Clean Air Survey: हवा की शुद्धता में दिल्ली-मुंबई को पछाड़ कानपुर पांचवें स्थान पर, यह उल्लेखनीय कार्य भी हुए
Kanpur News: स्वच्छ वायु सर्वेक्षण–2025 में 10 लाख की आबादी वाले शहरों की श्रेणी में पहली बार कानपुर नगर को स्थान मिला है।
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कानपुर शहर की हवा को बेहतर बनाने के प्रयासों का इनाम कानपुर को मिला है। केंद्र सरकार के स्वच्छ वायु सर्वेक्षण-2025 में शहर ने दिल्ली, मुंबई जैसे बड़े शहरों को पछाड़ते हुए पांचवां स्थान पाया। इंटरनेशनल डे क्लीन एयर फॉर ब्लू स्काई के मौके पर सात सितंबर को घोषित परिणामों में 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों में कानपुर को पहली बार कोई स्थान मिला है। सर्वेक्षण में कानपुर को 192.2 अंक प्राप्त हुए। यह सफलता नगर निगम और प्रशासन की ओर से किए गए प्रयासों से मिली।
केंद्रीय पर्यावरण एवं वन मंत्रालय की ओर से 2022 में स्वच्छ वायु सर्वेक्षण की शुरुआत की गई थी। इसके अंतर्गत नगर निगमों को वायु गुणवत्ता में सुधार के लिए धनराशि भी मुहैया कराई गई थी।इसमें कचरा निस्तारण, सड़क पर उड़ते धूल कणों, निर्माण कार्यों की वजह से उड़ने वाली धूल में कमी के साथ ही कुल आठ मानकों पर स्वच्छ वायु प्रदूषण की जांच होती है। शहर की हवा को स्वच्छ बनाने के लिए नगर निगम को करीब 248 करोड़ रुपये जारी किए गए थे।
2022 में कानपुर सर्वाधिक प्रभावित शहरों में था
इस धनराशि से निगम ने मियावाकी पद्धति से वनों का विकास, पौधरोपण, सड़कों, फुटपाथों का सुधार, ग्रीन बेल्ट का विकास, धूल पर गाड़ी से पानी की बौछार करने के साथ ही कई उपाय किए। इसके चलते शहर की हवा में सुधार भी हुआ। इसके चलते सर्वे में पहली बार इंदौर, नवी मुंबई, आगरा, जबलपुर और सूरत के साथ शहर को चुना गया था। नगर आयुक्त सुधीर कुमार ने बताया कि वर्ष 2022 में कानपुर नगर को वायु प्रदूषण के मामले में देश के सर्वाधिक प्रभावित शहरों में गिना जाता था। पीएम 2.5 व पीएम 10 कणों के उच्च स्तर ने जनस्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव डाला था।
पीएम-10 के स्तर में 55 फीसदी सुधार दर्ज
इसके निराकरण के लिए शासन व नगर निगम ने राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम के अंतर्गत प्रभावी कार्रवाई की। इसमें पौधरोपण व हरित पट्टी का विकास किया गया। इसके अंतर्गत मियावाकी पद्धति से 10.85 लाख वर्गमीटर क्षेत्र में पौधरोपण हुआ। साथ ही 2,19,700 वर्गमीटर क्षेत्र में ग्रीन बेल्ट व अर्बन फॉरेस्ट का निर्माण किया गया। सड़क सुधार, धूल नियंत्रण, यांत्रिक सड़क सफाई, जल छिड़काव, कचरा व अपशिष्ट प्रबंधन और यातायात प्रबंधन व निगरानी प्रणाली पर कार्य किया गया। इससे वर्ष 2019-20 की तुलना में पीएम-10 के स्तर में 55 फीसदी सुधार दर्ज किया गया। इसके चलते शहर को यह उपलब्धि हासिल हुई।
यह उल्लेखनीय कार्य भी हुए
- 18 पानी के टैंकर और पानी छिड़काव के लिए छह स्मोक गन और छह स्वीपर मशीन की खरीद।
- इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए मोतीझील व निराला नगर में चार्जिंग सेंटर का निर्माण। कई अन्य जगह काम जारी।
- वाटर स्प्रिंकलर से रोज पानी का छिड़काव।
- स्मार्ट, भूमिगत कूड़ाघरों का निर्माण। रोज निकलने वाले 1400 मीट्रिक टन कूड़े में 1300 मीट्रिक टन का निस्तारण।