कोविड स्पेशल का दर्जा खत्म: कल से पुराने नंबरों से चलेंगी ट्रेनें, 30 प्रतिशत तक बढ़ा किराया वापस
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इसमें रिवर्स शताब्दी, वंदे भारत एक्सप्रेस और श्रमशक्ति एक्सप्रेस जैसी ट्रेनें भी शामिल हैं। स्पेशल ट्रेनों में 30 फीसदी तक बढ़ा किराया वापस हो गया है। दिव्यांग, बीमार, बुजुर्ग यात्रियों और छात्रों को मिलने वाली छूट भी बहाल कर दी है। रेलवे कर्मचारियों को मिलने वाली कोटा सुविधा अभी बहाल नहीं हुई है। चार महीने पहले ही आरक्षण शुरू हो जाते हैं।
अब पुराने नंबरों को लागू किया गया है। ऐसे में जिन यात्रियों ने पुराने नंबर यानी जीरो नंबर वाली ट्रेनों में रिजर्वेशन कराया है और उनकी यात्रा आगे की तारीख में है तो उन्हें उसी टिकट पर यात्रा की अनुमति होगी। अभी कोविड स्पेशल ट्रेनों में जो किराया बढ़ाया गया था और दूसरी सुविधाएं खत्म हो गई थीं। उनमें कुछ छूट मिली है। हालांकि इन मेल एक्सप्रेस में लगने वाले जनरल श्रेणी के कोच अनारक्षित नहीं होंगे। इनमें सेकेंड सीटिंग आरक्षण कराना होगा। अभी पैसेंजर और मेमू के संबंध में आदेश नहीं आया है।
पैसेंजर ट्रेनों की संख्या बढ़ेगी
सेंट्रल से अभी 14 जनरल श्रेणी की पैसेंजर ट्रेनें चल रही हैं। इनमें चार जोड़ी मेमू भी शामिल हैं। अब कानपुर से चलने वाली अन्य मेमू ट्रेनों और पैसेंजर ट्रेनों को बहाल किया जाएगा। इससे यात्रियों की भीड़ बढ़ेगी तो सेंट्रल के जनरल टिकट घरों में स्टाफ भी बढ़ाया जाएगा। जनरल टिकटों की बिक्री करने वाली कियोस्क मशीनें भी बढ़ा दी जाएंगी।
स्पेशल ट्रेनों में बढ़ा 30 प्रतिशत किराया पुराने नंबरों के साथ चलने वाली ट्रेनों के साथ ही खत्म हो जाएगा। अभी ट्रेनों में जनरल कोच नहीं लगेंगे। दिव्यांग, मरीज और छात्रों को टिकट में रियायत मिलेगी। बाकी कोटा की बहाली का आदेश अभी नहीं है। धीरे-धीरे चीजें सामान्य होंगी।
डॉ. शिवम शर्मा, सीपीआरओ, एनसीआर