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कोर्ट ने तलब किया आलाकत्ल व साक्ष्य, पुलिस बोली बारिश में हो गए नष्ट
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कानपुर देहात। रूरा थाना क्षेत्र में 21 साल पहले हुई हत्या के मामले में कोर्ट ने आलाकत्ल व साक्ष्य तलब किए। थाने से सूचना भेजी गई कि आलाकत्ल व साक्ष्य बारिश में भीगने से नष्ट हो गए हैं।
कोर्ट ने आलाकत्ल लोहे की राड नष्ट होने पर हैरानी जताई। साथ ही हत्या जैसे मामले में साक्ष्यों से खिलवाड़ करने वाले तत्कालीन हेड मोहर्रिर व विवेचक पर कार्रवाई के लिए एसपी से लेकर डीजीपी तक पत्र लिखा है।
रूरा थाना क्षेत्र में वर्ष 2000 में हुई हत्या के मामले में विवेचक की गवाही चल रही है। मामले की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश सप्तम कनिष्क कुमार की अदालत में हो रही है। कोर्ट ने आलाकत्ल लोहे की राड, कपड़े समेत अन्य साक्ष्य मंगाए।
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इस पर थाने से सूचना भेजी गई कि घटना से संबंधित साक्ष्य व आलाकत्ल बारिश में भीगने से नष्ट हो गए हैं। साथ ही 21 सितंबर 2009 को तत्कालीन हेड मोहर्रिर सुधाकर सिंह की तरफ से साक्ष्य नष्ट होने की डाली गई रिपोर्ट भी सलग्न की गई।
कोर्ट ने इस पर कड़ी नाराजगी जताई। साथ ही हत्या जैसी घटना में साक्ष्यों के रखरखाव में की गई लापरवाही पर दोषियों के विरुद्ध जांच कराकर कार्रवाई के लिए एसपी, आईजी व डीजीपी को पत्र भेजा गया है। इसमें तत्कालीन हेड मोहर्रिर व विवेचक की भूमिका की जांच कराकर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
सहायक शासकीय अधिवक्ता धनंजय पांडेय ने बताया कि सुनवाई के दौरान पुलिस की बड़ी लापरवाही उजागर हुई है। इस पर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए कोर्ट ने पत्र लिखा है। मामले में सुनवाई की तिथि 17 नवंबर की तिथि तय की है।
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कोर्ट ने आलाकत्ल लोहे की राड नष्ट होने पर हैरानी जताई। साथ ही हत्या जैसे मामले में साक्ष्यों से खिलवाड़ करने वाले तत्कालीन हेड मोहर्रिर व विवेचक पर कार्रवाई के लिए एसपी से लेकर डीजीपी तक पत्र लिखा है।
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रूरा थाना क्षेत्र में वर्ष 2000 में हुई हत्या के मामले में विवेचक की गवाही चल रही है। मामले की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश सप्तम कनिष्क कुमार की अदालत में हो रही है। कोर्ट ने आलाकत्ल लोहे की राड, कपड़े समेत अन्य साक्ष्य मंगाए।
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इस पर थाने से सूचना भेजी गई कि घटना से संबंधित साक्ष्य व आलाकत्ल बारिश में भीगने से नष्ट हो गए हैं। साथ ही 21 सितंबर 2009 को तत्कालीन हेड मोहर्रिर सुधाकर सिंह की तरफ से साक्ष्य नष्ट होने की डाली गई रिपोर्ट भी सलग्न की गई।
कोर्ट ने इस पर कड़ी नाराजगी जताई। साथ ही हत्या जैसी घटना में साक्ष्यों के रखरखाव में की गई लापरवाही पर दोषियों के विरुद्ध जांच कराकर कार्रवाई के लिए एसपी, आईजी व डीजीपी को पत्र भेजा गया है। इसमें तत्कालीन हेड मोहर्रिर व विवेचक की भूमिका की जांच कराकर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
सहायक शासकीय अधिवक्ता धनंजय पांडेय ने बताया कि सुनवाई के दौरान पुलिस की बड़ी लापरवाही उजागर हुई है। इस पर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए कोर्ट ने पत्र लिखा है। मामले में सुनवाई की तिथि 17 नवंबर की तिथि तय की है।