आज की युवा पीढ़ी का फैशन और क्रेज बनता जा रहा 'हुक्का बार' उनकी जिंदगी बर्बाद करने का काम कर रहा है। बंद अंधेरे कमरे में डीजे की तेज धुनों पर हुक्का गुड़गुड़ाते हुए युवा दरअसल मजा लेने के चक्कर में गंभीर बीमारियों को अपने शरीर में जगह दे रहे हैं। मंगलवार दोपहर कानपुर अमर उजाला की टीम शहर के हुक्का बारों की लाइव रिपोर्ट लेने पहुंची तो वहां का नजारा किसी 'लिकर बार' (बीयर बार) से कम नहीं था। नशे में युवा झूमते नजर आ रहे थे, किसी को किसी से कोई भी मतलब नहीं था। सब हुक्का गुड़गुड़ाते हुए धुएं में डूबे थे। अमर उजाला के रिपोर्टर ने भी हुक्का का स्वाद लिया तो थोड़ी ही देर में वह नशे की हालत में हो गए।
युवाओं को बरगलाते हैं हुक्का बार चलाने वाले
हुक्का बार चलाने वाले लोग अपने यहां आने वाले युवाओं को यह कहकर बरगलाते हैं कि हुक्के में भरा पानी धुएं को फिल्टर कर देता है। इससे वह नुकसान नहीं करता है, लेकिन यह पूरी तरह गलत है। हुक्केके बेस में डाला गया पानी धुएं को ठंडा कर देता है, लेकिन यह बहुत ज्यादा नुकसानदायक होता है।
नशे का खुला बाजार हुक्का बार
हुक्का बार नशे का खुला बाजार बना है। कुछ पैसे के लालच में इन हुक्कों में नशीले पदार्थ डालकर युवाओं को नशे का लती बनाया जा रहा है। ‘अमर उजाला’ की टीम ने हुक्का बार का सच परखा तो चौंकाने वाले खुलासे हुए। तेज म्यूजिक के बीच धुएं के छल्ले उड़ाते हुए लड़के-लड़कियां अश्लीलता करते हैं। जैसे-जैसे नशा बढ़ता है वैसे-वैसे हुक्के की और डिमांड होने लगती है। हुक्का बार संचालक 'हर्र लगे न फिटकरी रंग चोखा होय' के अंदाज में खूब कमाई के चक्कर में कॉवेंट में पढ़ने वाले बड़े घरानों के किशोर और युवाओं को अपना शिकार बनाते हैं।
कानपुर में 400 से ज्यादा हुक्का बार
यूपी बड़े औद्योगिक शहरों में शुमार कानपुर में हर छोटे-बड़े मॉल और रेस्टोरेंट में हुक्का बार चल रहा है। कानपुर में 400 से ज्यादा हुक्का बार चल रहे हैं किसी के पास भी हुक्का बार चलाने का लाइसेंस नहीं है। मंगलवार की दोपहर अमर उजाला की टीम में शामिल दो रिपोर्टर आर्य नगर और स्वरूप नगर के हुक्का बार में पहुंची। वहां की हालत किसी लिकर बार से कम नहीं थी। अंदर बैठे युवा नशे की हालत में दिख रहे थे। तेज साउंड के बीच लड़के-लड़कियां आपस में अश्लीलता करते हुए भी देखे गए। ऐसी हालत किसी एक बार की नहीं थी। जितने भी हुक्का बार पर अमर उजाला की टीम पहुंची सभी जगहों के हालात एक जैसे थे।
हुक्का बार गवर्न नहीं हो पा रहा
उधर कानपुर जिला प्रशासन का कहना है कि किसी भी एक्ट में हुक्का बार गवर्न नहीं हो पा रहा है। इस मामले को शासन तक पहुंचाया गया है। सोमवार रात को ही कानपुर के पॉश एरिया माल रोड में रेस्टोरेंट की आड़ में चल रहे अवैध हुक्का बार पर कोतवाली पुलिस ने छापा मारा था। पता चला था कि यहां रेस्टोरेंट की आड़ में यह अवैध हुक्का बार चल रहा था। पुलिस को रेस्टोरेंट में 12 से ज्यादा हुक्के, पाइप, तंबाकू और फ्लेवर समेत तमाम सामान मिले हैं। लड़के-लड़कियां भी मिले जिनमें से कुछ नाबालिग थे। प्रतिबंधित एनर्जी ड्रिंक रेल बुल के केन भी मिले हैं। पुलिस ने बरामद सामान सील कर दिया है। अफसरों का कहना है कि ड्रग विभाग को रिपोर्ट भेजी जाएगी। आगे की कार्रवाई ड्रग विभाग और प्रशासन अपने स्तर से तय करेगा।
100 सिगरेट के बराबर एक हुक्का
हुक्का सिगरेट से ज्यादा हानिकारक है। डॉक्टरों का मानना है कि एक हुक्का पीने से 100 सिगरेटों के बराबर का नुकसान शरीर को पहुंचता है। हुक्के से निकले धुएं की वजह से शरीर की नसें सिकुड़ना शुरू हो जाती हैं। रक्त में होमोसिस्टीन का स्तर बढ़ जाता है। जिससे दिल और दिमाग में थक्का जमने का खतरा बढ़ जाता है। इसके कारण स्ट्रोक या अटैक पड़ सकता है। इसके साथ ही कैंसर का खतरा तो होता ही है।