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कानून के रखवालों ने तोड़ा कानून

Tue, 05 Apr 2016 01:05 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/कानपुर
अमर उजाला ब्यूरो/कानपुर Updated Tue, 05 Apr 2016 01:05 AM IST
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Broke the law by the Guardians of the Law
कानपुर कचहरी के शताब्दी द्वार के सामने रोड जाम कर सड़क पर बैठ प्रदर्शन करते वकील। - फोटो : amarujala

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कानपुर। साथी की गिरफ्तारी से गुस्साए वकीलों ने सोमवार को हड़ताल कर जमकर हंगामा किया। कोर्ट परिसर और कलक्ट्रेट में तोड़फोड़ की। दुकानें बंद कराते हुए जाम लगा दिया। पुलिसकर्मियों और राहगीरों से धक्का-मुक्की की। कचहरी, कलक्ट्रेट और रजिस्ट्री दफ्तर में काम नहीं होने दिया। इस कारण वादकारी और फरियादी लौट गए। जाम और, वकीलों के उपद्रव से डरी और सहमी पब्लिक इधर-उधर से निकलने का प्रयास करती रही। और तो और अफसर भी बचने के लिए इधर-उधर हो लिए। वहीं आए दिन वकीलों की अभद्रता से नाराज कलक्ट्रेट के कर्मचारियों ने काम बंद कर अफसरों से           सुरक्षा मांगी।
बिल्डर दंपति से मारपीट के मामले में पुलिस ने अधिवक्ता राम नारायण पांडेय को गिरफ्तार कर रविवार को कोर्ट में पेश किया था। कोर्ट ने उन्हें जेल भेज दिया था। इससे नाराज बार एसोसिएशन ने सोमवार सुबह हड़ताल की घोषणा कर दी। इसके बाद कई गुटों में वकीलों ने नारेबाजी करते हुए कचहरी में काम बंद करा दिया।
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वकीलों ने आस-पास की दुकानें भी बंद करा दीं। सुबह 10:30 बजे शताब्दी गेट के सामने जाम लगा दिया। कुछ राहगीरों ने बचकर निकलने का प्रयास किया तो वकीलों ने अभद्रता की।
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 वकीलों ने कचहरी में कई कोर्ट के बाहर तोड़फोड़ कर दी। विरोध जताने पर पुलिसकर्मियों से धक्का-मुक्की की। वकील नारेबाजी करते हुए कलक्ट्रेट पहुंचे और काम बंद करा दिया। वकीलों का एक गुट नई बिल्डिंग में पहुंचा। वहां एसीएम 7 पूजा अग्निहोत्री के दफ्तर में काम बंद कराते हुए तोड़फोड़ शुरू कर दी। कुर्सियां पलट दीं।

कोर्ट में फर्नीचर तोड़ दिया। उनके चुनाव दफ्तर में रखे कंप्यूटर और अन्य सामान फेंक दिए। वकीलों के उपद्रव के दौरान सिटी मजिस्ट्रेट अमर पाल सिंह सभी एसीएम की बैठक ले रहे थे। कलक्ट्रेट में कोई अफसर नहीं रहा। डेढ़ बजे के बाद कलक्ट्रेट में एडीएम फाइनेंस और एडीएम सिटी पहुंचे। वकीलों के प्रतिनिधिमंडल से वार्ता के बाद एसीएमएम कोर्ट ने अधिवक्ता राम नारायण पांडेय को पर्सनल बांड पर रिहा करने का आदेश दिया। तब जाकर वकीलों का गुस्सा शांत हुआ।

 
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