UP: चार मासूमों की मौत का मामला, वजह करंट या जहर...विसरा सुरक्षित, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में अहम खुलासा
Unnao News: एसपी सिद्धार्थशंकर मीना का कहना है कि उन्होंने अभी पोस्टमार्टम रिपोर्ट नहीं देखी है। डॉक्टर से बात की, तो उन्होंने करंट लगने की बात बताई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर एक्सपर्ट से दिखवाया जाएगा।
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उन्नाव जिले में बारासगवर थाना के लालमनखेड़ा गांव में रविवार को हुई चार मासूम भाई-बहनों की मौत की घटना में सोमवार को पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने सवाल खड़े कर दिए। दरअसल, तीन मासूमों के पेट में मिले तरल पदार्थ के जहर होने का अंदेशा जताया गया है। जबकि एक बच्चे की करंट लगने से मौत की बात सामने आ रही है।
हालांकि संशय के बीच पुलिस ने करंट लगने से मासूमों की मौत का दावा किया है। आगे की जांच के लिए सभी का विसरा सुरक्षित किया गया है। दो डॉक्टरों के पैनल से पोस्टमार्टम प्रक्रिया पूरी होने के बाद शाम 3:30 बजे शव गांव ले जाए गए। शाम को चारों बच्चों का बक्सर घाट पर अंतिम संस्कार कर दिया गया।
बारासगवर थाना क्षेत्र के गांव लालमनखेड़ा निवासी वीरेंद्र कुमार पासवान के बेटे मयंक (9), बेटी हिमांशी(8), हिमांक(6) और मांशी (4) के शव रविवार को घर के अंदर कोठरी में एक साथ पड़े मिले थे। शवों के ऊपर एक फर्राटा पंखा पड़ा था। शरीर पर काले निशान देख करंट से मौत की आशंका जताई गई थी।
वीडियोग्राफी के बीच पोस्टमार्टम किया गया
सोमवार को हसनगंज सीएचसी के डॉ. रुद्रांश मिश्र और अचलगंज सीएचसी के डॉ. आशुतोष वार्ष्णेय ने वीडियोग्राफी के बीच पोस्टमार्टम किया। रिपोर्ट के अनुसार एक बच्चे पैर और गले में करंट लगने के निशान मिले। बाकी तीन बच्चों के पेट में जहरीला पदार्थ जैसा तरल मिला है। इसके चलते विसरा सुरक्षित किया गया है।
तीन में वजह साफ नहीं हो पाने से विसरा सुरक्षित किया गया
एसपी सिद्धार्थशंकर मीना का कहना है कि उन्होंने अभी पोस्टमार्टम रिपोर्ट नहीं देखी है। डॉक्टर से बात की, तो उन्होंने करंट लगने की बात बताई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर एक्सपर्ट से दिखवाया जाएगा। उधर, सीओ सिटी के अनुसार एक बच्चे को करंट लगने की पुष्टि हुई है, जबकि तीन में वजह साफ नहीं हो पाने से विसरा सुरक्षित किया गया है। उनके अनुसार बच्चों के करंट तो लगा है।
इसलिए उठ रहे सवाल
रोंगटे खड़े करने देने वाली घटना में पुलिस भले ही सटीक तौर पर कुछ भी कहने से बच जरूर रही है, लेकिन परिस्थितिजन्य साक्ष्य करंट से मौत के दावे पर सवाल खड़े करते नजर आ रहे हैं। जैसे घर में स्विच बोर्ड करीब साढ़े छह फीट की ऊंचाई पर लगा है। कमरे में कोई टेबल और कुर्सी भी नहीं मिली, तो बच्चे इतनी ऊंचाई पर कैसे पंखे का प्लग लगा सकते थे।
बहन और जीजा के बीच आए दिन विवाद रहता था
ग्रामीणों के मुताबिक घटना वाले दिन यानी रविवार सुबह पहले बच्चों की मां शिवदेवी खेत गई थी जबकि पिता वीरेंद्र उस समय घर पर ही था। काफी देर बाद वह खेत जाने के लिए निकला था। मृतक बच्चों के मामा श्रीपाल वर्मा ने बताया कि बहन और जीजा के बीच आए दिन विवाद रहता था। श्रीपाल के मुताबिक जीजा के अवैध संबंधों का पता चलने पर तीन महीने पहले बहन घर छोड़कर मायके आई थी।