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Kanpur News: शहर में नकली सीमेंट बना यूपी वेस्ट को हो रही थी सप्लाई
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कानपुर। शहर में नकली सीमेंट का गोरखधंधा सीमेंट कपंनियों के स्टाॅकिस्ट नक्कालों के साथ मिलकर चला रहे हैं। दरअसल हाल ही में पकड़ी गई नकली सीमेंट फैक्टरी में जो नकली ब्रांड मिला था उसकी सप्लाई यूपी वेस्ट के लिए की जाती है। ऐसे में इस खेल में कंपनियों के कर्मचारियों की सांठगांठ सामने आ रही है।
शहर में नकली सीमेंट का कारोबार लंबे समय से चल रहा है। इस पूरे खेल कंपनियों के स्टाॅकिस्टों, डीलरों और उनके रिश्तेदारों की भूमिका होती है। कंपनियों का खराब हो चुका माल यह लोग अपने करीबियों को उपलब्ध कराते हैं। यह लोग शहर के अलग-अलग हिस्सों में चोरी-छिपे इकाइयों में नकली सीमेंट की बोरियाें में इसे पिसवाकर खपा देते हैं। सूत्रों ने बताया कि पुलिस की कार्रवाई में अंबुजा सीमेंट और एसीसी सीमेंट की नकली बोरी पकड़ी गई। दरअसल अंबुजा सीमेंट की सप्लाई का क्षेत्र यूपी वेस्ट निर्धारित हैं। यानी की उस क्षेत्र में इस तरह की सीमेंट तैयार ही नहीं की जा सकती है लेकिन इस्पातनगर स्थित फैक्टरी में धड़ल्ले से इसकी नकली पैकिंग तैयार की जा रही थी।
उत्तर प्रदेश सीमेंट डीलर एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय भदौरिया का कहना है कि शहर में प्रतिदिन एक लाख सीमेंट बोरी की खपत है। सीमेंट की बोरियों में 3-4 प्रतिशत बोरियां आने-जाने में फट जाती हैं। इससे निकली सीमेंट को स्टाॅकिस्ट कालाबाजारियों को चोरी-छिपे बेच देते हैं। कई कंपनियां इनकी नीलामी भी करती हैं। इसके जरिये भी अच्छी सीमेंट नक्कालों को मिल जाती है और वह कंपनियों की बोरियों की पैकिंग में असली सीमेंट में नकली सीमेंट भरकर बाजार में खपा देते हैं। ग्राहक सीमेंट की पैकिंग के बारे नहीं जानता हैं। वह ब्रांड नाम ही मांगता है जिसका फायदा नकली सीमेंट तैयार करने वाले उठाते हैं। अब ग्राहकों को चाहिए कि वह जब भी सीमेंट खरीदे पूरी जांच-पड़ताल के बाद और भरोसे के लोगों से ही खरीदें।
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शहर में नकली सीमेंट का कारोबार लंबे समय से चल रहा है। इस पूरे खेल कंपनियों के स्टाॅकिस्टों, डीलरों और उनके रिश्तेदारों की भूमिका होती है। कंपनियों का खराब हो चुका माल यह लोग अपने करीबियों को उपलब्ध कराते हैं। यह लोग शहर के अलग-अलग हिस्सों में चोरी-छिपे इकाइयों में नकली सीमेंट की बोरियाें में इसे पिसवाकर खपा देते हैं। सूत्रों ने बताया कि पुलिस की कार्रवाई में अंबुजा सीमेंट और एसीसी सीमेंट की नकली बोरी पकड़ी गई। दरअसल अंबुजा सीमेंट की सप्लाई का क्षेत्र यूपी वेस्ट निर्धारित हैं। यानी की उस क्षेत्र में इस तरह की सीमेंट तैयार ही नहीं की जा सकती है लेकिन इस्पातनगर स्थित फैक्टरी में धड़ल्ले से इसकी नकली पैकिंग तैयार की जा रही थी।
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उत्तर प्रदेश सीमेंट डीलर एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय भदौरिया का कहना है कि शहर में प्रतिदिन एक लाख सीमेंट बोरी की खपत है। सीमेंट की बोरियों में 3-4 प्रतिशत बोरियां आने-जाने में फट जाती हैं। इससे निकली सीमेंट को स्टाॅकिस्ट कालाबाजारियों को चोरी-छिपे बेच देते हैं। कई कंपनियां इनकी नीलामी भी करती हैं। इसके जरिये भी अच्छी सीमेंट नक्कालों को मिल जाती है और वह कंपनियों की बोरियों की पैकिंग में असली सीमेंट में नकली सीमेंट भरकर बाजार में खपा देते हैं। ग्राहक सीमेंट की पैकिंग के बारे नहीं जानता हैं। वह ब्रांड नाम ही मांगता है जिसका फायदा नकली सीमेंट तैयार करने वाले उठाते हैं। अब ग्राहकों को चाहिए कि वह जब भी सीमेंट खरीदे पूरी जांच-पड़ताल के बाद और भरोसे के लोगों से ही खरीदें।
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