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Kanpur News: कारोबारी बोले... जीएसटी में सुधार से बढ़ेगी पारदर्शिता
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कानपुर। जीएसटी काउंसिल की बृहस्पतिवार को दिल्ली में हुई बैठक में जीएसटी सुधारों पर लिए गए निर्णयों का शहर के उद्यमियों और व्यापार संगठनों ने स्वागत किया है। कारोबारियों का कहना है कि जीएसटी में सुधार होने से कारोबारी माहौल बनेगा। साथ ही पारदर्शिता बढ़ेगी। छोटे कारोबारियों को नोटिसों से मुक्ति मिल सकेगी।
जीएसटी काउंसिल की बैठक में जीएसटी अधिकारियों से गिरफ्तारी की शक्ति वापस लेने या सीमित करने, 10 हजार या इससे कम मौद्रिक सीमा वाले मामलों में नोटिस जारी न किए जाने का निर्णय लिया गया है। इसके अलावा जीएसटी चोरी के आपराधिक मामले शुरू करने की सीमा बढ़ाकर पांच करोड़ रुपये किए जाने का प्रस्ताव किया गया है।
फीटा के महासचिव उमंग अग्रवाल और कानपुर कपड़ा कमेटी के अध्यक्ष वीरेंद्र गुलाटी का कहना है कि गिरफ्तारी की शक्ति वापस लेने से विभागों की मनमानी कम होगी। कारोबारी और व्यापारियों का उत्पीड़न खत्म हो सकेगा। सुधारों में अभियोजन का दायरा सीमित करने की बात है ताकि वर्गीकरण, मूल्यांकन और इनपुट टैक्स क्रेडिट से जुड़े सामान्य विवादों में आपराधिक कार्रवाई न हो। जीएसटी पंजीकरण आसान करने, रिफंड में तेजी, आईटीसी प्रक्रिया सरल करने तथा कारण बताओ नोटिस और दंड संबंधी प्रावधानों में बदलाव भी प्रस्तावित हैं। इससे भयमुक्त कारोबार करना आसान होगा। कानपुर उद्योग व्यापार मंडल के महामंत्री कृपाशंकर त्रिवेदी ने कहा कि सुधार लागू होने से राजस्व भी बढ़ सकेगा। पिछले साल भी सितंबर में जीएसटी दरों में कमी की गई थी। अब नवरात्र शुरू हो रहे हैं। इससे बाजार में सकारात्मक माहौल दिखेगा। छोटे व्यापारी नोटिस के बंधन से मुक्त होंगे।
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इंसेट--
ईमानदारी से कारोबार करने वालों के बीच बढ़ेगा भरोसा
कानपुर। प्रोविंशियल इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष अतुल सेठ ने कहा कि 57वीं जीएसटी काउंसिल की बैठक में लिए गए निर्णय उद्योग और व्यापार जगत के लिए काफी सकारात्मक हैं। इससे ईमानदारी से कारोबार करने वाले व्यापारियों और उद्यमियों में काफी विश्वास पैदा होगा।
उन्होंने कहा कि कर संबंधी मामलों में गलती और जानबूझकर की गई कर चोरी के बीच स्पष्ट अंतर होना चाहिए, यह निर्णय इसी भावना को मजबूत करता है। भारतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के प्रदेश अध्यक्ष ज्ञानेश मिश्र ने कहा कि बिना न्यायालय की मंजूरी के गिरफ्तारी की व्यवस्था को समाप्त करने का प्रस्ताव स्वागत योग्य कदम है। इससे व्यापारियों में भय का माहौल कम होगा और कर प्रशासन में विश्वास मजबूत होगा।
कैट के राष्ट्रीय संयुक्त महासचिव पंकज अरोड़ा ने बताया कि इन फैसलों से छोटे व्यापारियों, एमएसएमई को बड़ी राहत मिलेगी। सामान्य जुर्माने को 25,000 से घटाकर 10,000 किया गया है। पात्र रिफंड दावों के 90 प्रतिशत मामलों को 3 कार्य दिवस में स्वतः प्रोसेस करने का निर्णय सराहनीय है। रिफंड आवेदन की अवधि 15 दिन से घटाकर 10 दिन करना भी स्वागत योग्य है। छोटे विक्रेताओं के लिए ई-कॉमर्स प्लेटफार्म तक आसान पहुंच व्यापार के नए अवसर पैदा करेगी।
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जीएसटी काउंसिल की बैठक में जीएसटी अधिकारियों से गिरफ्तारी की शक्ति वापस लेने या सीमित करने, 10 हजार या इससे कम मौद्रिक सीमा वाले मामलों में नोटिस जारी न किए जाने का निर्णय लिया गया है। इसके अलावा जीएसटी चोरी के आपराधिक मामले शुरू करने की सीमा बढ़ाकर पांच करोड़ रुपये किए जाने का प्रस्ताव किया गया है।
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फीटा के महासचिव उमंग अग्रवाल और कानपुर कपड़ा कमेटी के अध्यक्ष वीरेंद्र गुलाटी का कहना है कि गिरफ्तारी की शक्ति वापस लेने से विभागों की मनमानी कम होगी। कारोबारी और व्यापारियों का उत्पीड़न खत्म हो सकेगा। सुधारों में अभियोजन का दायरा सीमित करने की बात है ताकि वर्गीकरण, मूल्यांकन और इनपुट टैक्स क्रेडिट से जुड़े सामान्य विवादों में आपराधिक कार्रवाई न हो। जीएसटी पंजीकरण आसान करने, रिफंड में तेजी, आईटीसी प्रक्रिया सरल करने तथा कारण बताओ नोटिस और दंड संबंधी प्रावधानों में बदलाव भी प्रस्तावित हैं। इससे भयमुक्त कारोबार करना आसान होगा। कानपुर उद्योग व्यापार मंडल के महामंत्री कृपाशंकर त्रिवेदी ने कहा कि सुधार लागू होने से राजस्व भी बढ़ सकेगा। पिछले साल भी सितंबर में जीएसटी दरों में कमी की गई थी। अब नवरात्र शुरू हो रहे हैं। इससे बाजार में सकारात्मक माहौल दिखेगा। छोटे व्यापारी नोटिस के बंधन से मुक्त होंगे।
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ईमानदारी से कारोबार करने वालों के बीच बढ़ेगा भरोसा
कानपुर। प्रोविंशियल इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष अतुल सेठ ने कहा कि 57वीं जीएसटी काउंसिल की बैठक में लिए गए निर्णय उद्योग और व्यापार जगत के लिए काफी सकारात्मक हैं। इससे ईमानदारी से कारोबार करने वाले व्यापारियों और उद्यमियों में काफी विश्वास पैदा होगा।
उन्होंने कहा कि कर संबंधी मामलों में गलती और जानबूझकर की गई कर चोरी के बीच स्पष्ट अंतर होना चाहिए, यह निर्णय इसी भावना को मजबूत करता है। भारतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के प्रदेश अध्यक्ष ज्ञानेश मिश्र ने कहा कि बिना न्यायालय की मंजूरी के गिरफ्तारी की व्यवस्था को समाप्त करने का प्रस्ताव स्वागत योग्य कदम है। इससे व्यापारियों में भय का माहौल कम होगा और कर प्रशासन में विश्वास मजबूत होगा।
कैट के राष्ट्रीय संयुक्त महासचिव पंकज अरोड़ा ने बताया कि इन फैसलों से छोटे व्यापारियों, एमएसएमई को बड़ी राहत मिलेगी। सामान्य जुर्माने को 25,000 से घटाकर 10,000 किया गया है। पात्र रिफंड दावों के 90 प्रतिशत मामलों को 3 कार्य दिवस में स्वतः प्रोसेस करने का निर्णय सराहनीय है। रिफंड आवेदन की अवधि 15 दिन से घटाकर 10 दिन करना भी स्वागत योग्य है। छोटे विक्रेताओं के लिए ई-कॉमर्स प्लेटफार्म तक आसान पहुंच व्यापार के नए अवसर पैदा करेगी।
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