर ही दूर किया। टीम का सर्वाधिक जोर जमीन के मालिकाना हक की स्थिति के बारे में था। इसके अलावा कमिश्नर के साथ बैठक में प्रजेंटेशन के साथ ही टीम को योजना की जानकारी दी गई। टीम 14 मार्च को दोबारा यहां आकर मेट्रो रेल के शेष रूट का निरीक्षण करेगी।
दस सदस्यीय टीम, एलएमआरसी और राइट्स के अफसर दोपहर को केडीए पहुंचे। करीब आधे घंटे बाद इस टीम ने आईआईटी से मोतीझील चौराहे तक प्रस्तावित एलीवेटेड फ्लाईओवर मेट्रो रूट का निरीक्षण किया।
आईआईटी में देखा ट्रैफिक लोड
आईआईटी के सामने टेंपो अराजकता देख यातायात के बारे में पूछा। उन्हें मैप दिखाकर बताया गया कि यहीं से मेट्रो रेल रूट शुरू होना है। पहला मेट्रो स्टेशन भी बनेगा।
विज्ञापन
कल्याणपुर स्टेशन की जमीन कैसी है?
जीटी रोड पर कल्याणपुर रेलवे स्टेशन के सामने प्रस्तावित मेट्रो स्टेशन का मैप कर जमीन के बारे में पूछा। उन्हें बताया गया कि वहां सरकारी जमीन पर मेट्रो स्टेशन बनेगा।
हाईटेंशन लाइन से कैसे गुजरेगी ट्रेन?
सत्यम विहार क्रासिंग के सामने काफिला रुकवाकर प्रस्तावित रूट पर हाईटेंशन लाइन होने पर सवाल किया। केडीए के मुख्य नगर नियोजक आशीष शिवपुरी ने हाईटेंशन लाइन ऊंची करने की बात कहकर संतुष्ट किया।
यूनिवर्सिटी, गुरुदेव में स्टेशन कहां
कानपुर यूनिवर्सिटी गेट के बाहर मेट्रो स्टेशन की जगह पूछी। बताया गया कि गेट के बगल में ग्रीन बेल्ट उपयोग में लाई जाएगी। गुरुदेव चौराहे पर भी जगह दिखाई गई।
गीता नगर किधर है?
जायका के अफसरों ने मैप दिखाकर पूछा कि गीता नगर किधर है? जीटी रोड पर जिला पशु चिकित्सालय के पास काफिला रोककर उन्हें बताया गया कि वहां से सीएसए तक 120 एकड़ सरकारी जमीन है। इसी के कुछ हिस्से पर मेट्रो रहेगी।
रावतपुर स्टेशन में क्रास करेंगे रूट?
रावतपुर रेलवे स्टेशन के बाहर टीम ने अफसरों से पूछा कि वहां रूट-1 और 2 की ट्रेनें कैसे क्रास करेंगी। वहां भी सरकारी जमीन बताई गई।
पालीटेक्निक ः तो स्टूडेंट कहां जाएंगे
पालीटेक्निक में मेट्रो रेल डिपो स्थल का जायजा लेते समय टीम लीडर ने सवाल किया कि यह बनेगा तो स्टूडेंट कहां जाएंगे। बताया गया कि वहां 10 एकड़ जमीन पर री-डिजाइन कर नई बिल्डिंग बनाकर सौंप देंगे। फिर शेष हिस्से में डिपो बनेगा। पढ़ाई प्रभावित नहीं होगी।
विज्ञापन
दस सदस्यीय टीम, एलएमआरसी और राइट्स के अफसर दोपहर को केडीए पहुंचे। करीब आधे घंटे बाद इस टीम ने आईआईटी से मोतीझील चौराहे तक प्रस्तावित एलीवेटेड फ्लाईओवर मेट्रो रूट का निरीक्षण किया।
विज्ञापन
आईआईटी में देखा ट्रैफिक लोड
आईआईटी के सामने टेंपो अराजकता देख यातायात के बारे में पूछा। उन्हें मैप दिखाकर बताया गया कि यहीं से मेट्रो रेल रूट शुरू होना है। पहला मेट्रो स्टेशन भी बनेगा।
विज्ञापन
कल्याणपुर स्टेशन की जमीन कैसी है?
जीटी रोड पर कल्याणपुर रेलवे स्टेशन के सामने प्रस्तावित मेट्रो स्टेशन का मैप कर जमीन के बारे में पूछा। उन्हें बताया गया कि वहां सरकारी जमीन पर मेट्रो स्टेशन बनेगा।
हाईटेंशन लाइन से कैसे गुजरेगी ट्रेन?
सत्यम विहार क्रासिंग के सामने काफिला रुकवाकर प्रस्तावित रूट पर हाईटेंशन लाइन होने पर सवाल किया। केडीए के मुख्य नगर नियोजक आशीष शिवपुरी ने हाईटेंशन लाइन ऊंची करने की बात कहकर संतुष्ट किया।
यूनिवर्सिटी, गुरुदेव में स्टेशन कहां
कानपुर यूनिवर्सिटी गेट के बाहर मेट्रो स्टेशन की जगह पूछी। बताया गया कि गेट के बगल में ग्रीन बेल्ट उपयोग में लाई जाएगी। गुरुदेव चौराहे पर भी जगह दिखाई गई।
गीता नगर किधर है?
जायका के अफसरों ने मैप दिखाकर पूछा कि गीता नगर किधर है? जीटी रोड पर जिला पशु चिकित्सालय के पास काफिला रोककर उन्हें बताया गया कि वहां से सीएसए तक 120 एकड़ सरकारी जमीन है। इसी के कुछ हिस्से पर मेट्रो रहेगी।
रावतपुर स्टेशन में क्रास करेंगे रूट?
रावतपुर रेलवे स्टेशन के बाहर टीम ने अफसरों से पूछा कि वहां रूट-1 और 2 की ट्रेनें कैसे क्रास करेंगी। वहां भी सरकारी जमीन बताई गई।
पालीटेक्निक ः तो स्टूडेंट कहां जाएंगे
पालीटेक्निक में मेट्रो रेल डिपो स्थल का जायजा लेते समय टीम लीडर ने सवाल किया कि यह बनेगा तो स्टूडेंट कहां जाएंगे। बताया गया कि वहां 10 एकड़ जमीन पर री-डिजाइन कर नई बिल्डिंग बनाकर सौंप देंगे। फिर शेष हिस्से में डिपो बनेगा। पढ़ाई प्रभावित नहीं होगी।